Who is Rahul Bhatia: भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन, इंडिगो ने मंगलवार को एक चौंकाने वाली घोषणा की. कंपनी के CEO) पीटर एल्बर्स ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. हालांकि एल्बर्स का कार्यकाल 2027 तक था, लेकिन न तो उन्होंने और न ही इंडिगो ने इस अचानक लिए गए फैसले का कोई स्पष्ट कारण बताया है. गौर करने वाली बात यह है कि यह इस्तीफा उन बड़े विवादों के ठीक तीन महीने बाद आया है, जब एयरलाइन को भारी उड़ानों की कटौती का सामना करना पड़ा था और एल्बर्स सीधे निशाने पर थे.
‘मैं हूँ ना’
इंडिगो के प्रेस बयान के अनुसार, जब तक नया सीईओ नहीं मिल जाता, तब तक मैनेजिंग डायरेक्टर राहुल भाटिया कंपनी के कामकाज संभालेंगे. बोर्ड के चेयरमैन विक्रम सिंह मेहता ने कहा, ‘राहुल कंपनी की संस्कृति को मजबूत करने, ऑपरेशनल उत्कृष्टता को फिर से स्थापित करने और ग्राहकों को बेहतरीन सेवा देने की प्रतिबद्धता को गहरा करने के लिए वापस लौट रहे हैं.’ इस्तीफे के बाद कर्मचारियों को लिखे एक भावुक ईमेल में राहुल भाटिया ने स्वीकार किया कि ‘पिछले दिसंबर में जो कुछ भी हुआ, वह कभी नहीं होना चाहिए था.’ उन्होंने आगे लिखा, ‘हमारे ग्राहक इसके हकदार नहीं थे, और न ही आप लोग, खासकर हमारे फ्रंटलाइन कर्मचारी, जिन्होंने बिना किसी गलती के इस पूरे संकट का खामियाजा भुगता.’
भाटिया ने जोर देकर कहा कि उन्होंने 22 वर्षों तक इंडिगो को सींचा है और वे देश, ग्राहकों और कर्मचारियों के प्रति अपनी जिम्मेदारी को बखूबी समझते हैं. उन्होंने शाहरुख खान के मशहूर डायलॉग के साथ अपनी बात खत्म की ‘मैं हूँ ना’
कौन हैं राहुल भाटिया?
जब हम भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन, इंडिगो (IndiGo) की बात करते हैं, तो इसके पीछे राहुल भाटिया का नाम प्रमुखता से आता है इंटरग्लोब एविएशन लिमिटेड की नींव राहुल भाटिया और राकेश गंगवाल ने मिलकर रखी थी. आज राहुल भाटिया इस पूरी कंपनी के ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर के तौर पर कमान संभाल रहे हैं. साल 1989 में शुरू हुई यह कंपनी आज न केवल एयर ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट में एक दिग्गज नाम है, बल्कि मार्केट शेयर के मामले में भी भारत की नंबर वन एयरलाइन बन चुकी है. कंपनी में राकेश गंगवाल की हिस्सेदारी लगभग 13.5% है.
राहुल भाटिया की पढ़ाई और विजन
शिक्षा की बात करें तो इंटरग्लोब की वेबसाइट के मुताबिक, राहुल भाटिया ने अपनी इंजीनियरिंग की डिग्री कनाडा की ओंटारियो स्थित ‘यूनिवर्सिटी ऑफ वॉटरलू’ से ली है, जहाँ उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की. लेकिन उनका विजन सिर्फ डिग्री तक सीमित नहीं रहा. उनके नेतृत्व में इंडिगो ने केवल आसमान में ही नहीं, बल्कि जमीन पर भी अपना विस्तार किया. आज यह कंपनी हॉस्पिटैलिटी, लॉजिस्टिक्स, टेक्नोलॉजी, एयरलाइन मैनेजमेंट से लेकर पायलट ट्रेनिंग और एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस जैसे कई क्षेत्रों में अपनी धाक जमा चुकी है.
कितनी है राहुल भाटिया की संपत्ति?
राहुल भाटिया की मेहनत का अंदाजा उनकी नेटवर्थ से भी लगाया जा सकता है. फोर्ब्स के अनुसार, उनकी कुल संपत्ति लगभग 8.1 बिलियन डॉलर है, जो उन्हें दुनिया के अरबपतियों की फेहरिस्त में 420वें स्थान पर खड़ा करती है. इंटरग्लोब एविएशन के प्रमोटर होने के साथ-साथ, शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार एयरलाइन में उनकी सीधी हिस्सेदारी 0.01% है, जो करीब 40,000 शेयरों के बराबर बैठती है.
पिछले दिसंबर का वो संकट
दिसंबर 2025 में पायलटों की कमी (जो FTDL नियमों के कारण हुई थी) की वजह से इंडिगो को बड़े स्तर पर उड़ानें रद्द करनी पड़ी थीं. इसके चलते देश भर में हजारों यात्री फंस गए थे. इस संकट के बाद नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने इंडिगो पर ₹22.2 करोड़ का भारी जुर्माना लगाया था और सीधे एल्बर्स को नोटिस जारी किया था. हालांकि उस वक्त वे अपनी कुर्सी बचाने में सफल रहे थे, लेकिन इस घटना ने समय की पाबंदी के लिए जानी जाने वाली इंडिगो की साख को काफी चोट पहुंचाई थी.