हमारे फोन पर रोज सैकड़ों SMS आते हैं – OTP, बैंक अलर्ट, सरकारी नोटिफिकेशन. लेकिन क्या आपने नोटिस किया कि अब बैंक के मैसेज जैसे HDFCBK-S या सरकारी मैसेज जैसे MYGOVIN-G के अंत में S, P, G, T जैसे सफिक्स लगे रहते हैं?
ये अक्षर कोई रैंडम कोड नहीं हैं, बल्कि TRAI के नए नियम द्वारा जारी किये गए कोड हैं जो आपके डॉक्यूमेंट्स और पैसे की सुरक्षा करता है.
हर अक्षर का खास मतलब – SMS टाइप की पहचान!
ट्राई ने DLT (Distributed Ledger Technology) फ्रेमवर्क के तहत हर SMS सेंडर आईडी के अंत में एक अक्षर जोड़ना अनिवार्य किया है. इससे आपको ये पता चल जाता है कि मोबाइल में आए मैसेज का उद्देश्य क्या है और इसे किसने भेजा है. आइये ऐसे प्रत्येक कोड का मतलब समझते हैं:
S: S का अर्थ सर्विस से है. इस कोड वाले SMS बैंक, टेलिकॉम या सर्विस प्रोवाइडर से आते हैं. ये अकाउंट बैलेंस बताने, OTP, ट्रांजेक्शन कन्फर्मेशन या कोई बैंक रिलेटेड जानकारी देने के लिए आते हैं. ये मैसेज इस तरह से आते हैं; जैसे- HDFCBK-S या ICICIB-S .
P: P कोड का अर्थ प्रमोशनल से है. ये मैसेज मार्केटिंग या विज्ञापन वाले होते हैं; उदाहरण के तौर पर- ACMECO-P जैसे ऑफर, डिस्काउंट. अगर जरूरत न हो तो इन मैसेजे आईडी को आप ब्लॉक कर सकते हैं.
G: G का अर्थ सरकार से है. ये मैसेज सरकारी विभागों से जुड़े होते हैं; जैसे आयकर, पुलिस या किसी मिनिस्ट्री से. ये आमतौर पर MYGOVIN-G या INCOMETAX-G आईडी से आते हैं. इस तरह के मैसेज आने पर इग्नोर न करें, बल्कि ध्यान से पढ़ें.
T: यहां T का अर्थ Transactional से है. ये मैसेज आपके वित्तीय ट्रांजेक्शन से जुड़े होते हैं, जैसे ऑर्डर कन्फर्मेशन, शिपिंग अपडेट. ये भी महत्वपूर्ण होते हैं और बिना पढ़े इन्हें इग्नोर न करें.
इन मैसेजेस में अंतर आप इस उदाहरण से समझ सकते हैं:
उदाहरण: SBI-S से आया OTP असली है, लेकिन SBI-P प्रमोशनल हो सकता है. ये कोड साफ बताता है कि मैसेज किस कैटेगरी का है.
आपके बैंक बैलेंस की रक्षा कैसे करते हैं ये कोड?
फिशिंग स्कैमर्स अक्सर बैंक का नाम चुराकर फर्जी SMS भेजते हैं – “आपका अकाउंट ब्लॉक हो गया, OTP भेजें” TRAI के इस नियम से स्कैम स्पॉट करना आसान है. असली बैंक SMS हमेशा S या T कोड के साथ आते हैं. बिना सफिक्स या गलत कोड वाले मैसेज संदिग्ध होते हैं, उनसे किसी प्रकार का कोई OTP न शेयर करें.
इन कोड्स ने ट्रांसपेरेंसी को बढ़ावा दिया है, जिससे धोखाधड़ी के चांस बेहद कम हो जाते हैं. इसके अलावा इन कोड्स वाले मैसेजेस में फिल्टरिंग का ऑप्शन भी मौजूद है. प्रमोशनल P मैसेज को आप DND से रोक सकते हैं, लेकिन S/G कभी फिल्टर नहीं होते. इससे जरूरी अलर्ट मिस नहीं होते.
स्कैम कैसे पहचानें
किसी भी मैसेज को खोलने से पहले सेंडर आईडी चेक करें और उनके कोड पर ध्यान दें. बैंक हमेशा S/T कोड यूज करते हैं. P वाले पर अगर कोई लिंक आई है तो उसे न खोलें. मैसेज का प्रारूप देखकर भी पता चल जाता है कि ये फर्जी है या काम का है. अगर मैसेज में ये लिखा है कि तुरंत क्लिक करें वरना अकाउंट बंद, तो समझ जाइये ये जालसाजी है. असली बैंक हमेशा ऐप/वेबसाइट पर खुद चेक करने को कहते हैं.
अनजान नंबर इग्नोर करें. कभी भी 10-अंकीय नंबर से कोई OTP न शेयर करें.