चांदी में दूसरी बड़ी उछाल 2011 में आई. इस बार इसका वजह अमेरिका का कर्ज संकट था. इस समयत तक दुनिया अभी 2008 के आर्थीक संकट से उबर नहीं पाई थी. वहीं अमेरिका ने पहली बार ये माना की वह कर्ज के संकट से जूझ रहा है. जिसके बाद लोग डर गए और इन्वेस्टर्स ने सेफ हैवेन के तलाश में सोना-चांदी की ओर रुख किया.  लेकिन अमेरिका के कर्ज संकट दूर होने के बाद चांदी की कीमतें फिर से नीचे आ गई. तब 6 महीनों में दाम लगभग 30% से ज्यादा गिर गए थे. 

 चांदी का तीसरा सबसे बड़ा उझाल 2025 में देखा गया. चांदी के दाम लगभग 100% बढ़ चुके हैं. इसके चलते इसमें निवेशकों की दिलचस्पी फिर से बढ़ रही है.