Digital Payment Scam: आज के डिजिटल दौर में भुगतान करने के तरीके तेजी से बदल रहे हैं. पहले की तुलना में UPI पेमेंट करने का क्रेज लोगों में तेजी से बढ़ा है. आजकल छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े शोरूम तक हर जगह आपको QR कोड देखने के लिए मिलता है. पहले लोग केवल नगदी में ही लेन-देन करते थे, लेकिन कैश में हिसाब करने का तरीका काफी सुरक्षित था. वहीं, आजकल डिजिटल पेमेंट के दौर में धोखाधड़ी के मामले काफी तेजी से बढ़ रहे हैं.
ऐसे कई मामले सुनने को मिलते हैं, जहां लोग गलत QR कोड स्कैन करवाकर हजारों रुपये की ठगी कर लेते हैं. इसलिए किसी भी QR कोड को स्कैन करने से पहले आपको यह देख लेना चाहिए कि वह सही है या फेक तो नहीं.
कैसे होते हैं स्कैम?
आमतौर पर स्कैमर्स कुछ जानी मानी वेबसाइट या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के एजेंट होने का दावा कर आपको झांसे में लेने की कोशिश करते हैं. वे नौकरी लगवाने का झांसा देने से लेकर आपके किसी सामान को ज्यादा कीमत में बिकवाने तक के लिए कहते हैं. ऐसे में वे लालच देने के लिए आपसे अपना QR कोड शेयर करते हैं और कुछ एडवांस पैसे डालने की डिमांड करते हैं. इसके बाद आप उनके कोड को स्कैन करने के लिए जब अपना पिन डालते हैं तो ऐसे में कई बार वे आपके अकाउंट की डिटेल तक पहुंच जाते हैं और आपका खाता तक साफ कर देते हैं.
कैसे करें नकली QR कोड की पहचान?
नकली या फेक QR कोड की पहचान करने के लिए आपको सबसे पहले तो गूगल लेंस से उसे स्कैन करना चाहिए. इसके अलावा अगर कोड आपको ऊपर से चिपका हुआ या संदिग्ध नजर आ रहा है तो ऐसे में उसे स्कैन करने से बचें. इसके साथ ही अगर कोड आपको नया या थोड़ा टेढ़ा दिखाई दे रहा है तो हो सकता है कि यह भी नकली हो.
कैसे करें बचाव?
नकली QR कोड पर पेमेंट करने से बचने के लिए आपको सबसे पहले उसके सोर्स का पता लगा लेना चाहिए.
इसके अलावा आपको जल्दबाजी करने से खासतौर पर बचना चाहिए क्योंकि स्कैमर्स आपसे हड़बड़ी में पेमेंट करा लेते हैं.
ध्यान रखें कि पैसे रिसीव करने के लिए आपको अपना पिन नंबर डालने की आवश्यकता नहीं है.
धोखाधड़ी से बचने के लिए आपको URL की जांच भी कर लेनी चाहिए.