सोचिये अगर किसी के पास एक साथ 8000 ईमेल आ जाएं तो! क्या आप सारे ईमेल का जवाब दे पाएंगे? स्वाभाविक है इतने सारे ईमेल्स का जवाब देना संभव नहीं है. ऐसा ही कुछ जोमैटो के फाउंडर दीपिंदर गोयल के साथ हुआ है.
हाल ही में जोमैटो (अब Eternal) के वाइस प्रेसिडेंट दीपिंदर गोयल ने जब पूर्व कर्मचारियों को वापस आने का न्योता दिया, तो 4,000 एक्स-एम्प्लॉयी और हजारों नए उम्मीदवारों ने इसके लिए ईमेल किया. इतने सारे ईमेल्स देखने के बाद दीपिंदर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करके प्रतिक्रिया दी, जो काफी वायरल हो रही है.
क्या है पूरा मामला?
Eternal (पूर्व जोमैटो) के फाउंडर दीपिंदर गोयल ने back@eternal.com पर पूर्व कर्मचारियों को वापस आने का न्योता दिया था. इसके बाद हफ्तेभर के अंदर ही 8,000 ईमेल आ गए, जिसमें 4,000 पूर्व एम्प्लॉयी थे, बाकी नए लोगों के ईमेल्स थे. गोयल ने X पर लिखा, “ये रिस्पॉन्स उम्मीद से कहीं ज्यादा था, ज्यादातर इमोशनल स्टोरीज भरी हैं.” गोयल ने कहा कि करंट टीम के पास पुरानी हिस्ट्री का कांटेक्स्ट नहीं है, इसलिए वे खुद ईमेल पढ़ रहे हैं.
A quick update on back@eternal.com
Over the last week, we received over 8,000 emails. About 4,000 from people who have been part of the Eternal journey at some point. Rest from people who haven’t worked here but want to. Thank you so much for this. I didn’t expect this at all.…
— Deepinder Goyal (@deepigoyal) February 11, 2026
उन्होंने कहा, “हमारी मौजूदा टीम के कई सदस्यों को उन लोगों के बारे में कोई जानकारी नहीं है जो पांच, दस, पंद्रह साल पहले चले गए थे. इन ईमेल को सही मायने में पढ़ने और किसे जवाब देना है, यह जानने वाला एकमात्र व्यक्ति मैं ही हूं. 8,000 ईमेल पढ़ना इंसानी ताकत से बाहर है, टाइम लगेगा. लेकिन डायरेक्ट रिपोर्टर्स के लिए समाधान– मेरा नंबर ढूंढो और व्हाट्सऐप करो!” यह पोस्ट देखते ही देखते वायरल हो गया, लोगों ने कमेंट्स में कंपनी के वर्क कल्चर की तारीफ की.
कंपनी का बैकग्राउंड
Eternal Limited (2025 में रीब्रांडेड) में Blinkit, Hyperpure, District शामिल हैं. हाल ही में गोयल CEO का पद छोड़कर वाइस चेयरमैन बने हैं. कैंपेन में पुरानी लीडरशिप फेल्यर्स को माना और “कम chaotic” एनवायरनमेंट देने का वादा किया. बता दें कि 3 फरवरी को पोस्ट किए गए एक खुले संदेश में, इटरनल (पूर्व में ज़ोमैटो) के संस्थापक और उपाध्यक्ष दीपेंद्र गोयल ने पूर्व कर्मचारियों से संपर्क करते हुए कहा था कि कंपनी विकसित हुई है, पिछले अनुभवों से सीख ली है, और उन लोगों का स्वागत करने के लिए तैयार है जो कभी ज़ोमैटो की यात्रा का हिस्सा थे. इसके बाद से ही लोगों के आवेदनों की भरमार आ गई है.