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‘भारत की शान’ अखिल पोद्दार ने चुनी लेक सिटी उदयपुर, भारतीय पर्यटन को दिया मजबूत समर्थन

Udaipur: उद्योग जगत में अपनी दूरदर्शिता, अनुशासित जीवनशैली और प्रभावशाली नेतृत्व के लिए पहचाने जाने वाले अखिल पोद्दार ने इस बार अपने अवकाश के लिए किसी विदेशी गंतव्य के बजाय भारत की सांस्कृतिक राजधानी कहे जाने वाले राजस्थान को चुना.

Udaipur: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और उससे उत्पन्न वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार देशवासियों से घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने और भारत के भीतर ही यात्रा करने का आह्वान कर रहे हैं. जाहाँ लोग अपनी यात्रा को लेकर असमंजस में है  वहीँ राजस्थान के जाने-माने युवा उद्योगपति अखिल पोद्दार ने एक बार फिर अपनी अलग सोच और भारतीय मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता का परिचय दिया है. उद्योग जगत में अपनी दूरदर्शिता, अनुशासित जीवनशैली और प्रभावशाली नेतृत्व के लिए पहचाने जाने वाले अखिल पोद्दार ने इस बार अपने अवकाश के लिए किसी विदेशी गंतव्य के बजाय भारत की सांस्कृतिक राजधानी कहे जाने वाले राजस्थान को चुना. उन्होंने अपना कीमती समय उदयपुर की खूबसूरत झीलों, शाही विरासत और विश्वस्तरीय आतिथ्य के बीच बिताया, जो भारतीय पर्यटन के प्रति उनके विश्वास को दर्शाता है.

भारतीय संस्कृति के प्रति जुड़ाव

जयपुर के प्रतिष्ठित उद्योगपति के रूप में पहचान बना चुके अखिल पोद्दार केवल अपनी व्यावसायिक उपलब्धियों के लिए ही नहीं, बल्कि संतुलित जीवनशैली और भारतीय संस्कृति के प्रति अपने जुड़ाव के लिए भी जाने जाते हैं. कम उम्र में व्यवसाय की जिम्मेदारियां संभालने से लेकर आधुनिक सोच के साथ अपने उद्योग समूह को नई दिशा देने तक, उन्होंने लगातार यह साबित किया है कि सफलता केवल कारोबार तक सीमित नहीं होती, बल्कि समाज और देश के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है. यही कारण है कि आज उन्हें नई पीढ़ी के प्रेरणादायक उद्यमियों में गिना जाता है

उदयपुर प्रवास के दौरान अखिल पोद्दार को जो आतिथ्य और सम्मान प्राप्त हुआ, उसने इस साधारण  यात्रा का रूप बदलकर इसे  बहुत अधिक विशेष बना दिया. ओबेरॉय उदयविलास पहुंचने पर उनका स्वागत अत्यंत गरिमामय और भव्य अंदाज में किया गया. होटल प्रबंधन ने उनके लिए विशेष व्यवस्थाएं कीं और सम्मान स्वरूप उन्हें प्रतिष्ठित कोहिनूर सुइट में ठहराया गया, जिसे होटल की सबसे शानदार और विशिष्ट आवासीय सुविधाओं में गिना जाता है.

उच्चतम मानकों का परिचय

पूरे प्रवास के दौरान होटल की टीम ने अतिथि सत्कार के उच्चतम मानकों का परिचय दिया. इस उत्कृष्ट अनुभव के पीछे होटल के जनरल मैनेजर मोहित मल्होत्रा का नेतृत्व विशेष रूप से देखने को मिला, जिनकी देखरेख में हर व्यवस्था अत्यंत सावधानी और पेशेवर तरीके से संचालित हुई . उनकी नेतृत्व क्षमता और अतिथियों के प्रति व्यक्तिगत प्रतिबद्धता ने यह सुनिश्चित किया कि अखिल पोद्दार का प्रत्येक क्षण आरामदायक, सुखद और यादगार बने. वहीं फ्रंट ऑफिस मैनेजर नायरविता बासु ने भी अपने समर्पण, दक्षता और व्यक्तिगत ध्यान से पूरे अनुभव को और अधिक विशेष बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

अखिल पोद्दार ने अपने प्रवास के दौरान महसूस किया कि ओबेरॉय उदयविलास केवल एक लग्जरी होटल नहीं, बल्कि भारतीय आतिथ्य की उस परंपरा का जीवंत उदाहरण है जहां अतिथि को सर्वोच्च सम्मान दिया जाता है. होटल के कर्मचारियों की गर्मजोशी, विनम्रता और हर छोटी-बड़ी आवश्यकता पर ध्यान देने की भावना ने उन्हें विशेष रूप से प्रभावित किया.

गर्मजोशी भरी विदाई

प्रवास के समापन पर होटल प्रबंधन द्वारा दी गई गर्मजोशी भरी विदाई ने इस अनुभव को और भी यादगार बना दिया. जिस आत्मीयता और सम्मान के साथ उनका स्वागत किया गया था, उसी गरिमा और स्नेह के साथ उन्हें विदा भी किया गया. अखिल पोद्दार ने होटल की पूरी टीम के प्रति अपनी हार्दिक सराहना व्यक्त करते हुए कहा कि ओबेरॉय उदयविलास में बिताया गया समय लंबे समय तक उनकी स्मृतियों का हिस्सा रहेगा. 

श्री पोद्दार के अनुसार उनके अनुसार यात्रा व्यक्ति को नई ऊर्जा, नई सोच और नए दृष्टिकोण प्रदान करती है. यही कारण है कि उन्होंने इस बार अंतरराष्ट्रीय यात्रा के बजाय भारत में ही अपना अवकाश बिताने का निर्णय लिया. उनका मानना है कि भारत में मौजूद पर्यटन स्थलों, प्राकृतिक सौंदर्य और लग्जरी हॉस्पिटैलिटी का स्तर किसी भी वैश्विक गंतव्य से कम नहीं है. 

यात्रा का उद्देश्य

अखिल पोद्दार का यह दौरा केवल एक निजी अवकाश यात्रा नहीं था, बल्कि भारतीय पर्यटन और आतिथ्य उद्योग में उनके विश्वास का भी प्रतीक बनकर सामने आया. ऐसे समय में जब वैश्विक परिस्थितियां अनिश्चित बनी हुई हैं, देश के भीतर पर्यटन को बढ़ावा देना न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देता है बल्कि भारत की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को भी नई पहचान प्रदान करता है. उनकी इस यात्रा का उद्देश्य युवाओं को यह सन्देश देना भी था की कठिन परिस्थितियों में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से देश की लीडरशिप को सपोर्ट करना हर नागरिक, विशेषकर युवाओं की ज़िम्मेदारी है.  श्री पोद्दार की उत्कृष्ट सोच देश के लिए उनकी भावनाओ को दर्शाती हैऔर शायद यही  वजह है की वे ‘ ‘भारत की शान” पुरुस्कार से सम्मानित है.  

कुल मिलाकर, उदयपुर में अखिल पोद्दार का यह प्रवास भारतीय पर्यटन की बढ़ती संभावनाओं, राजस्थान की सांस्कृतिक समृद्धि और देश के विश्वस्तरीय आतिथ्य उद्योग का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आया है. यह यात्रा इस बात का संदेश भी देती है कि भारत में ही ऐसे अनेक गंतव्य मौजूद हैं जो यादगार अनुभव, सांस्कृतिक समृद्धि और विश्वस्तरीय सुविधाओं का अद्भुत संगम प्रस्तुत करते हैं.द्भुत संगम प्रस्तुत करते हैं.

Divyanshi Singh

दिव्यांशी सिंह उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले की रहने वाली हैं। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की पढ़ाई की है और पिछले 4 सालों से ज्यादा वक्त से पत्रकारिता के क्षेत्र में हैं। जियो-पॉलिटिक्स और स्पोर्टस में काम करने का लंबा अनुभव है।

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Divyanshi Singh

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