BSF ITBP NIA IPS Story: भारत सरकार ने देश की आंतरिक और सीमा सुरक्षा को और मज़बूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए सीमा सुरक्षा बल (BSF), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के शीर्ष पदों पर नए अधिकारियों की नियुक्ति की है. इन बदलावों को ऐसे समय में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जब देश को सीमा सुरक्षा और आतंकवाद से जुड़े कई जटिल सुरक्षा चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है.
IPS प्रवीण कुमार संभालेंगे BSF की कमान (IPS Praveen Kumar)
1993 बैच के IPS अधिकारी प्रवीण कुमार पश्चिम बंगाल कैडर से हैं. इनको सीमा सुरक्षा बल का पूर्णकालिक महानिदेशक नियुक्त किया गया है. इससे पहले वे ITBP के प्रमुख थे और BSF का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रहे थे. तीन दशक से अधिक के अपने करियर में प्रवीण कुमार ने राज्य और केंद्र, दोनों स्तरों पर अहम जिम्मेदारियां निभाई हैं. इंटेलिजेंस ब्यूरो और सीमावर्ती क्षेत्रों में उनके अनुभव ने उन्हें एक मजबूत रणनीतिक नेतृत्वकर्ता के रूप में स्थापित किया है.
शैक्षणिक रूप से भी उनका प्रोफाइल प्रभावशाली है. उनके पास B.Tech, M.Phil, और पुलिस प्रबंधन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा है. इसके अलावा, उन्होंने नेशनल डिफेंस कॉलेज, नई दिल्ली से राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक अध्ययन का विशेष प्रशिक्षण भी प्राप्त किया है, जो उनकी निर्णय क्षमता को और मजबूत बनाता है.
आईपीएस शत्रुजीत सिंह कपूर: ITBP को मिले अनुभवी नेतृत्वकर्ता (IPS Shatrujeet Kapur)
हरियाणा कैडर के 1990 बैच के IPS अधिकारी शत्रुजीत सिंह कपूर को भारत-तिब्बत सीमा पुलिस का नया महानिदेशक बनाया गया है. वे ऐसे समय में ITBP की कमान संभाल रहे हैं, जब चीन से लगी ऊंचाई वाली सीमाओं पर सुरक्षा बेहद संवेदनशील बनी हुई है. कपूर इससे पहले हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (DGP) रह चुके हैं. हालांकि उनकी औपचारिक शैक्षणिक डिग्रियों की जानकारी सार्वजनिक रूप से सीमित है, लेकिन उनका लंबा प्रशासनिक और फील्ड अनुभव ITBP जैसे चुनौतीपूर्ण बल के लिए बेहद अहम माना जा रहा है.
आईपीएस राकेश अग्रवाल: NIA की कमान संभालेंगे जांच विशेषज्ञ (IPS Rakesh Aggarwal)
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) का नेतृत्व अब 1994 बैच के IPS अधिकारी राकेश अग्रवाल के हाथों में है. हिमाचल प्रदेश कैडर के अग्रवाल इससे पहले अंतरिम निदेशक के रूप में सेवाएं दे रहे थे. उनके पास मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक और मैनेजमेंट में मास्टर डिग्री है, जो उनकी विश्लेषणात्मक और नेतृत्व क्षमता को दर्शाती है. आतंकवाद विरोधी मामलों और जटिल जांचों में उनका अनुभव NIA के लिए एक बड़ी ताकत माना जा रहा है.
सुरक्षा तंत्र के लिए क्या मायने रखती हैं ये नियुक्तियां?
इन नियुक्तियों से साफ संकेत मिलता है कि सरकार अनुभव, रणनीतिक सोच और अकादमिक मजबूती को सुरक्षा एजेंसियों के नेतृत्व में प्राथमिकता दे रही है. जहां प्रवीण कुमार सीमाओं की सुरक्षा को मज़बूत करेंगे, वहीं शत्रुजीत कपूर दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में ITBP की भूमिका को और प्रभावी बनाएंगे. दूसरी ओर, राकेश अग्रवाल के नेतृत्व में NIA आतंकवाद और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों पर और सख़्ती से काम करेगी. कुल मिलाकर ये बदलाव भारत की सुरक्षा व्यवस्था को भविष्य की चुनौतियों के लिए और अधिक सक्षम बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम माने जा रहे हैं.