Success Story: भारत के तेजी से बढ़ते डिजिटल कॉमर्स इकोसिस्टम में स्वाति भार्गव (Swati Bhargava) एक जाना-पहचाना नाम हैं. कैशकरो और अर्नकरो की को-फाउंडर स्वाति ने एफिलिएट मार्केटिंग सेक्टर को नई पहचान दी है. अंबाला जैसे छोटे शहर से निकलकर उन्होंने न सिर्फ ग्लोबल शिक्षा हासिल की, बल्कि भारतीय स्टार्टअप दुनिया में भी अपनी मजबूत छाप छोड़ी हैं.
हरियाणा के अंबाला में पली-बढ़ीं स्वाति को परिवार से मेहनत, अनुशासन और आर्थिक आत्मनिर्भरता के संस्कार मिले. आगे चलकर उन्हें लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (LSE) में पढ़ाई के लिए स्कॉलरशिप मिली. LSE में शिक्षा ने उनके दृष्टिकोण को अंतरराष्ट्रीय बनाया और उन्हें डिजिटल बिजनेस मॉडल की गहरी समझ दी.
2013 में शुरू हुआ कैशबैक का सफर
साल 2013 में स्वाति और उनके पति रोहन ने CashKaro की शुरुआत की. उस समय भारत में स्टार्टअप इकोसिस्टम आज जितना विकसित नहीं था. सीमित फंडिंग, नए मॉडल पर भरोसे की कमी और बाजार में जागरूकता की चुनौती थी. यूके में हनीमून के दौरान ऑनलाइन टिकट बुकिंग पर मिले कैशबैक अनुभव ने उन्हें यह सोचने पर मजबूर किया कि भारत में भी ऐसा प्लेटफॉर्म होना चाहिए, जो ग्राहकों को खरीदारी पर बचत दिलाए.
परफॉर्मेंस-आधारित मॉडल ने बदली तस्वीर
भारत में ई-कॉमर्स के विस्तार के साथ ब्रांड्स के लिए कस्टमर एक्विजिशन कॉस्ट (CAC) तेजी से बढ़ रही थी. CashKaro ने परफॉर्मेंस-बेस्ड मार्केटिंग मॉडल अपनाया, जिसमें ब्रांड्स केवल वास्तविक बिक्री पर कमीशन देते हैं. इससे ब्रांड्स को असली ग्राहक मिलते हैं और यूजर्स को कैशबैक का लाभ. आज कंपनी ने Amazon, Flipkart और Myntra सहित 1000+ ब्रांड्स के साथ साझेदारी की है। कुछ मार्केटप्लेस के लिए 30-40 गुना तक ROAS हासिल करना इसकी मजबूती दर्शाता है. वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी ने 4,000 करोड़ रुपये से अधिक का GMV दर्ज किया और 1,000 करोड़ रुपये से ज्यादा कैशबैक वितरित किया.
EarnKaro: नेटवर्क से कमाई का नया जरिया
2019 में लॉन्च हुआ EarnKaro प्लेटफॉर्म छात्रों, इन्फ्लुएंसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स को अपने नेटवर्क के जरिए कमाई का अवसर देता है. 40 लाख से अधिक यूजर्स इस प्लेटफॉर्म से जुड़ चुके हैं.
‘डबल डिपिंग’ से बढ़ाएं बचत
कैशकरो के जरिए खरीदारी करने पर ब्रांड्स द्वारा दिए गए कमीशन का हिस्सा ग्राहकों को कैशबैक के रूप में मिलता है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार स्वाति बताती हैं कि ‘डबल डिपिंग’ तकनीक यानी बैंक ऑफर, वॉलेट डिस्काउंट और कैशबैक को मिलाकर अधिकतम बचत का स्मार्ट तरीका है. साथ ही, रेफरल प्रोग्राम से यूजर्स अपने दोस्तों की खरीदारी पर अतिरिक्त 10% तक कमा सकते हैं.