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COIN Vs DRI: कस्टम ओवरसीज इंटेलिजेंस और रेवेन्यू इंटेलिजेंस में क्या है फर्क, कौन है दोनों में पावरफुल? पढ़िए डिटेल

COIN Vs DRI: भारत में तस्करी और आर्थिक अपराध रोकने के लिए COIN और DRI अहम एजेंसियां हैं. दोनों का उद्देश्य समान है, लेकिन उनकी भूमिका, कार्यक्षेत्र और अधिकार एक-दूसरे से अलग हैं.

Written By: Munna Kumar
Last Updated: January 24, 2026 14:34:49 IST

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COIN Vs DRI: भारत में तस्करी, आर्थिक अपराध और सीमा-पार अवैध गतिविधियों से निपटने के लिए कई विशेष एजेंसियां काम करती हैं. इनमें Customs Overseas Intelligence (COIN) और Directorate of Revenue Intelligence (DRI) दो ऐसे नाम हैं, जिन्हें लेकर आम लोगों में अक्सर भ्रम रहता है. दोनों का मकसद देश के आर्थिक हितों की रक्षा करना है, लेकिन उनकी भूमिका, काम करने का तरीका और शक्तियां अलग-अलग हैं.

COIN क्या है और इसका काम क्या होता है?

कस्टम्स ओवरसीज़ इंटेलिजेंस नेटवर्क (COIN) भारत की एक अंतरराष्ट्रीय खुफिया इकाई है, जो सीमा शुल्क से जुड़े मामलों पर नज़र रखती है. इसका मुख्य काम विदेशों से तस्करी, ड्रग ट्रैफिकिंग, ट्रेड फ्रॉड और कस्टम ड्यूटी चोरी से जुड़ी जानकारी इकट्ठा करना होता है, ताकि भारत को होने वाले नुकसान को समय रहते रोका जा सके.

COIN के अधिकारी आमतौर पर विदेशों में भारतीय दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों में तैनात रहते हैं. वे विदेशी कस्टम एजेंसियों और अंतरराष्ट्रीय जांच संस्थाओं के साथ समन्वय बनाकर काम करते हैं. COIN की भूमिका पूरी तरह रणनीतिक और निवारक होती है. यह सीधे कार्रवाई नहीं करता, बल्कि भारत की एजेंसियों को पहले से सतर्क करता है.

DRI क्या है और क्यों मानी जाती है ताकतवर?

राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI), CBIC के अंतर्गत काम करने वाली भारत की सबसे शक्तिशाली एंटी-स्मगलिंग एजेंसी मानी जाती है. DRI देश के भीतर काम करती है और इसके पास सीधे कानूनी अधिकार होते हैं.

DRI अधिकारी तलाशी और जब्ती कर सकते हैं. संदिग्धों को गिरफ्तार कर सकते हैं. साथ ही सोना, ड्रग्स, नकली आयात-निर्यात और मनी लॉन्ड्रिंग मामलों की जांच कर सकते हैं. इसके अलावा केस दर्ज कर अदालत में मुकदमा चला सकते हैं. यही वजह है कि DRI को जमीनी स्तर पर सबसे प्रभावी एजेंसी माना जाता है.

COIN और DRI में मुख्य अंतर 

नेचर COIN (Customs Overseas Intelligence) DRI (Directorate of Revenue Intelligence)
कार्य की प्रकृति विदेशी स्रोतों से खुफिया जानकारी जुटाना खुफिया जानकारी के साथ सीधे प्रवर्तन की कार्रवाई
कार्य क्षेत्र भारत के बाहर (विदेशों में तैनाती) भारत के भीतर
अधिकार सलाह देने और निवारक अलर्ट जारी करने तक सीमित तलाशी, जब्ती और गिरफ्तारी के कानूनी अधिकार
मुख्य भूमिका रणनीतिक और पूर्व चेतावनी आधारित खुफिया जमीनी स्तर पर कार्रवाई और जांच
क्षेत्राधिकार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रीय स्तर पर

कौन ज्यादा शक्तिशाली है?

अगर कानूनी ताकत की बात करें तो DRI ज्यादा शक्तिशाली है, क्योंकि वह छापेमारी और गिरफ्तारी कर सकता है. लेकिन रणनीतिक महत्व के लिहाज़ से COIN बेहद अहम है, क्योंकि उसकी दी गई सूचना के बिना कई बड़े ऑपरेशन संभव नहीं हो पाते हैं. असल में, दोनों एजेंसियां एक-दूसरे की पूरक हैं.

COIN और DRI भारत की सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता के दो मजबूत स्तंभ हैं. जहां COIN विदेशों में रहकर खतरे की आहट देता है, वहीं DRI देश के भीतर उन खतरों को खत्म करता है. दोनों मिलकर तस्करी और आर्थिक अपराधों के खिलाफ भारत की मजबूत ढाल बनाते हैं.

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