IISc Internship 2026: हाल ही में IISc में इंटर्नशिप मुख्य रूप से गर्मियों के मौसम (मई-जुलाई) के दौरान आयोजित की जाती है. इसके लिए विभिन्न विभागों और कार्यक्रमों (जैसे IAS-SRFP या CNI) के आधार पर अलग-अलग हो सकते हैं. तो वहीं, सामान्य तौर पर, फिजिक्स, इंजीनियरिंग, मैटेरियल्स साइंस और लाइफ साइंसेज जैसे क्षेत्रों में स्नातक (UG) और स्नातकोत्तर (PG) के छात्र पात्र होते हैं. तो वहीं, दूसरी तरफ अधिकांश कार्यक्रमों के लिए उम्मीदवार का शैक्षणिक रिकॉर्ड बेहतरीन होना सबसे ज्यादा जरूरी होना चाहिए. जिसमें न्यूनतम 8.0 CGPA या उससे ज्यादा की मांग की जाती है.
इतना ही नहीं, IISc में इंटर्नशिप के लाभ केवल एक प्रमाण पत्र तक सीमित नहीं हैं. जहां, चयनित इंटर्न को आधुनिक प्रयोगशालाओं (Labs) और उच्च-स्तरीय शोध उपकरणों तक पहुंच मिल जाती है. इसके साथ ही कई कार्यक्रमों में छात्रों को वजीफा (Stipend) भी दिया जाता है, जो उनके रहने और खाने के खर्च में सबसे ज्यादा मदद करता है. हालांकि, खास बात यह है कि यहां का अनुभव भविष्य में उच्च शिक्षा (PhD) और वैश्विक टेक कंपनियों में करियर बनाने के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करता है.
आवेदन प्रक्रिया और चयन के तरीके
IISc में आवेदन करने के तीन मुख्य तरीके हैं. पहला और सबसे लोकप्रिय तरीका IAS-SRFP (Indian Academy of Sciences) पोर्टल के माध्यम से है, जहां आप IISc को अपने पसंदीदा संस्थान के रूप में चुन सकते हैं. दूसरा तरीका विशिष्ट विभागों (जैसे Physics या CNI) की आधिकारिक वेबसाइटों पर जारी होने वाले सीधे आवेदनों के माध्यम से है. और तीसरा तरीका ‘कोल्ड ईमेलिंग’ है, जहां छात्र सीधे उन प्रोफेसरों को अपना CV और ‘स्टेटमेंट ऑफ पर्पस’ (SoP) भेजते हैं जिनके शोध कार्यों में उनकी रुचि देखने को मिलती है.
चयन प्रक्रिया के बाद क्या होता है सबसे ज्याा महत्वपूर्ण?
तो वहीं, दूसरी तरफ आवेदन के साथ आपको एक प्रभावशाली CV, पिछले सेमेस्टर के ग्रेड कार्ड और एक संक्षिप्त शोध प्रस्ताव (Research Proposal) जमा करना होता है. जिसके बाद कई मामलों में, प्रोफेसर उम्मीदवारों का ऑनलाइन इंटरव्यू भी ले सकते हैं. इसके अलावा सफलता के लिए सलाह भी दी जाती है कि आवेदन की समय सीमा (ज्यादातर फरवरी-मार्च) से बहुत पहले तैयारी शुरू कर दें और अपने तकनीकी कौशल (कोडिंग, डेटा विश्लेषण या लैब वर्क) को मजबूती से पेश करने की कोशिश करें.