Quiting High Paying Job: सिलिकॉन वैली में एक भारतीय मूल के सीनियर टेक्नीशियन इन दिनों खूब सुर्खियां बटोर रहे हैं. दरअसल, उन्होंने अपनी लाखों डॉलर की नौकरी को पूरी तरह से छोड़ दिया है. उनका मानना है कि सिर्फ पैसा कमना नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्वांटम कंप्यूटिंग के बदलते दौर में खुद को फिर से स्थापित करना सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होता है.
आखिर क्यों लिया इतना बड़ा जोखिम?
एक दशक तक लेगेसी सिस्टम्स पुराने सॉफ्टवेयर पर काम करने के बाद उन्होंने यह महसूस किया कि उनकी स्किल्स धीरे-धीरे पुरानी पड़ती जा रही है. इसके बाद उन्होंने सीधे किसी बड़ी कंपनी में आवेदन करने के बजाय सिर्फ 6 महीने अपनी पढ़ाई पर पूरी तरह से समर्पित कर दिया.
नौकरी छोड़ने के बजाय किया ये काम
इतना ही नहीं, उन्होंने क्लाउड आर्किटेक्चर और मशीन लर्निंग में एडवांस सर्टिफिकेशन भी हासिल किए. साथ ही अपनी तकनीकी क्षमता को एक बार फिर से साबित करने के लिए उन्होंने गिटहब (GitHub) पर महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स में योगदान देने का काम भी किया. तो वहीं, पुराने संपर्कों के अलावा उन्होंने नए दौर के स्टार्टअप संस्थापकों से मुलाकात करना सही समझा.
शानदार वापसी के साथ नया मुकाम किया हासिल
इतना ही नहीं, उन्होंने अपने शानदार वापसी से हर किसी को पूरी तरह से हैरान कर दिया. जहां, उन्हें एक प्रमुख एआई स्टार्टअप के ‘चीफ आर्किटेक्ट’ के रूप में नियुक्त किया गया. जहांस उनकी तनख्वाह न सिर्फ पुरानी नौकरी से कहीं ज्यादा थी, बल्कि उन्हें कपंनी में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी भी दी गई.
यह कहानी एक बार फिर से साबित करती है कि तकनीकी क्षेत्र में “Unlearn, Learn, and Relearn” का सिद्धांत ही आपको असल में लंबे रेस का घोड़ा बनाने में बड़ी सफलता दिला सकता है.