UPSC CSE 2025: अगर हौसले बुलंद हो तो मंजिल कितनी भी कठिन हो, लेकिन इंसान उसे प्राप्त कर ही लेता है. राजस्थान के छोटे‑से कस्बे फलोदी से आए मयंक पुरोहित ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 में ऑल इंडिया 33वीं रैंक हासिल कर IAS अधिकारी बनने का ऐसा ही कठिन सपना साकार कर लिया है.
वे एक साधारण किसान परिवार से आते हैं. मयंक की यूपीएससी यात्रा सीधी‑सादी नहीं थी. उन्हें पांच अलग‑अलग प्रयासों के दौरान असफलताएं भी झेलनी पड़ीं, लेकिन उन्होंने हर असफलता से सबक लेकर अपनी रणनीति और पढ़ने के तरीके में लगातार सुधार किया.
सॉफ्टवेयर इंजीनियर से सिविल सेवक बनने तक का सफर
मयंक ने आईआईटी आइएसएम, धनबाद से माइनिंग मशीनरी इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की है, जहां से उन्हें कंप्यूटर‑आधारित दुनिया की टेक्निकल गहराई और संरचित सोच मिली. पढ़ाई के बाद वे एक कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में काम करते रहे, लेकिन उनका लक्ष्य हमेशा से सिविल सेवा में जाना ही था. कुछ समय बाद नौकरी छोड़कर उन्होंने पूरी तरह से UPSC की तैयारी पर फोकस कर लिया.
कई असफलता के बाद मिली सफलता
मयंक का रास्ता आसान नहीं रहा. जब पहली बार उन्होंने एग्जाम दिया तो उनका प्रिलिम्स भी क्लियर नहीं हुआ और इसके बाद कुछ अन्य प्रयासों में भी असफलता ही उनके हाथ लगी, फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी. उन्होंने प्रिलिम्स तीन बार और तीन मेन्स एग्जाम दिया, दो बार तो वो इंटरव्यू में भी पहुंच गए, लेकिन किसी न किसी वजह से सफलता उनसे दूर ही रही. हालांकि उन्होंने हर असफलता को अपनी प्रेरणा बना लिया.
इस दौरान उनकी तैयारी में दृढ़ता, समय प्रबंधन और आत्मविश्वास जैसे गुण मजबूत होते गए. इससे पहले वे 2024 में IFS (इंडियन फॉरेस्ट सर्विस) में भी सफल हुए थे, जहां उन्हें ऑल इंडिया 7वीं रैंक मिली, लेकिन अपने लक्ष्य को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने UPSC CSE 2025 में कैरियर को और ऊपर ले जाने का फैसला किया. इस यात्रा में उनकी रणनीति ‘स्पष्ट लक्ष्य‑सेटिंग’, ‘स्थिर दिनचर्या’ और ‘फीडबैक लेकर सुधार’ पर आधारित रही. उनके इस कठिन परिश्रम का परिणाम यही हुआ कि आज एक अच्छी रैंक के साथ IAS अधिकारी बनने का उनका सपना पूरा हो गया.