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PhD Success Story: 15 साल का कौन है ये लड़का, जिसने क्वांटम फिजिक्स में की पीएचडी, अब मेडिकल साइंस में नई उड़ान

PhD Success Story: लॉरेंट सिमंस (Laurent Simons) ने 15 साल की उम्र में क्वांटम फिजिक्स में PhD हासिल कर दुनिया को चौंकाया. अब वह AI आधारित मेडिकल रिसर्च के ज़रिए इंसानी जीवन बेहतर बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं.

Written By: Munna Kumar
Last Updated: January 28, 2026 11:29:15 IST

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PhD Success Story: लॉरेंट सिमंस (Laurent Simons) आज दुनिया के सबसे चर्चित युवा वैज्ञानिक दिमागों में गिने जाते हैं. महज़ 15 साल की उम्र में बेल्जियम के इस छात्र ने एंटवर्प यूनिवर्सिटी से क्वांटम फिजिक्स में PhD पूरी कर ली. एक ऐसी उपलब्धि, जो आमतौर पर दशकों की पढ़ाई और रिसर्च के बाद हासिल होती है. लेकिन सिमंस की कहानी यहीं नहीं रुकी. अब उन्होंने मेडिकल साइंस में दूसरी PhD की शुरुआत की है, जिसका फोकस AI-पावर्ड बायोमेडिसिन और इंसानी जीवन को लंबा बनाने पर है.

बचपन से दिखी असाधारण प्रतिभा

लॉरेंट सिमंस के माता-पिता, अलेक्जेंडर और लिडिया सिमंस, बताते हैं कि उनके बेटे की सीखने की क्षमता शुरू से ही सामान्य बच्चों से अलग थी. शिक्षक अक्सर उनकी सीमाओं को समझने के लिए टेस्ट लेते थे. एक समय तो शिक्षकों ने उन्हें “सीखने वाला स्पंज” तक कहा, जो हर जटिल कॉन्सेप्ट को तुरंत आत्मसात कर लेता था.

हालांकि, परिवार ने कभी भी इस प्रतिभा को जल्दबाज़ी में सुर्खियों का हिस्सा नहीं बनने दिया. उन्होंने सही अकादमिक माहौल और स्थिर मार्गदर्शन को प्राथमिकता दी, जिससे लॉरेंट मीडिया हाइप की बजाय गंभीर वैज्ञानिक रिसर्च पर फोकस कर सके.

क्वांटम फिजिक्स में रिसर्च: बोस पोलारोन पर काम

क्वांटम फिजिक्स को आधुनिक विज्ञान के सबसे कठिन क्षेत्रों में माना जाता है. लॉरेंट की PhD रिसर्च बोस पोलारोन पर केंद्रित थी, एक ऐसा क्वांटम कॉन्सेप्ट जो बताता है कि बेहद ठंडे वातावरण में पार्टिकल्स कैसे व्यवहार करते हैं. “बोस” शब्द भारतीय वैज्ञानिक सत्येंद्र नाथ बोस से जुड़ा है, जिनके काम ने बोस-आइंस्टीन कंडेन्सेट जैसी अवधारणाओं की नींव रखी. इस स्तर की रिसर्च इतनी कम उम्र में करना लॉरेंट को असाधारण बनाता है.

मेडिकल साइंस और AI की ओर रुख

क्वांटम फिजिक्स के बाद, लॉरेंट सिमंस ने अपनी सोच को मानव स्वास्थ्य की ओर मोड़ा. उनकी दूसरी PhD मेडिकल साइंस में AI के इस्तेमाल पर केंद्रित है. आज मेडिकल इमेजिंग, जेनेटिक डेटा और बीमारी के पैटर्न जैसी विशाल जानकारी को समझने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अहम भूमिका निभा रहा है. उनका लक्ष्य बीमारियों की जल्दी पहचान, बेहतर इलाज और इंसानी जीवनकाल को स्वस्थ तरीके से बढ़ाना है.

एक असाधारण सफर

कई असाधारण प्रतिभाएं सिर्फ़ रफ्तार से जानी जाती हैं, लेकिन लॉरेंट सिमंस को क्लियर उद्देश्य अलग बनाता है. क्वांटम सिस्टम की जटिलता से लेकर हेल्थकेयर की वास्तविक चुनौतियों तक उनका सफर दिखाता है कि जब प्रतिभा को सही दिशा मिलती है, तो वह भविष्य को बदलने की ताकत रखती है. लॉरेंट सिमंस अभी अपने वैज्ञानिक करियर की शुरुआत में हैं, लेकिन उनकी यात्रा पहले ही यह संकेत दे चुकी है कि वे मेडिसिन और साइंस के भविष्य को नई दिशा दे सकते हैं.

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