Republic Day 2026 Indian Air Force Story: समर्पण की ताकत, अनुशासन की आदत और देश के लिए कुछ करने का अटूट विश्वास ही वो गुण हैं जो सपनों को हकीकत का आकार देते हैं. हरियाणा की फ्लाइट लेफ्टिनेंट अक्षिता धनखड़ (Flight Lieutenant Akshita Dhankar) की कहानी इसी सोच की सजीव मिसाल है. उनका सफ़र आज के उस भारत को दर्शाता है, जहां महिलाएं पूरे आत्मविश्वास के साथ नई ऊंचाइयों को छू रही हैं. 26 जनवरी, गणतंत्र दिवस के अवसर पर जब वह कर्तव्य पथ पर भारत के राष्ट्रपति के साथ तिरंगा फहराने में सहभागिता करेंगी, तब वह क्षण केवल उनके लिए गौरव का विषय नहीं होगा, वह पल भारत की एकता, उसकी संप्रभुता और सशस्त्र बलों की निस्वार्थ सेवा भावना को भी मजबूती से सामने रखेगा.
हरियाणा की मिट्टी से राष्ट्रसेवा का सपना
हरियाणा के कासनी गांव में जन्मी अक्षिता धनखड़ ऐसे क्षेत्र से आती हैं, जहां सेना में सेवा देना गर्व की बात मानी जाती है. बचपन से ही उन्होंने अनुशासन, कर्तव्य और देशभक्ति की कहानियां सुनीं. उनके पिता का रिपब्लिक डे परेड में हिस्सा लेना उनके लिए गहरी प्रेरणा बना. उसी समय उनके मन में यह सपना जन्मा कि एक दिन वह भी देश के सबसे बड़े मंच पर वर्दी में खड़ी होंगी.
NCC से नेतृत्व की मजबूत नींव
दिल्ली यूनिवर्सिटी के श्री गुरु तेग बहादुर खालसा कॉलेज में पढ़ाई के दौरान अक्षिता ने नेशनल कैडेट कॉर्प्स (NCC) जॉइन किया. यहां उन्होंने कैडेट सार्जेंट मेजर (CSM) जैसे प्रतिष्ठित रैंक तक पहुंचकर नेतृत्व क्षमता और अनुशासन का परिचय दिया. NCC की ट्रेनिंग ने उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से भारतीय सशस्त्र बलों के लिए पूरी तरह तैयार किया.
इंडियन एयर फोर्स में अधिकारी बनने का सफर
अपने सपने को साकार करने के लिए उन्होंने AFCAT परीक्षा पास की और 2 AFSB मैसूर द्वारा एडमिनिस्ट्रेशन ब्रांच के लिए चयनित हुईं. 17 जून 2023 को उन्हें फ्लाइंग ऑफिसर के रूप में कमीशन मिला और जल्द ही उन्होंने फ्लाइट लेफ्टिनेंट का रैंक हासिल किया. एडमिनिस्ट्रेशन ऑफिसर के रूप में वे पर्सनल मैनेजमेंट, लॉजिस्टिक्स और ऑपरेशनल कोऑर्डिनेशन जैसी अहम जिम्मेदारियां संभालती हैं.
गणतंत्र दिवस 2026: गौरव का ऐतिहासिक क्षण
77वें गणतंत्र दिवस परेड में उनका चयन भारतीय वायु सेना के बदलते स्वरूप को दर्शाता है. इस ऐतिहासिक अवसर पर उनकी मौजूदगी युवा लड़कियों के लिए प्रेरणा बनेगी और यह संदेश देगी कि सेना में करियर अब पहले से कहीं अधिक है.