Success Story: भारतीय मूल की विश्वप्रसिद्ध गणितज्ञ प्रोफेसर नलिनी जोशी (Nalini Joshi) को वर्ष 2025 का NSW साइंटिस्ट ऑफ द ईयर घोषित किया गया है. यह उपलब्धि इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि पहली बार किसी गणितज्ञ को न्यू साउथ वेल्स राज्य का यह सर्वोच्च वैज्ञानिक सम्मान मिला है. यह पुरस्कार गणित की उस भूमिका को रेखांकित करता है, जो भविष्य की तकनीकी चुनौतियों से निपटने में निर्णायक साबित होने वाली है.
गवर्नमेंट हाउस में सम्मान समारोह
प्रोफेसर जोशी को यह सम्मान सिडनी के गवर्नमेंट हाउस में आयोजित NSW प्रीमियर प्राइज़ फॉर साइंस समारोह के दौरान प्रदान किया गया. यह पुरस्कार उन्हें न्यू साउथ वेल्स के वैज्ञानिक समुदाय में अग्रणी स्थान पर स्थापित करता है और यह संदेश देता है कि विज्ञान और तकनीक की प्रगति में गणित की भूमिका केंद्र में है.
सिडनी विश्वविद्यालय में ऐतिहासिक योगदान
नलिनी जोशी वर्तमान में सिडनी विश्वविद्यालय में एप्लाइड मैथमेटिक्स की चेयर हैं और इंटीग्रेटेड सिस्टम्स की दुनिया की अग्रणी विशेषज्ञों में गिनी जाती हैं. उन्होंने विश्वविद्यालय में गणित की पहली महिला प्रोफेसर बनकर एक और इतिहास रचा है. उनका करियर अकादमिक उत्कृष्टता और सामाजिक जिम्मेदारी का अद्भुत संगम है.
क्वांटम युग और साइबर सुरक्षा की चुनौती
प्रोफेसर जोशी का मौजूदा शोध क्वांटम क्रिप्टोग्राफी पर केंद्रित है, जो आने वाले डिजिटल युग का सबसे अहम मुद्दा माना जा रहा है. क्वांटम कंप्यूटर जहां दवा विकास और मटीरियल साइंस में क्रांति ला सकते हैं, वहीं वे मौजूदा साइबर सुरक्षा प्रणालियों के लिए गंभीर खतरा भी हैं. जोशी ने चेतावनी दी है कि सरकारें और उद्योग इस बदलाव के लिए अभी पूरी तरह तैयार नहीं हैं. उनके अनुसार, “हम क्वांटम-सक्षम दुनिया की ओर बढ़ रहे हैं, लेकिन हमारी सुरक्षा प्रणाली उस गति से विकसित नहीं हो रही.”
गणित: क्वांटम भविष्य की कुंजी
प्रोफेसर जोशी का स्पष्ट मानना है कि क्वांटम भविष्य को सुरक्षित रखने में गणित की भूमिका केंद्रीय होगी. उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि ऑस्ट्रेलिया में इस क्षेत्र के विशेषज्ञों की संख्या बेहद सीमित है, जिससे आने वाली चुनौतियां और भी गंभीर हो जाती हैं.
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान
नलिनी जोशी को कई प्रतिष्ठित सम्मान मिल चुके हैं. वे इंटरनेशनल मैथमेटिकल यूनियन की पहली ऑस्ट्रेलियाई उपाध्यक्ष रह चुकी हैं और लंदन मैथमेटिकल सोसाइटी की मानद सदस्य हैं. 2016 में उन्हें ऑर्डर ऑफ ऑस्ट्रेलिया से भी सम्मानित किया गया था. इसके अलावा, वे महिलाओं और अल्पसंख्यक समुदायों की सक्रिय समर्थक हैं और युवा शोधकर्ताओं की मार्गदर्शक के रूप में भी जानी जाती हैं.