Live
Search
Home > Career > IAS Story: पंजाब यूनिवर्सिटी से BE की डिग्री, फिर UPSC क्रैक करके बनें IAS, अब हो गए सस्पेंड, जानें पूरा मामला

IAS Story: पंजाब यूनिवर्सिटी से BE की डिग्री, फिर UPSC क्रैक करके बनें IAS, अब हो गए सस्पेंड, जानें पूरा मामला

UPSC IAS Story: आईएएस ऑफिसर की नौकरी देश की प्रतिष्ठित सरकारी नौकरियों में शामिल है. हाल ही में 2014 बैच के पंजाब कैडर के IAS जसप्रीत सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है.

Written By: Munna Kumar
Last Updated: February 9, 2026 15:54:10 IST

Mobile Ads 1x1

IAS Story: IAS ऑफिसर की नौकरी देश की सबसे प्रतिष्ठित सरकारी नौकरियों (Sarkari Naukri) में गिनी जाती है, जिसे पाने के लिए यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में टॉप रैंक हासिल करनी होती है. कई बार IAS अधिकारी अपने फैसलों या कामकाज की वजह से चर्चा में रहते हैं. हाल ही में ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जब पंजाब कैडर के 2014 बैच के IAS अधिकारी जसप्रीत सिंह को पंजाब सरकार ने सस्पेंड कर दिया. यह प्रशासनिक कार्रवाई केंद्र सरकार की पोषण अभियान योजना के तहत आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए स्मार्टफोन खरीद में हुई देरी को लेकर की गई.

मुख्य सचिव KAP सिन्हा द्वारा जारी आदेशों के अनुसार इन्हें ऑल इंडिया सर्विसेज (डिसिप्लिन एंड अपील) रूल्स, 1969 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है. सस्पेंशन से पहले जसप्रीत सिंह पंजाब इंफॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी कॉर्पोरेशन लिमिटेड (Punjab Infotech) के मैनेजिंग डायरेक्टर के पद पर कार्यरत थे. सस्पेंशन अवधि के दौरान इन्हें चंडीगढ़ स्थित राज्य मुख्यालय से अटैच किया गया है और उन्हें नियमानुसार गुजारा भत्ता मिलेगा.

पंजाब यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस में BE की डिग्री

जसप्रीत सिंह पंजाब कैडर के 2014 बैच के IAS अधिकारी हैं और वर्तमान में पंजाब इंफॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी कॉर्पोरेशन लिमिटेड (Punjab Infotech) में मैनेजिंग डायरेक्टर के रूप में सेवाएं दे रहे थे. उन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ से कंप्यूटर साइंस में B.E. की डिग्री हासिल की है. अंग्रेज़ी और पंजाबी दोनों भाषाओं में दक्ष जसप्रीत सिंह ने अपने तकनीकी ज्ञान को प्रशासनिक अनुभव के साथ जोड़ते हुए आईटी और डिजिटल गवर्नेंस से जुड़ी रणनीतिक पहलों की प्रभावी निगरानी की है.

स्मार्टफोन खरीद में देरी बनी कार्रवाई की वजह

पोषण अभियान के तहत पंजाब में करीब 12 लाख लाभार्थियों को फेस रिकग्निशन सिस्टम (FRS) के जरिए ट्रैक करने के लिए 28,515 स्मार्टफोन खरीदे जाने थे. यह योजना 2018 में शुरू हुई थी. स्मार्टफोन खरीद के लिए सामाजिक सुरक्षा और महिला एवं बाल विकास विभाग को 27 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे. केंद्र और राज्य सरकार द्वारा 60:40 के अनुपात में फंड की गई इस योजना की शुरुआती लागत 34 करोड़ रुपये तय की गई थी. हालांकि, पहले 4G फोन और बाद में 5G फोन खरीदने के फैसले के चलते लागत बढ़कर करीब 60 करोड़ रुपये हो गई, जिससे पूरी प्रक्रिया में भारी देरी हुई.

अन्य अधिकारियों पर भी गिरी गाज

सरकार ने इस मामले में IAS अधिकारी विकास प्रताप को अतिरिक्त मुख्य सचिव के पद से हटा दिया है, जबकि PCS अधिकारी आनंद सागर शर्मा को सामाजिक सुरक्षा विभाग से हटाकर गुरदासपुर में अतिरिक्त उपायुक्त नियुक्त किया गया है. इस बीच, गुरकीरत कृपाल सिंह, जो पिछले 11 महीनों से बिना पोस्टिंग के थे उन्हें अहम जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं. 

MORE NEWS

Home > Career > IAS Story: पंजाब यूनिवर्सिटी से BE की डिग्री, फिर UPSC क्रैक करके बनें IAS, अब हो गए सस्पेंड, जानें पूरा मामला

Written By: Munna Kumar
Last Updated: February 9, 2026 15:54:10 IST

Mobile Ads 1x1

MORE NEWS