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UPSC IAS Story: पुलिस विभाग में क्लर्क की नौकरी, 23 की उम्र बनीं मां, ऐसे पूरा किया पिता का सपना

UPSC IAS Story: पिता को खोने के बाद भी हिम्मत नहीं हारी और उनकी शहादत को सपना बनाकर IAS बनकर इतिहास रच दिया है.

Written By: Munna Kumar
Last Updated: February 4, 2026 09:26:36 IST

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UPSC IAS Story: केरल के एक छोटे से गांव में जन्मी मिन्नू पीएम जोशी (IAS Minnu PM Joshy) की कहानी उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं. उनके पिता राज्य पुलिस में अधिकारी थे और चाहते थे कि उनकी बेटी सिविल सेवक बने. लेकिन किस्मत ने जल्दी ही कठिन परीक्षा ले ली. ड्यूटी के दौरान उनके पिता का निधन हो गया. यह सिर्फ एक पारिवारिक नुकसान नहीं था, बल्कि एक सपने की जिम्मेदारी भी मिन्नू के कंधों पर आ गई.

पिता की मृत्यु के बाद मिन्नू को अनुकंपा के आधार पर पुलिस विभाग में क्लर्क की नौकरी मिली. घर की जिम्मेदारियां, आर्थिक दबाव और भावनात्मक खालीपन सब कुछ एक साथ था. इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी. बहुत कम उम्र में 21 साल में उनकी शादी हुई और 23 साल की उम्र में वे मां बनीं, लेकिन उनके सपने जिंदा रहे.

शिक्षा और UPSC की तैयारी

मिन्नू ने केरल विश्वविद्यालय से बायोकेमिस्ट्री में मास्टर्स किया. पढ़ाई के प्रति उनका समर्पण यहीं नहीं रुका. साल 2015 में उन्होंने बिना किसी कोचिंग के UPSC सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की. नौकरी, परिवार और छोटे बच्चे की देखभाल के साथ पढ़ाई करना आसान नहीं था, लेकिन मिन्नू ने समय को अपना हथियार बना लिया.

छह प्रयास, एक अटूट विश्वास

UPSC जैसी कठिन परीक्षा में मिन्नू को सफलता एक दिन में नहीं मिली. उन्होंने छह प्रयास किए. हर असफलता के बाद खुद को मजबूत किया, रणनीति बदली और आगे बढ़ती रहीं. आखिरकार 32 साल की उम्र में उन्होंने 150वीं रैंक हासिल कर इतिहास रच दिया. वह वर्ष 2021 बैच के महाराष्ट्र कैडर की अधिकारी हैं.

परिवार का साथ बना ताकत

इस पूरे सफर में उनके पति, जो ISRO में अधिकारी हैं, हमेशा उनके साथ खड़े रहे. भावनात्मक और मानसिक सहयोग ने मिन्नू को कभी टूटने नहीं दिया. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार वह सीईओ, जिला परिषद के पद पर कार्यरत हैं. उनकी कहानी यह साबित करती है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो हालात चाहे जैसे भी हों, सफलता जरूर मिलती है. मिन्नू पीएम जोशी का यह सफर उन महिला के लिए संदेश है, जो जिम्मेदारियों और सपनों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है.

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UPSC IAS Story: पिता को खोने के बाद भी हिम्मत नहीं हारी और उनकी शहादत को सपना बनाकर IAS बनकर इतिहास रच दिया है.

Written By: Munna Kumar
Last Updated: February 4, 2026 09:26:36 IST

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UPSC IAS Story: केरल के एक छोटे से गांव में जन्मी मिन्नू पीएम जोशी (IAS Minnu PM Joshy) की कहानी उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं. उनके पिता राज्य पुलिस में अधिकारी थे और चाहते थे कि उनकी बेटी सिविल सेवक बने. लेकिन किस्मत ने जल्दी ही कठिन परीक्षा ले ली. ड्यूटी के दौरान उनके पिता का निधन हो गया. यह सिर्फ एक पारिवारिक नुकसान नहीं था, बल्कि एक सपने की जिम्मेदारी भी मिन्नू के कंधों पर आ गई.

पिता की मृत्यु के बाद मिन्नू को अनुकंपा के आधार पर पुलिस विभाग में क्लर्क की नौकरी मिली. घर की जिम्मेदारियां, आर्थिक दबाव और भावनात्मक खालीपन सब कुछ एक साथ था. इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी. बहुत कम उम्र में 21 साल में उनकी शादी हुई और 23 साल की उम्र में वे मां बनीं, लेकिन उनके सपने जिंदा रहे.

शिक्षा और UPSC की तैयारी

मिन्नू ने केरल विश्वविद्यालय से बायोकेमिस्ट्री में मास्टर्स किया. पढ़ाई के प्रति उनका समर्पण यहीं नहीं रुका. साल 2015 में उन्होंने बिना किसी कोचिंग के UPSC सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की. नौकरी, परिवार और छोटे बच्चे की देखभाल के साथ पढ़ाई करना आसान नहीं था, लेकिन मिन्नू ने समय को अपना हथियार बना लिया.

छह प्रयास, एक अटूट विश्वास

UPSC जैसी कठिन परीक्षा में मिन्नू को सफलता एक दिन में नहीं मिली. उन्होंने छह प्रयास किए. हर असफलता के बाद खुद को मजबूत किया, रणनीति बदली और आगे बढ़ती रहीं. आखिरकार 32 साल की उम्र में उन्होंने 150वीं रैंक हासिल कर इतिहास रच दिया. वह वर्ष 2021 बैच के महाराष्ट्र कैडर की अधिकारी हैं.

परिवार का साथ बना ताकत

इस पूरे सफर में उनके पति, जो ISRO में अधिकारी हैं, हमेशा उनके साथ खड़े रहे. भावनात्मक और मानसिक सहयोग ने मिन्नू को कभी टूटने नहीं दिया. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार वह सीईओ, जिला परिषद के पद पर कार्यरत हैं. उनकी कहानी यह साबित करती है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो हालात चाहे जैसे भी हों, सफलता जरूर मिलती है. मिन्नू पीएम जोशी का यह सफर उन महिला के लिए संदेश है, जो जिम्मेदारियों और सपनों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है.

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