UPSC IPS Story: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा पास करने के बाद अधिकारियों को आईपीएस के रूप में नियुक्ति मिलती है. अनुभव और सेवा अवधि के आधार पर उनका प्रमोशन होता है और अलग-अलग जिम्मेदार पदों पर तैनाती दी जाती है. प्रमोशन के बाद ही किसी जिले का पुलिस अधीक्षक या एसपी बनने का मौका मिलता है, जहां कई प्रशासनिक और राजनीतिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है. हाल ही में ऐसी ही स्थिति हरियाणा में देखने को मिली, जब एक पब्लिक ग्रीवांस रिड्रेसल मीटिंग के दौरान मंत्री अनिल विज और कैथल की एसपी उपासना यादव (IPS Upasana Yadav) के बीच सस्पेंशन आदेश को लेकर तीखी बहस हुई.
हरियाणा के एनर्जी, ट्रांसपोर्ट और लेबर विभाग के मिनिस्टर विज ने आरोपी ऑफिसर को तुरंत सस्पेंड करने का आदेश दिया. लेकिन SP उपासना यादव ने स्पष्ट किया कि आरोपी ऑफिसर वर्तमान में कुरुक्षेत्र में पोस्टेड है और इसलिए उसे सस्पेंड करने का अधिकार केवल कुरुक्षेत्र के SP या राज्य के DGP के पास है. वायरल वीडियो में विज ने लगातार यादव से अनुरोध किया कि वह DGP को आदेश की जानकारी दें.
विज ने कहा कि मैं कह रहा हूं, उसे सस्पेंड करो. तुम्हें बस मेरे आदेश पूरे करने हैं. इसके बावजूद यादव ने शांतिपूर्वक कहा कि उनके पास ऐसा अधिकार नहीं है. इस बहस के दौरान कुछ समर्थकों ने विज की तारीफ़ की, जिससे राजनीतिक और प्रशासनिक तनाव बढ़ गया. अंततः मीटिंग SP द्वारा DGP को कार्रवाई के लिए अनुरोध भेजने पर समाप्त हुई.
B.Pharma की डिग्री के बाद बनीं IPS
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उपासना यादव 2017 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं और फिलहाल कैथल जिले में सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस के पद पर तैनात हैं. इससे पहले उनका तबादला भोंडसी स्थित रीजनल ट्रेनिंग सेंटर में हुआ था, लेकिन बाद में उन्हें दोबारा कैथल भेजा गया, जहां उन्होंने जिले की 50वीं एसपी के रूप में जिम्मेदारी संभाली. हरियाणा के नांगल मुंडी गांव से ताल्लुक रखने वाली उपासना ने आईपीएस बनने से पहले फार्मेसी में डिग्री हासिल की थी और फिर यूपीएससी परीक्षा पास कर सेवा में आईं.
UPSC में हासिल की 596 रैंक
IPS उपासना यादव ने UPSC परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 596 और OBC कैटेगरी में रैंक 95 हासिल की थी. उन्होंने गुरुग्राम में सेल्स टैक्स इंस्पेक्टर और हिसार में ASP के तौर पर काम किया है. उनका फ़ोकस लॉ एंड ऑर्डर, महिलाओं की सुरक्षा, एंटी-ड्रग पहल और भ्रष्टाचार के खिलाफ ज़ीरो-टॉलरेंस अप्रोच पर रहा है.