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बाबा नाम रखने पर उत्तराखंड में तीखी बहस, बजरंग दल कार्यकर्ताओं से क्यों भिड़ा मोहम्मद दीपक?

Baba Shop Controversy: उत्तराखंड के कोटद्वार से एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा है. इसमें बजरंग दल कार्यकर्ता विशेष समुदाय के व्यक्ति से दुकान का नाम बदले को लेकर बहस कर रहे हैं. ऐसे में एक शख्स ने कार्यकर्ताओं को क्या जवाब दिया. पढ़िए पूरी खबर.

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Baba Shop Controversy: उत्तराखंड के कोटद्वार से विशेष समुदाय से विवाद का एक मामला सामने आया है. सोशल मीडिया पर इसका वीडियो भी जमकर वायरल हो रहा है. मामला एक विशेष समुदाय के व्यक्ति की दुकान का नाम बदलने को लेकर है. बजरंग दल के लोग दुकान पर पहुंचते हैं और नाम बदलने को लेकर बहसवाजी होने लगती है. कोटद्वार के पटेल मार्ग पर एक दुकान का नाम ‘बाबा’ लिखा है. हिंदुत्ववादी संगठन के लोग दुकानदार से इसे चेंज करने के लिए कह रहे थे. ऐसे में एक शख्स मौके पर पहुंचता है, जिसका नाम ‘मोहम्मद दीपक’ बताया जा रहा है. वह संगठन के लोगों के खिलाफ नाम को लेकर विरोध में खड़ा हो जाता है.

बोर्ड का नाम बदलने पर बहस

उत्तराखंड से हुआ वायरल वीडियो में बजरंग दल कार्यकर्ता बुजुर्ग दुकानदार से उलझते दिख रहे हैं. बीच में ‘मोहम्मद दीपक’ नाम का सख्श आ जाता है और वह बजरंग दल के लोगों के खिलाफ अकेले ही विरोध करने लगता है. कहासुनी को सुनकर अन्य लोग भी मौके पर इकट्ठा हो जाते हैं. दोनों पक्षों में बहस काफी देर तक होती रहती है. तीखी बहस के बाद दीपक और उनके साथी मिलकर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं मौके से धक्के मारकर भगा देते हैं.

क्या है बाबा नाम रखने का कारण?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कोटद्वार में बाबा सिद्धबली का एक हनुमान मंदिर है. मंदिर का प्रभाव और प्रताप ऐसा है कि यहां के लोग भी बाबा नाम को अपने जीवन, दुकान और व्यापार से जोड़कर रखते हैं. मान्यता है कि इससे उन्हें बरकत मिलती है. यही वजह है कि वहां पर कई दुकानों का नाम ‘बाबा’ से शुरू होता है. कई जगहों पर आपके लिए बाबा खानपान, बाबा जनरल स्टोर, बाबा पान की दुकान जैसे नाम देखने को मिल जाएंगे. इसी तरह ‘बाबा स्कूल ड्रेस एंड मैचिंग सेंटर’ नाम की एक दुकान भी कोटद्वार के पटेल मार्ग पर बनी हुई है. बजरंग दल के कार्यकर्ता 26 जनवरी को दुकान में घुसे और मालिक से कहा कि पहले भी समझाने के बाद भी आपने दुकान का नाम क्यों नहीं बदला?. और फिर देखते ही देखते बहस स्टार्ट हो गई, जो धक्का-मुक्की तक जा पहुंची.

क्या है दुकानदार का कहना?

दुकानदार का कहना है कि वे 30 साल से इसी नाम के साथ दुकान चला रहे हैं. यही नहीं, जीएसटी दफ्तर में भी उनका यही नाम लिखा गया है. ऐसी कंडीशन में नाम कैसे बदल दिया जाए? इस घटना का वीडियो भी बहुत सर्कुलेट हो रहा है. वहीं, बजरंग दल वालों को इस बात से आपत्ति है कि ‘बाबा’ नाम सिर्फ हिंदू ही रख सकते हैं, जबकि दुकान का मालिक मुस्लिम हैं. वीडियो में इस तरह की बातें कहते हुए साफ तौर पर सुना जा सकता है. 

मोहम्मद दीपक ने किया विरोध 

बजरंग दल के कार्यकर्ता दुकानदार पर दबाव बना ही रहे होते हैं, तभी मामले में चेंज आता है. भीड़ के बीच एक व्यक्ति की एंट्री होती है. वह बजरंग दल के इस व्यवहार के खिलाफ खड़ा होता है और जब उसका नाम पूछा जाता है तो वह अपना नाम ‘मोहम्मद दीपक’ बताता है. दीपक ने बाबा नाम रख लेने पर एक कार्यकर्ता को जवाब देते हुए कहा कि ये हमारे सिद्ध बाबा का नाम है. साथ ही उसने कहा कि बहुत सी दुकानों पर ‘बाबा’ लिखा है तो यहां क्यों परेशानी है? तब उसे जवाब में कहा गया कि वे सब हिंदू हैं और यह मुसलमान है.

इस बात पर दीपक ने कहा कि क्या मुस्लिमों में पीर बाबा नहीं होते? फिर क्या था, इसी बात को लेकर दोनो पक्षों में जमकर बहसवाजी होने लगती है. माहौल गर्म देखते हुए आसपास के लोग भी इकट्ठे हो जाते हैं. दीपक और उनके एक अन्य साथी मिलकर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को मौके से धक्के मारकर भगाने लगते हैं. फिलहाल, इस मामले में कोई शिकायत की जानकारी सामने नहीं आई है. कोतवाली प्रभारी प्रदीप नेगी ने इंडिया टुडे के पत्रकार को बताया कि वह मामले की जांच कर रहे हैं. जो भी सामाजिक माहौल खराब करेगा उस पर कार्रवाई की जाएगी.

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