दीपक हूडा कभी भारतीय टीम के लिए एक भरोसेमंद मध्यक्रम बल्लेबाज और उपयोगी हरफनमौला खिलाड़ी माने जाते थे. उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और ऑफ स्पिन गेंदबाजी ने उन्हें बहुत कम समय में खास पहचान दिलाई. खासकर 2022 में उनका प्रदर्शन इतना शानदार रहा कि उन्हें भारत की सीमित ओवरों की टीम का भविष्य माना जाने लगा था. लेकिन कुछ ही समय बाद उनके करियर की ट्रेन अचानक पटरी से उतर गई. आज, उनके 31वें जन्मदिन पर सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर दीपक हूडा के करियर में गिरावट क्यों आई?
आईपीएल में शानदार प्रदर्शन से मिली टीम इंडिया में जगह
दीपक हूडा ने 2015 में इंडियन प्रीमियर लीग में कदम रखा. उन्होंने पहले राजस्थान रॉयल्स, फिर सनराइजर्स हैदराबाद और पंजाब किंग्स के लिए खेला. हालांकि, उनके करियर का सबसे बेहतरीन दौर 2022 में आया, जब वह लखनऊ सुपर जायंट्स का हिस्सा बने. उस सीजन में हूडा ने 15 मैचों में 451 रन बनाए. उन्होंने चार अर्धशतक लगाए और कई बार टीम को मुश्किल स्थिति से बाहर निकाला. उनके दमदार प्रदर्शन की बदौलत लखनऊ सुपर जायंट्स प्लेऑफ तक पहुंची.
भारतीय टीम में मौका
इसी शानदार फॉर्म के कारण उन्हें भारतीय टीम में मौका मिला. उन्होंने फरवरी 2022 में वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे डेब्यू किया. इसके बाद श्रीलंका के खिलाफ टी20 इंटरनेशनल में भी उन्हें मौका मिला. दीपक हूडा के करियर का सबसे यादगार पल 28 जून 2022 को आया. आयरलैंड के खिलाफ डबलिन में उन्होंने सिर्फ 57 गेंदों में 104 रन की शानदार पारी खेली. उन्होंने संजू सैमसन के साथ 176 रन की बड़ी साझेदारी भी की. इसके बाद उन्हें 2022 टी20 विश्व कप की टीम में भी जगह मिली. इतना ही नहीं, उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ 10 रन देकर 4 विकेट भी लिए और साबित किया कि वह गेंदबाजी में भी उपयोगी साबित हो सकते हैं.
फिर क्यों खत्म होने लगा करियर?
2022 के बाद हूडा की सबसे बड़ी समस्या उनकी खराब फॉर्म रही. आयरलैंड के खिलाफ शतक लगाने के बाद वह लगातार बड़ी पारियां खेलने में नाकाम रहे. भारतीय टीम में उन्हें कई मौके मिले, लेकिन वह उनका फायदा नहीं उठा सकी. टी20 इंटरनेशनल में उनके नाम 21 मैचों में 368 रन हैं, लेकिन इनमें से 104 रन सिर्फ एक पारी में आए. बाकी मैचों में वह कभी भी लगातार अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सके. एकदिवसीय क्रिकेट में भी उन्होंने 10 मैचों में सिर्फ 153 रन बनाए.
इंडियन प्रीमियर लीग में भी नहीं चला बल्ला
हूडा के करियर को सबसे बड़ा झटका तब लगा, जब उनकी इंडियन प्रीमियर लीग फॉर्म भी खराब हो गई. 2022 में 451 रन बनाने वाले हूडा, 2023 में लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए 12 मैचों में केवल 84 रन ही बना सके. उनका औसत 8 से कम रहा और स्ट्राइक रेट भी 95 से नीचे चला गया. इंडियन प्रीमियर लीग में खराब प्रदर्शन का सीधा असर भारतीय टीम में उनकी जगह पर भी पड़ा. साल 2026 के आईपीएल ऑक्शन में भी वो अनसोल्ड रहे थे.