समीर रिजवी आईपीएल में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं. दिल्ली कैपिटल्स के लिए अब तक दोनों ही मैच में उन्होंने अकेले के दम पर टीम को मैच जिताया है. तनकीब अख्तर का समीर को क्रिकेटर बनाने में अहम योगदान रहा था. वह रिजवी के मामा भी हैं. उन्होंने खुद एक ऑलराउंडर बनने का सपना देखते थे, लेकिन जब तक वे बरगांव गांव से मेरठ शहर पहुंचे, तब तक उनके करियर का सही समय निकल चुका था. ऐसे में उन्होंने समीर रिजवी में वह प्रतिभा देखी थी.
अख्तर ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा, हैं, “मैं उसकी फील्डिंग से काफी प्रभावित था. छह साल के बच्चे के लिए उसकी गेंद को समझने की क्षमता बहुत अच्छी थी. उसमें आत्मविश्वास भी था और वह गेंद को हिट करने में भी भरोसा रखता था. चमड़े की गेंद नहीं, क्योंकि वह बहुत छोटा था, लेकिन ‘अंडा बॉल’ को वह बेहतरीन तरीके से खेलता था. अंडा बॉल 4 रुपए में मिलती थी.
अब आत्मविश्वास मिल गया है
अख्तर ने आगे कहा, “अब उसने अपना आत्मविश्वास वापस पा लिया है, जो उसके लिए सबसे जरूरी है क्योंकि उसकी ताकत छक्के लगाना है. पहले वह दबाव में आ जाता था क्योंकि उसे यह भरोसा नहीं होता था कि उसे फिर मौका मिलेगा या नहीं. समीर तभी खुलकर खेल सकता है जब उसे यह यकीन हो कि एक-दो खराब पारियों के बाद उसे टीम से बाहर नहीं किया जाएगा. मेरा मानना है कि टीम ने उसे उसके प्राकृतिक खेल के साथ खेलने की आजादी दी है.”
दोनों मैचों में कोहराम मचाया
बता दें कि मुंबई के खिलाफ मैच में मैच के हीरो समीर रिजवी रहे थे. उन्होंने 51 गेंदों का सामना करते हुए 90 रनों की शानदार पारी खेली. अपनी इस पारी में 7 चौके और 7 छक्के लगाए. लखनऊ के खिलाफ पहले मुकाबले में भी समीर रिजवी ने नाबाद 70 रनों की पारी खेलकर टीम को जीत दिलाई थी. अब देखना होगा कि आगामी मैचों में समीर क्या करते हैं.