IPL 2026: आईपीएल 2026 (IPL 2026) का 19वां सीजन आज यानी (28 मार्च, 2026) से शुरू हो रहा है. आईपीएल की 10 टीमें आपस में भिड़ेंगी. आज से क्रिकेट का रोमांच शुरू हो जाएगा. ऐसे में आज हम आपको ऐसे खिलाड़ियों के बारे में बताएंगे. जिसकी एक पारी ही इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गई. जिसकी चर्चा आज भी होती है.
इंडियन प्रीमियर लीग में स्वप्निल असनोदकर की एक पारी ने जबरदस्त तरीके से अपनी पहचान बनाई. एक जोरदार हिटर और छोटे कद का ओपनर एक निडर बल्लेबाज़ था. उसकी फ़ॉर्म इतनी शानदार थी कि उसने IPL 2008 में नौ मैचों में 311 रन बनाए.
असनोदकर ने खेली शानदार पारी
असनोदकर घर-घर में जाना-पहचाना नाम बन गया और महान शेन वॉर्न की टीम के सितारों में से एक बन गया; वॉर्न ने ही उसे ‘Goan Cannon’ का निकनेम दिया था. असनोदकर और दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान ग्रीम स्मिथ ने अपनी-अपनी भूमिकाओं को बखूबी समझा और राजस्थान रॉयल्स को तेज़ शुरुआत दी, जिसने आखिरकार वॉर्न की अगुवाई वाली युवा टीम को पहला आईपीएल खिताब जीतने में मदद की. हालांकि असनोदकर ने तीन और आईपीए सीजन खेले, लेकिन 2008 में मिली सफलता को दोहरा नहीं पाए.
पॉल वल्थाटी
आईपीएल का एक और सितारा किंग्स इलेवन पंजाब (अब पंजाब किंग्स) के पॉल वल्थाटी थे. इस टॉप-ऑर्डर बल्लेबाज़ ने 2011 में चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ़ सिर्फ़ 63 गेंदों में 123 रन बनाकर (नाबाद) सबको हैरान कर दिया था. यह किसी भी अनकैप्ड भारतीय खिलाड़ी द्वारा बनाया गया सबसे ज़्यादा स्कोर का रिकॉर्ड था, जिसे बाद में आईपीएल 2023 में राजस्थान रॉयल्स के यशस्वी जायसवाल ने तोड़ दिया. इस शतक के बाद मुंबई के इस बल्लेबाज़ ने डेक्कन चार्जर्स के खिलाफ़ 75 रन बनाए और 4/29 का प्रदर्शन करते हुए एक अच्छे मीडियम-पेसर के तौर पर भी अपनी काबिलियत साबित की.
केकेआर के हीरो मानविंदर बिस्ला
मानविंदर बिस्ला ने कलाई में चोट और फ़ॉर्म में गिरावट के चलते आईपीएल 2012 में छह पारियों में सिर्फ 30 रन ही बनाए. अगले सीजन में उन्होंने सिर्फ एक मैच खेला और फिर हमेशा के लिए क्रिकेट को अलविदा कह दिया. 27 मई, 2012 की रात बिस्ला कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए एक अप्रत्याशित हीरो बनकर उभरे. इस विकेटकीपर-बल्लेबाज ने अपने करियर की सबसे बेहतरीन पारियों में से एक खेली, जिसकी बदौलत केकेआर ने सीएसके को हराकर पांचवां आईपीएल खिताब अपने नाम किया. आईपीएल 2012 के फाइनल में उन्होंने सिर्फ 48 गेंदों पर 89 रनों की मैच-जिताऊ पारी खेली, जिसकी बदौलत कोलकाता नाइट राइडर्स ने अपना पहला खिताब जीता.