नई दिल्ली. चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलुरु (RCB) के पूर्व खिलाड़ी अभिनव मुकुंद ने बयान देकर सुर्खियां बटोरी हैं कि आईपीएल खिलाड़ियों को बेहद कम भुगतान मिलता है. शुक्रवार (27 मार्च) को उन्होंने कहा कि IPL में प्लेयर्स की उच्चतम सैलरी लगभग 20–25 करोड़ के बीच हैं. जो कि फ्रेंचाइजियों की भारी कमाई की तुलना में मामूली हैं. आइए जानते हैं उन्होंने क्या कहा है?
मुकुंद ने भारत के लिए इंटरनेशनल स्तर पर भी खेला है. उनका कहना है कि फ्रेंचाइजियों को खिलाड़ियों के वेतन को कम से कम दोगुना करना चाहिए ताकि उन्हें उचित भुगतान मिल सके. उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि IPL खिलाड़ी काफी कम वेतन पाते हैं. इस लीग का मूल्य बहुत बड़ा है, और अगर आप इसे दुनिया की अन्य शीर्ष लीगों से तुलना करें. चाहे वह बेसबॉल हो, F1 हो या अन्य तो 20–25 करोड़ ज्यादा नहीं हैं. अगर IPL दुनिया की टॉप 4–5 लीगों में शामिल है, तो खिलाड़ियों को उसी स्तर का भुगतान मिलना चाहिए.
मुकुंद ने आगे कहा,” वर्तमान में, सबसे अधिक वेतन पाने वाले खिलाड़ी भी केवल एंडोर्समेंट्स की वजह से टॉप 10 में आते हैं. सिर्फ IPL सैलरी की वजह से नहीं. इसलिए वेतन की कोई सीमा नहीं होनी चाहिए. IPL खिलाड़ी और अधिक कमा सकते हैं एक IPL टीम सालाना लगभग 400–500 करोड़ कमाती है. मेरा मानना है कि कम से कम 100–120 करोड़ वह खर्च करते हैं. मुझे लगता है कि इसके दोगुना करके प्लेयर्स की सैलरी बढ़ानी चाहिए.”
बीसीसीआई की जबरदस्त कमाई
हालांकि, यह सवाल केंद्रीय अनुबंधों (सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट्स) के बारे में और भी ज्यादा प्रासंगिक है. भारत में क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) की वार्षिक आय लगभग ₹4000 करोड़ से अधिक है (जो टैक्स-फ्री है) सिर्फ IPL से जबकि खिलाड़ियों के वार्षित वेतन केवल कुछ सौ करोड़ हैं, जो एक बहुत बड़ा अंतर दर्शाता है.