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नई दिल्ली. क्रिकेट में अपनी शांत छवि के लिए मशहूर एमएस धोनी को ‘कैप्टन कूल’ यूं ही नहीं कहा जाता. शायद ही कभी ऐसा होता है कि वह काफी गुस्सा दिखें हैं. लेकिन इंडियन प्रीमियर लीग 2019 में एक ऐसा पल आया, जब धोनी का यह शांत स्वभाव टूटता नजर आया और उन्होंने कुछ ऐसा कर दिया, जो उनके करियर में बेहद दुर्लभ माना जाता है. आइए जानते हैं क्या हुआ था.
यह घटना चेन्नई सुपर किंग्स और राजस्थान रॉयल्स के बीच खेले गए मुकाबले में हुई. मैच अपने आखिरी ओवर में था और चेन्नई को जीत के लिए मुश्किल रन बनाने थे. हर गेंद के साथ रोमांच बढ़ रहा था. इसी बीच बेन स्टोक्स ने एक नो बॉल फेंकी. अंपायर ने पहले नो-बॉल का इशारा किया, लेकिन कुछ ही सेकंड बाद फैसला बदल दिया गया. इस अचानक बदलाव ने खिलाड़ियों और डगआउट दोनों को हैरान कर दिया.
बीसीसीआई ने दिया था झटका
डगआउट में बैठे धोनी यह देखकर खुद को रोक नहीं पाए. वह तुरंत मैदान में पहुंच गए और अंपायरों से बहस करने लगे. उनका यह रूप फैंस के लिए बिल्कुल अलग था, क्योंकि धोनी आमतौर पर हर स्थिति में शांत रहते हैं. उस समय मैच का दबाव इतना ज्यादा था कि एक छोटा फैसला भी पूरे नतीजे को बदल सकता था. हालांकि, मैदान पर जाकर अंपायर से बहस करना नियमों के खिलाफ था. मैच के बाद धोनी पर जुर्माना लगाया गया और उन्होंने भी अपनी गलती स्वीकार की. उन्होंने माना कि गुस्से में लिया गया यह फैसला सही नहीं था और उन्हें संयम रखना चाहिए था.
चेन्नई ने जीता था मैच
इस पूरे घटनाक्रम के बावजूद मैच का अंत बेहद रोमांचक रहा. आखिरी गेंद पर छक्का लगाकर चेन्नई ने जीत हासिल कर ली, जिससे यह मुकाबला और भी यादगार बन गया. यह घटना आज भी आईपीएल इतिहास के सबसे चर्चित पलों में शामिल है. इसने दिखाया कि चाहे खिलाड़ी कितना भी शांत क्यों न हो, दबाव और भावनाएं कभी-कभी हावी हो ही जाती हैं.