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इंडियन प्रीमियर लीग में पहले 8 टीमें हिस्सा लेती थी लेकिन अब इसकी संख्या 8 से बढ़कर 10 हो गई है. आपको याद होगा आईपीएल में एक टीम खेल करती थी कोच्चि टस्कर्स. साल 2011 में कोच्चि टस्कर्स नाम की इस टीम को बड़ी प्रतियोगिता से अचानक बाहर कर दिया गया. यह फैसला भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने लिया था. टीम ने सिर्फ एक ही सत्र खेला था, लेकिन उसके बाद उसे हटा दिया गया. यह घटना आज भी लोगों को याद है क्योंकि यह काफी विवादित थी और कई लोगों को यह फैसला गलत लगा था.
असल में समस्या पैसों से जुड़ी थी. टीम को तय समय के अंदर बैंक गारंटी जमा करनी थी, जो एक तरह का भरोसा होता है कि टीम नियमों का पालन करेगी. लेकिन कोच्चि टीम समय पर यह गारंटी जमा नहीं कर पाई. इसके बाद बोर्ड ने कहा कि यह नियमों का बड़ा उल्लंघन है और टीम को प्रतियोगिता से बाहर कर दिया.
नहीं हो पा रही थी पैसों की व्यवस्था
लेकिन बात इतनी आसान नहीं थी. इस टीम के कई मालिक थे और सबकी सोच अलग-अलग थी. इसी कारण बड़े फैसले लेने में देरी हो रही थी. पैसों की व्यवस्था भी समय पर नहीं हो पा रही थी. इसके अलावा टीम पहले से ही शशि थरूर और ललित मोदी से जुड़े विवादों के कारण खबरों में थी, जिससे हालात और मुश्किल हो गए.
आखिरी बार कब खेला आईपीएल?
टीम ने हार नहीं मानी और इस फैसले को चुनौती दी. मामला अदालत में गया और कई साल तक चला. आखिर में फैसला टीम के पक्ष में आया और बोर्ड को जुर्माना देना पड़ा. हालांकि टीम सिर्फ एक ही बार खेल पाई, लेकिन इस घटना के बाद नियम और सख्त कर दिए गए ताकि आगे ऐसा विवाद दोबारा न हो. कोच्चि टस्कर्स का इंडियन प्रीमियर लीग में आखिरी मुकाबला 18 मई 2011 को चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ खेला गया था. इस मैच में चेन्नई की टीम ने 11 रन से जीत हासिल की थी. इसके बाद भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (बीसीसीआई) ने इस टीम को प्रतियोगिता से बाहर कर दिया.