yuvraj singh on Commentry: युवराज सिंह का नाम आते ही जेहन में वो छह छक्के और 2011 वर्ल्ड कप की वो जादुई पारी याद आ जाती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि युवी बाकी खिलाड़ियों की तरह कमेंट्री बॉक्स में क्यों नजर नहीं आते? हाल ही में उन्होंने खुद इस राज से पर्दा उठाया है और उन्होंने इसकी वजह काफी गहरी और भावनात्मक बताई है.
युवराज सिंह ने कमेंट्री में क्यों नहीं रखा कदम
युवराज सिंह ने साफ कर दिया है कि उन्होंने कमेंट्री की दुनिया में कदम इसलिए नहीं रखा क्योंकि वे उन लोगों के साथ काम नहीं करना चाहते जिन्होंने कभी उन पर निजी टिप्पणियां की थीं. युवी का कहना है, ‘रिटायरमेंट के बाद मैं यह खुलकर कह सकता हूं. जिन लोगों ने मेरे खेल के बजाय मेरी निजी जिंदगी पर बातें कीं, उनकी बातें दिल में घर कर गई हैं. अगर आप खेल की आलोचना करते हैं, तो समझ आता है, लेकिन जब बात व्यक्तिगत हो जाती है, तो वो हमेशा के लिए चुभती रहती है. मैं ऐसे लोगों के बगल में बैठकर कमेंट्री नहीं कर सकता.’
आपको बता दें कि 2019 में क्रिकेट को अलविदा कहने के बाद युवराज ने ब्रॉडकास्टिंग के बजाय बिजनेस (रेस्टोरेंट, गोल्फ लीग) और युवा खिलाड़ियों की कोचिंग को चुना।
संजू सैमसन की ‘फुटवर्क’ सुधारने में मदद
युवराज सिर्फ अपनी यादों के सहारे नहीं जी रहे, बल्कि वे आने वाली पीढ़ी को तराशने में भी जुटे हैं. अभिषेक शर्मा और प्रभसिमरन सिंह के बाद, उन्होंने हाल ही में संजू सैमसन की मदद की है. संजू के बारे में बात करते हुए युवराज ने बताया कि कैसे उन्होंने 2024 वर्ल्ड कप के दौरान संजू की बल्लेबाजी पर गौर किया था.
क्या थी संजू की बैटिंग में समस्या?
संजू लगातार 8-10 पारियों में फ्लॉप हो रहे थे और उन्हें लग रहा था कि अब टीम इंडिया की प्लेइंग XI में उनके लिए जगह बनाना मुश्किल है. युवराज ने संजू से कहा, ‘रन बनाना या न बनाना अलग बात है, लेकिन तुम्हारा फुटवर्क सही नहीं है. अगर तुमने इसे नहीं सुधारा, तो तुम बार-बार मुश्किल में फंसोगे.’ नतीजा अब दुनिया के सामने है, युवराज के साथ हुई उस चर्चा और फुटवर्क पर मिली खास टिप्स का असर संजू के खेल में साफ दिखा, खासकर उनके द्वारा जड़े गए हालिया शतकों में.
युवराज सिंह आज भी वही फाइटर हैं. उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि उनके लिए स्वाभिमान करियर के किसी भी बड़े ऑफर से ऊपर है. भले ही वे कमेंट्री बॉक्स में बैठकर माइक न थामें, लेकिन पर्दे के पीछे रहकर वे भारतीय क्रिकेट के भविष्य को संवारने का काम बखूबी कर रहे हैं.