Amravati Viral MMS: महाराष्ट्र के अमरावती जिले में सामने आया वायरल MMS केस अब एक बड़े स्कैंडल का रूप लेता जा रहा है. ज़मीनी रिपोर्ट्स और पुलिस जांच में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं. स्थानीय निवासियों का दावा है कि उन्होंने महीनों पहले ही एक किराए के फ्लैट में हो रही संदिग्ध गतिविधियों को लेकर चेतावनी दी थी, लेकिन अधिकारियों और मकान मालिक ने इसे नजरअंदाज कर दिया.यह मामला परतवाड़ा के काठोरा रोड स्थित एक रिहायशी इमारत के तीसरी मंजिल के फ्लैट से जुड़ा है, जहां आरोपियों द्वारा युवतियों को लाकर अश्लील वीडियो बनाए जाने का आरोप है.
पड़ोसियों ने क्या बताया?
इमारत में रहने वाले लोगों के मुताबिक, पिछले कई महीनों से फ्लैट में असामान्य गतिविधियां चल रही थीं. रात के समय बार-बार लोगों का आना-जाना होता था, जिससे आसपास के लोगों को परेशानी होती थी.एक निवासी ने बताया कि देर रात आवाजें और हलचल सुनाई देती थी, जिससे परिवारों की नींद तक प्रभावित हो रही थी. कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई.
क्या मकान मालिक को दी गई थी चेतावनी?
स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार मकान मालिक को फोन कर और शिकायत देकर इस मामले की जानकारी दी थी. एक निवासी ने बताया कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से कई बार कॉल किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला.दूसरे निवासी के अनुसार, मकान मालिक ने यहां तक कह दिया कि अगर उन्हें समस्या है तो वे कहीं और शिफ्ट हो सकते हैं. अब ये आरोप जांच के केंद्र में हैं.
क्या फ्लैट में बनाए जाते थे अश्लील वीडियो?
पड़ोसियों और जांच एजेंसियों के अनुसार, इस फ्लैट का इस्तेमाल युवतियों को बुलाकर अश्लील वीडियो रिकॉर्ड करने के लिए किया जाता था. न्यूज रिपोर्ट्स के मुताबिक, रात के समय यहां लगातार गतिविधियां होती थीं.अब इस मामले में यौन शोषण और डिजिटल ब्लैकमेलिंग के एंगल से जांच की जा रही है.
पुलिस जांच में अब तक क्या सामने आया?
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 294, POCSO एक्ट की धारा 8 और 12, और IT एक्ट के तहत केस दर्ज किया है.जांच में कई डिजिटल सबूत, चैट्स और ऑनलाइन गतिविधियों के सुराग मिले हैं. पुलिस यह भी पता लगा रही है कि पीड़ितों को सोशल मीडिया के जरिए कैसे फंसाया गया.सूत्रों के अनुसार, इस केस में सिर्फ एक नहीं बल्कि कई लोग शामिल हो सकते हैं. इसलिए सभी डिजिटल डिवाइस और रिकॉर्ड्स की गहन जांच की जा रही है.
‘बेट’ से शुरू हुआ मामला कैसे बना बड़ा रैकेट?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मामला दो आरोपियों अयान अहमद और उजेर खान के बीच हुई एक कथित ‘बेट’ से शुरू हुआ. कहा जा रहा है कि दोनों के बीच ज्यादा महिलाओं से संपर्क बनाने की शर्त लगी थी.यह ‘बेट’ धीरे-धीरे अश्लील वीडियो बनाने और फिर ब्लैकमेलिंग के बड़े नेटवर्क में बदल गई. जांच में अब तक 18 अश्लील वीडियो और कई आपत्तिजनक तस्वीरें बरामद हुई हैं.बताया जा रहा है कि पैसों के विवाद के चलते एक आरोपी ने ये वीडियो लीक कर दिए, जिससे पूरा मामला उजागर हुआ.
कौन है अयान अहमद?
अयान अहमद इस मामले का मुख्य आरोपी बताया जा रहा है. वह 21 साल का कॉलेज छात्र है और अचलपुर का रहने वाला है. पुलिस को उसके खर्च करने के तरीके और संभावित सट्टेबाजी से जुड़े संबंधों पर भी शक है.प्रारंभिक जांच के अनुसार, वह सोशल मीडिया के जरिए युवतियों से संपर्क करता था और उन्हें जाल में फंसाता था.
अब आगे क्या?
पुलिस इस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है—चाहे वह डिजिटल सबूत हों, वित्तीय लेन-देन या अन्य आरोपियों की भूमिका.साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या मकान मालिक या अन्य जिम्मेदार लोगों की ओर से कोई लापरवाही हुई थी.अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी, क्योंकि य