Ashok Kharat Case: 150 से अधिक महिलाओं के साथ दुष्कर्म के साथ-साथ मानसिक और शारीरिक शोषण के मामले में फंसे शातिर अशोक खरात के जिले से एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. कुछ लोग मल्टीनेशनल कंपनी में कार्यरत महिला कर्मचारियों के साथ यौन शोषण तो करते ही थे साथ ही अश्लील बातें भी करते थे. हद तो यह थी कि वह महिलाओं की धार्मिक भावनाओं को भी ठेस पहुंचाते थे. इसके बाद नाशिक पुलिस कमिश्नरेट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम (SIT) को जांच के आदेश दिए हैं. यह मामले जुलाई 2022 से फरवरी 2026 के बीच अलग-अलग समय के हैं. MNC कंपनी में काम करने वाली 8 अन्य पीड़ित महिलाओं के साथ एक पुरुष ने भी मामला दर्ज कराया है.
आरोप है कि उसने एक MNC कंपनी में कार्यरत महिला कर्मचारियों के साथ ना केवल यौन शोषण किया बल्कि जबरन धार्मिक कृत्य और धार्मिक कार्य भी थोपे. वहीं, महिला कर्मचारी की शिकायत के आधार पर 6 लोगों के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामला दर्ज किया गया है.
मिली जानकारी के मुताबिक, स्थानीय पुलिस ने महिलाओं की शिकायत पर मामला दर्ज किया है, इसमें 26 मार्च को सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया. सभी आरोपियों को 8 दिन की पुलिस कस्टडी दी गई थी. इसके बाद बुधवार को सभी 6 आरोपियों को कोर्ट में पेश किया था. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने फिर से सभी 6 आरोपियों को 10 अप्रैल तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है.
क्या हैं महिला कर्मचारियों के आरोप
पुलिस की दी गई शिकायत में महिला कर्मचारियों ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं. शिकायत में कहा गया है कि महिला कर्मचारी के साथ अश्लील व्यवहार किया जाता था. शिकायतकर्ता महिला के अनुसार, जुलाई 2022 से फरवरी 2026 के दौरान आरोपियों में शामिल दानिश शेख, तौसीफ अत्तर और निदा खान ने कार्यस्थल पर अनुचित व्यवहार किया. इस दौरान आरोपियों द्वारा हिंदू देवी-देवताओं के संबंध में आपत्तिजनक टिप्पणियां कर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई गई. साथ ही आरोपी तौसीफ अत्तर पर विवाह का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने का आरोप भी है.
अन्य आरोपी दानिश शेख द्वारा कार्यालय परिसर में अशोभनीय व्यवहार किए जाने की शिकायत दर्ज की गई है. आरोपी रजा मेमन एवं शाहरुख कुरैशी पर आरोप है कि मई 2023 से मार्च 2026 के दौरान उन्होंने महिला के साथ छेड़छाड़, अश्लील टिप्पणियां तथा उसकी निजी जिंदगी पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की, इस बारे में कंपनी को जानकारी दी गई, लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया.
शिकायत में कहा गया है कि मई 2022 से फरवरी 2026 के बीच आरोपी शफी शेख और तौसीफ अत्तर ने कार्यस्थल पर अभद्र व्यवहार किया और अश्लील नजरों से देखा. इसके अलावा महिलाओं की निजी जिंदगी को लेकर अपमानजनक टिप्पणियां भी कीं.