Ashok Kharat Viral MMS: महाराष्ट्र के नासिक में इन दिनों गुस्से के साथ-साथ हैरानी फैली है. खुद को आध्यात्मिक गुरु और ज्योतिषी बताने वाले अशोक खरत पर लगे आरोपों ने मानवता को शर्मसार कर दिया है. जिस शख्स को लोग अपनी समस्याओं का समाधान मानकर उसके पास जाते थे उसी ने धर्म की आड़ में महिलाओं के शोषण का घिनौना जाल बुना। जांच के दौरान यह बात सबसे ज्यादा चर्चा में है कि जब पुलिस का शिकंजा अशोक खरत पर कस रहा था तब वह अकेला नहीं था. रिपोर्ट्स के मुताबिक अपनी गिरफ्तारी से ठीक पहले वह कुछ ऐसे रसूखदार संपर्कों और सफेदपोश करीबियों के साथ था जो उसे इस कानूनी कार्रवाई से बचाने की जुगत में लगे थे. SIT अब उन फोन रिकॉर्ड्स और डिजिटल सबूतों को खंगाल रही है जिनसे यह साफ हो सके कि वे कौन लोग थे जो उसे ‘प्रोटेक्शन’ दे रहे थे और क्या वे भी इस घिनौने खेल का हिस्सा थे.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, खरत अपनी महिला अनुयायियों को धार्मिक अनुष्ठानों के बहाने मीरपुर स्थित ईशानेश्वर मंदिर के पास एक सुनसान जंगली इलाके में भेजता था. आरोप है कि वहां उसने न केवल उनके साथ दुष्कर्म और शारीरिक शोषण किया बल्कि डरा-धमक़ाकर उनसे पैसे भी वसूले. सोशल मीडिया पर वायरल हुए आपत्तिजनक वीडियोज ने इस पूरे मामले की कलाई खोल दी है, जिससे यह साफ हो गया है कि वह अपनी पहुंच और रसूख का इस्तेमाल कर मासूम लोगों को अपना शिकार बना रहा था.
सिस्टम की अनदेखी और पीड़ितों का संघर्ष
इस मामले का सबसे दुखद पहलू यह है कि पीड़ितों ने न्याय के लिए पहले भी आवाज उठाई थी, लेकिन उनकी चीख अनसुनी कर दी गई. आरोप है कि जब पीड़ित महिलाएं एक स्थानीय विधायक के पास मदद के लिए पहुंचीं, तो उनकी बात सुनने के बजाय मामले को दबाने की कोशिश की गई. यहाँ तक कि यह जानकारी भी सामने आई है कि पीड़ितों की शिकायत को खरत तक लीक कर दिया गया ताकि वह सतर्क हो सके.
अपनी काली करतूतों को छिपाने के लिए खरत ने उल्टा एक पीड़िता के पति पर ही केस दर्ज करवा दिया. लेकिन पीड़ितों ने हार नहीं मानी। जब यह मामला मुख्यमंत्री तक पहुँचा, तब जाकर प्रशासन हरकत में आया और इस पूरे ‘सेक्स स्कैंडल’ का पर्दाफाश हुआ.
SIT की जांच और गहराता रहस्य
अब इस मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है. डिजिटल साक्ष्य, फोन रिकॉर्ड और बैंक ट्रांजेक्शन की बारीकी से जांच की जा रही है. खरत पर दुष्कर्म, जबरन वसूली और अश्लील सामग्री प्रसारित करने जैसे कई गंभीर धाराओं में मामले दर्ज हैं.
शुरुआत में 58 वीडियो की बात कही जा रही थी लेकिन जांच आगे बढ़ने पर यह संख्या 100 के पार पहुँचती दिख रही है. मर्चेंट नेवी का रिटायर्ड अधिकारी और एक मंदिर ट्रस्ट का प्रमुख होने के नाते खरत के संबंध बड़े राजनेताओं, व्यापारियों और मशहूर हस्तियों से थे. पुलिस अब इस बात की तह तक जाने की कोशिश कर रही है कि इस घिनौने खेल में और कौन-कौन शामिल था.