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कागज के नोट, डेमो से जीता भरोसा… फिर लेकर उड़े 7 लाख रुपये; कारोबारी को ठगने वालें गैंग का पुलिस ने किया भंडाफोड़

मुंबई ठगी मामला: आरोपियों ने एक कारोबारी को यह झांसा देकर लगभग ₹7 लाख की ठगी की कि वे केमिकल और पाउडर की मदद से सादे कागज को भारतीय करेंसी नोटों में बदल सकते हैं.

Written By: Shristi S
Last Updated: March 13, 2026 23:20:55 IST

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Fake Currency Scam Case: मुंबई के बांगुर नगर पुलिस स्टेशन ने दो आरोपियों को गिरफ्तार करके एक सनसनीखेज धोखाधड़ी का पर्दाफाश किया है. आरोपियों ने एक कारोबारी को यह झांसा देकर लगभग ₹7 लाख की ठगी की कि वे केमिकल और पाउडर की मदद से सादे कागज को भारतीय करेंसी नोटों में बदल सकते हैं.
 
पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता लालन राजकुमार महतो (34), जो गोरेगांव पश्चिम इलाके का रहने वाला है को आरोपियों ने यह यकीन दिलाया कि उनके पास एक खास केमिकल और पाउडर है, जिससे वे सादे कागज को असली भारतीय करेंसी नोटों में बदल सकते हैं. उसका भरोसा जीतने के लिए, आरोपियों ने पहले ₹500 के एक नोट का इस्तेमाल करके एक डेमो दिया. उन्होंने दावा किया कि अगर उन्हें बड़ी रकम दी जाए, तो वे उसे कई गुना बढ़ाकर वापस कर देंगे.
 

डेमो के जरिए जीता भरोसा

आरोपियों ने शिकायतकर्ता के सामने एक नकली डेमो किया, जिसमें ऐसा लगा कि वे अपने केमिकल और पाउडर की मदद से कागज को करेंसी नोटों में बदल रहे हैं. इस झांसे में आकर, शिकायतकर्ता ने आरोपियों को ₹7 लाख सौंप दिए. इसके बाद आरोपियों ने कागज की शीटों का बंडल बनाया, उन पर पाउडर लगाया और उन्हें पैक कर दिया.
 
उन्होंने शिकायतकर्ता को भरोसा दिलाया कि कुछ समय बाद ये बंडल करेंसी नोटों में बदल जाएंगे. लेकिन, जब शिकायतकर्ता ने बाद में पैकेट खोले, तो उसे अंदर सादे कागज के अलावा कुछ नहीं मिला. जब उसे एहसास हुआ कि उसके साथ धोखाधड़ी हुई है, तो उसने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.
 

पुलिस बिहार और UP पहुंची

मामले की जांच के दौरान, पुलिस ने टेक्निकल इंटेलिजेंस और अन्य सुरागों की मदद से आरोपियों का पता लगाया. जांच में पता चला कि आरोपी बक्सर (बिहार) और गाजीपुर (उत्तर प्रदेश) में छिपे हुए थे. इस जानकारी पर कार्रवाई करते हुए, पुलिस की एक टीम इन जगहों पर गई और स्थानीय पुलिस की मदद से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.
 

पुलिस ने आरोपियों को किया गिरफ्तार

इस मामले के सिलसिले में, पुलिस ने पवन उर्फ प्रकाश कुमार दिलीप प्रसाद (25) और सर उर्फ गजसिंह मनोज सिंह प्रसाद (47) को गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी काफी समय से इस धोखाधड़ी में शामिल थे. वे लोगों को यह झूठा वादा करके लाखों रुपये ठग रहे थे कि वे केमिकल की मदद से करेंसी नोट बना सकते हैं.
 

पुलिस ने जनता से की अपील

पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे ऐसी धोखेबाज़ योजनाओं का शिकार न बनें विशेष रूप से उन योजनाओं का जिनमें कागज़ को करेंसी नोट में बदलने या पैसे को कई गुना बढ़ाने का दावा किया जाता है. ऐसे मामलों में, तुरंत पुलिस को सूचित करें. फ़िलहाल, पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह ने और कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है.
 

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Written By: Shristi S
Last Updated: March 13, 2026 23:20:55 IST

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Fake Currency Scam Case: मुंबई के बांगुर नगर पुलिस स्टेशन ने दो आरोपियों को गिरफ्तार करके एक सनसनीखेज धोखाधड़ी का पर्दाफाश किया है. आरोपियों ने एक कारोबारी को यह झांसा देकर लगभग ₹7 लाख की ठगी की कि वे केमिकल और पाउडर की मदद से सादे कागज को भारतीय करेंसी नोटों में बदल सकते हैं.
 
पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता लालन राजकुमार महतो (34), जो गोरेगांव पश्चिम इलाके का रहने वाला है को आरोपियों ने यह यकीन दिलाया कि उनके पास एक खास केमिकल और पाउडर है, जिससे वे सादे कागज को असली भारतीय करेंसी नोटों में बदल सकते हैं. उसका भरोसा जीतने के लिए, आरोपियों ने पहले ₹500 के एक नोट का इस्तेमाल करके एक डेमो दिया. उन्होंने दावा किया कि अगर उन्हें बड़ी रकम दी जाए, तो वे उसे कई गुना बढ़ाकर वापस कर देंगे.
 

डेमो के जरिए जीता भरोसा

आरोपियों ने शिकायतकर्ता के सामने एक नकली डेमो किया, जिसमें ऐसा लगा कि वे अपने केमिकल और पाउडर की मदद से कागज को करेंसी नोटों में बदल रहे हैं. इस झांसे में आकर, शिकायतकर्ता ने आरोपियों को ₹7 लाख सौंप दिए. इसके बाद आरोपियों ने कागज की शीटों का बंडल बनाया, उन पर पाउडर लगाया और उन्हें पैक कर दिया.
 
उन्होंने शिकायतकर्ता को भरोसा दिलाया कि कुछ समय बाद ये बंडल करेंसी नोटों में बदल जाएंगे. लेकिन, जब शिकायतकर्ता ने बाद में पैकेट खोले, तो उसे अंदर सादे कागज के अलावा कुछ नहीं मिला. जब उसे एहसास हुआ कि उसके साथ धोखाधड़ी हुई है, तो उसने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.
 

पुलिस बिहार और UP पहुंची

मामले की जांच के दौरान, पुलिस ने टेक्निकल इंटेलिजेंस और अन्य सुरागों की मदद से आरोपियों का पता लगाया. जांच में पता चला कि आरोपी बक्सर (बिहार) और गाजीपुर (उत्तर प्रदेश) में छिपे हुए थे. इस जानकारी पर कार्रवाई करते हुए, पुलिस की एक टीम इन जगहों पर गई और स्थानीय पुलिस की मदद से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.
 

पुलिस ने आरोपियों को किया गिरफ्तार

इस मामले के सिलसिले में, पुलिस ने पवन उर्फ प्रकाश कुमार दिलीप प्रसाद (25) और सर उर्फ गजसिंह मनोज सिंह प्रसाद (47) को गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी काफी समय से इस धोखाधड़ी में शामिल थे. वे लोगों को यह झूठा वादा करके लाखों रुपये ठग रहे थे कि वे केमिकल की मदद से करेंसी नोट बना सकते हैं.
 

पुलिस ने जनता से की अपील

पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे ऐसी धोखेबाज़ योजनाओं का शिकार न बनें विशेष रूप से उन योजनाओं का जिनमें कागज़ को करेंसी नोट में बदलने या पैसे को कई गुना बढ़ाने का दावा किया जाता है. ऐसे मामलों में, तुरंत पुलिस को सूचित करें. फ़िलहाल, पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह ने और कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है.
 

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