Pune Iftar Attack: महाराष्ट्र के पुणे से एक चिंताजनक खबर सामने आई है, जहां रमजान के इस महीने में इफ्तार कर रहे लोगों पर हमला किए जाने का मामला सामने आया है. इस घटना ने इलाके में सुरक्षा और सांप्रदायिक सौहार्द को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. पुलिस के मुताबिक, यह घटना पुणे के सासवड के पास बोपदेव घाट क्षेत्र में हुई. यहां झील के किनारे इफ्तार कर रहे करीब 14 लोगों पर 100 से 150 लोगों की भीड़ ने अचानक हमला कर दिया. इस मामले में पुलिस ने दर्जनों लोगों को हिरासत में ले लिया है.
100-150 लोगों ने घेरकर किया हमला
शिकायतकर्ता फिरोज सय्यद के अनुसार, वह 14 मार्च की शाम अपने 13 दोस्तों के साथ रोजा खोलने के लिए अस्करवाडी इलाके में पहुंचे थे. सभी लोग अपने साथ खाने-पीने का सामान लेकर आए थे और इफ्तार की तैयारी कर रहे थे. आरोप है कि इसी दौरान करीब 100 से 150 लोग, जो लगभग 100 दोपहिया वाहनों पर सवार थे, मौके पर पहुंचे और इफ्तार कर रहे लोगों को घेर लिया. हमलावरों के पास डंडे, पत्थर, चाबुक और कुछ धारदार हथियार भी बताए जा रहे हैं.
इलाके में नहीं आने की दी धमकी
पीड़ितों का कहना है कि हमलावरों ने उनसे पूछा कि वे वहां क्यों इकट्ठा हुए हैं और उनके कपड़ों को लेकर भी सवाल उठाए. इसके बाद उन्हें धमकी दी गई कि वे दोबारा उस इलाके में न आएं. स्थानीय पुलिस के अनुसार, इस इलाके में पहले भी बाहरी लोगों के एकत्र होने को लेकर विवाद सामने आ चुके हैं. हालांकि, इस तरह की हिंसक घटना पहली बार सामने आई है, जिससे कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है.
अज्ञात लोगों पर FIR दर्ज
मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था. आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी. पुणे के इस संवेदनशील मामले में पुलिस जांच तेज कर दी गई है, लेकिन सवाल यह है कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा होकर हमला कैसे कर पाए. क्या यह सिर्फ स्थानीय विवाद है या इसके पीछे कोई संगठित साजिश?