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एपस्टीन फाइल्स: क्या ‘शैतान’ की पूजा करता था एपस्टीन? जानिए क्या है ‘बाल’ का कनेक्शन, आलीशान बंगले में चलता था कौन-सा ‘शैतानी’ खेल?

Epstein Baal connection: क्या जेफरी एपस्टीन किसी शैतानी पंथ का हिस्सा था? फाइलों में मिले 'बाल' के नाम और मक्का के पवित्र कपड़े का खौफनाक सच जानकर दंग रह जाएंगे आप. पढ़ें पूरा रहस्य!

Epstein files 2026: दुनिया हमेशा से हमारी समझ से परे रही है. सदियों से हम अनसुनी शक्तियों, गुप्त और रहस्यमयी अनुष्ठानों को समझने की कोशिश करते रहे हैं. कुछ राज़ वक्त के साथ दफन हो जाते हैं, तो कुछ अचानक सामने आकर सबको हैरान कर देते हैं और छिपे हुए सच को खोजने की हमारी यही चाहत बताती है कि आज भी लोग परलौकिक कहानियों और हॉरर फिल्मों की तरफ क्यों खिंचे चले जाते हैं, क्यों हमें लगता है कि बेहिसाब दौलत और ताकत के पीछे अक्सर कोई काला सच छिपा होता है. यही वजह है कि एपस्टीन फाइलों से जुड़ी एक अफवाह ने इंटरनेट पर सनसनी फैला दी. सोशल मीडिया पर एक दस्तावेज वायरल हो रहा है जिसमें जेफरी एपस्टीन का नाम ‘बाल’ (Ba’al) जैसे शैतान से जोड़ा जा रहा है क्योंकि ये नाम उसके एक बैंक खाते से जुड़ा बताया जा रहा है और अब देखते ही देखते इसको लेकर चर्चा का बाजार गर्म हो गया है. लेकिन सवाल यह है कि आखिर यह ‘बाल’ कौन है? और क्या वाकई इसका एपस्टीन के काले कारनामों से कोई सीधा संबंध है? कुछ लोगों का मानना है कि एपस्टीन के पाम बीच वाले बंगले पर काली और शैतानी शक्तियों की पूजा होती थी. कुछ लोगों का कहना ये भी है कि जितनी दरिंदगी भरी वीडियो सामने आ रही है वो किसी भगवान नहीं शैतान की ही पूजा करता होगा. इन सब चीजों को खंगालने से पहले हम आपको आसान शब्दों में समझाने की कोशिश करते हैं कि आखिर जेफरी एपस्टीन कौन था और एपस्टीन फाइल्स क्या है? और उसका ‘बाल’ से सीधा संबंध क्या था? 

एपस्टीन कौन था?(Who was Epstein?)

‘जेफरी एपस्टीन’ अमेरिका का एक हाई-प्रोफाइल ‘फाइनेंसर’ था. वह बहुत अमीर था और न्यूयॉर्क से लेकर पेरिस तक उसके पास आलीशान महल और निजी द्वीप और जेट थे. वह दुनिया के सबसे ताकतवर लोगों का दोस्त था. इसमें बड़े नेता, राष्ट्रपति, राजकुमार और मशहूर वैज्ञानिक शामिल थे. इसी वजह से वह दशकों तक कानून की पकड़ से बचा रहा. एपस्टीन का असली काला चेहरा यह था कि वह कम उम्र की लड़कियों और युवतियों की ‘यौन तस्करी’ करता था. उसने एक ऐसा नेटवर्क बनाया हुआ था जहाँ वह लड़कियों का शोषण करता और अपने ताकतवर दोस्तों को उनमें शामिल करता था. उसे पहली बार 2008 में सजा हुई, लेकिन अपने रसूख के दम पर वह बहुत हल्की सजा काटकर बाहर आ गया. 2019 में उसे फिर से गिरफ्तार किया गया. जेल में मुकदमा चलने के दौरान ही उसकी रहस्यमयी तरीके से मौत हो गई (अधिकारियों के मुताबिक उसने आत्महत्या की थी).

एपस्टीन फाइल्स क्या है?(What are the Epstein Files?)

अब आइये जानते हैं कि एपस्टीन फाइल्स क्या है? ‘एपस्टीन फाइल्स’ उन लाखों दस्तावेजों, तस्वीरों और वीडियो का संग्रह है जो जेफरी एपस्टीन के यौन तस्करी नेटवर्क और उसके रसूखदार दोस्तों की जांच से जुड़े हैं. आसान शब्दों में समझें तो यह ‘पावर, पैसा और अपराध’ का एक कच्चा चिट्ठा है. यह कोई एक फाइल नहीं है, बल्कि दस्तावेजों का एक पहाड़ है (करीब 35 लाख पन्ने). इसमें एपस्टीन और उसके अमीर दोस्तों के बीच हुई बातचीत के ईमेल और मैसेज शामिल हैं. उसके निजी विमान (‘लोलिटा एक्सप्रेस’) में किन-किन हस्तियों ने सफर किया वो जानकारी शामिल है. इनमें डोनाल्ड ट्रम्प, बिल क्लिंटन, बिल गेट्स और अन्य मशहूर हस्तियों की ऐसी तस्वीरें भी मिली हैं जो किसी भी सभ्य समाज के बिलकुल खिलाफ है. इस फाइल में उन लड़कियों की जीती-जागती, चीखती-चिल्लाती तस्वीर और वीडियो हैं जिन्होंने एपस्टीन के जुल्मों को सहा है.

नवंबर 2025 में अमेरिका में ‘एपस्टीन फाइल्स ट्रांसपेरेंसी एक्ट’ कानून बना. इसके तहत सरकार के लिए यह अनिवार्य हो गया कि वह एपस्टीन से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी जनता के सामने लाए. इसी कानून के बाद 30 जनवरी 2026 को न्याय विभाग ने करीब 30 लाख नए दस्तावेज जारी किए. इन फाइलों में दुनिया के कई सबसे शक्तिशाली लोगों के नाम बार-बार आते हैं, जैसे: डोनाल्ड ट्रम्प और बिल क्लिंटन: दोनों, राष्ट्रपति और पूर्व राष्ट्रपति  के एपस्टीन के साथ पुराने संबंधों और यात्राओं का जिक्र है. ब्रिटेन के प्रिंस एंड्रयू और एलन मस्क के साथ हुई बातचीत या मुलाकातों के रिकॉर्ड भी फाइलों में मिले हैं। (नोट: नाम होने का मतलब यह नहीं है कि ये सभी अपराध में शामिल थे, लेकिन इनके संबंध सवालों के घेरे में हैं.) हालाँकि लोगों में इस बात को लेकर भी नाराजगी है कि जारी किए गए कई दस्तावेजों में बहुत सारी जानकारी को ‘काली स्याही’ से ढंक दिया गया है. पीड़ितों और कुछ नेताओं का आरोप है कि सरकार अभी भी ‘बड़े लोगों’ को बचाने की कोशिश कर रही है.

अब आइये जानते हैं ‘बाल’ का जिक्र कैसे आया और इसे शैतान से जोड़कर लोग क्यों देख रहे हैं. सबसे पहले जानते हैं 

‘बाल’ कौन है?(Who is ‘Baal’?)

हज़ारों साल पहले मध्य पूर्व (सीरिया, तुर्की और कनान क्षेत्र) में लोग ‘बाल’ को अपना मुख्य देवता मानते थे. ‘बाल(Ba’al)’ का मतलब होता है स्वामी या मालिक. लोग उसे तूफान और बारिश का देवता मानते थे. उनका मानना था कि अगर बाल खुश रहेगा, तो बारिश होगी और फसल अच्छी होगी. 1928 में हुई एक खुदाई में उसकी एक तस्वीर (शिलालेख) मिली थी. उसमें उसे एक योद्धा के रूप में दिखाया गया है, जिसने सींगों वाला मुकुट पहना है और हाथ में एक गदा (हथियार) उठाई हुई है. पौराणिक कथाओं के अनुसार, बाल ने सत्ता के लिए समुद्र के देवता से युद्ध किया और जीत हासिल की. लेकिन फिर वह मौत के देवता के जाल में फँस गया और पाताल लोक चला गया. बाद में उसकी पत्नी ‘अनात’ ने उसे वहाँ से छुड़ाया, जिसके बाद धरती पर फिर से हरियाली और खुशहाली आई.

बाल की पूजा करने के तरीके बहुत अजीब और खौफनाक थे. बाइबिल और अन्य ग्रंथों के अनुसार उसकी पूजा में मंदिरों में यौन संबंध को धार्मिक अनुष्ठान माना जाता था. सबसे डरावनी बात यह है कि उसे खुश करने के लिए मासूम बच्चों की बलि दी जाती थी. उसके पुजारी जोर-जोर से चिल्लाते थे और खुद को चोट पहुँचाकर अपना खून बहाते थे. ईसाई और यहूदी धर्म की मान्यताओं में ‘बाल’ को ईश्वर का विरोधी माना जाने लगा. धीरे-धीरे उसका नाम ‘बेलज़ेबूब’ (Beelzebub) पड़ गया, जिसका जिक्र बाइबिल में शैतान या दुष्ट शक्तियों के राजा के रूप में किया गया है. आसान शब्दों में समझें तो ‘बाल’ एक ऐसा प्राचीन नाम है जो शक्ति, बारिश और फसलों से शुरू हुआ, लेकिन अपनी हिंसक और अजीब परंपराओं की वजह से आज “बुराई” और ‘शैतानी शक्तियों’ का प्रतीक बन गया है. यही वजह है कि जब एपस्टीन जैसी फाइलों में यह नाम आता है, तो लोग इसे किसी गुप्त और खतरनाक पंथ से जोड़कर देखने लगते हैं.

एपस्टीन का बाल से क्या संबंध है (What is Epstein’s connection to the Baal?)

अब बात आती है कि एपस्टीन और बाल का संबंध क्या है? एपस्टीन और ‘बाल’ (Ba’al) के बीच का यह कनेक्शन इंटरनेट पर किसी सस्पेंस फिल्म की कहानी की तरह फैल गया है. अगर इसे हम आसान और मानवीय नजरिए से समझें, तो यह पूरा मामला ‘संयोग बनाम साजिश’ के बीच फंसा हुआ है. इंटरनेट पर एक बैंक ट्रांसफर या फैक्स का स्क्रीनशॉट वायरल हुआ. इसमें जहाँ बैंक का नाम होना चाहिए, वहाँ ‘baal.name’ लिखा था. इसके ठीक नीचे ‘Wachovia Bank’ और खाते का नाम ‘One Clearlake Centre, LLC’ दर्ज था. लोगों ने दावा किया कि एपस्टीन गुप्त रूप से उस प्राचीन देवता ‘बाल’ की पूजा करता था और उसने अपने बैंक खाते का नाम भी उसी पर रखा था. चूँकि बाल की पूजा में बच्चों की बलि और यौन अनुष्ठान शामिल थे, इसलिए लोगों को यह एपस्टीन के घिनौने कामों से जुड़ता हुआ लगा. जाँच करने वाले विशेषज्ञों (Fact-checkers) का कहना है कि यह शायद कोई रहस्यमयी नाम नहीं, बल्कि एक टाइपिंग की गलती या तकनीकी गड़बड़ी है. संभव है कि ‘Bank Name’ (बैंक नाम) शब्द डिजिटल स्कैनिंग के दौरान बिगड़कर ‘baal.name’ जैसा दिखने लगा हो.

काबा के कपड़े (किस्वा) का रहस्य

एक ईमेल से यह भी पता चला कि 2017 में सऊदी अरब से एपस्टीन को ‘किस्वा’ के तीन टुकड़े भेजे गए थे (यह वही पवित्र कपड़ा है जो मक्का में काबा को ढकता है). लोग सवाल उठा रहे हैं कि एक अपराधी के पास इतना पवित्र कपड़ा क्या कर रहा था? क्या वह इसे किसी तांत्रिक अनुष्ठान या बाल की पूजा के लिए इस्तेमाल कर रहा था? हालांकि, इसका कोई ठोस सबूत नहीं है, पर एपस्टीन की सनकी आदतों को देखते हुए लोग तरह-तरह के कयास लगा रहे हैं.

एपस्टीन ने जिस तरह से लड़कियों को फंसाने और रसूखदार लोगों को खुश करने का जाल बुना था, उसे कई लोग किसी ‘कल्ट’ या पंथ की तरह देखते हैं. पाम बीच के उसके बंगले में जो कुछ भी हुआ, उसने लोगों के मन में यह बात बैठा दी है कि वह सामान्य अपराधी नहीं, बल्कि किसी बहुत गहरी और अंधेरी दुनिया का हिस्सा था.

भले ही ‘बाल’ वाले दस्तावेज को तकनीकी गलती मान लिया जाए, लेकिन आम जनता के लिए इस पर यकीन करना आसान है. इसकी वजह यह है कि एपस्टीन ने जो अमानवीय अपराध किए, वे इतने भयानक थे कि लोगों को लगता है कि इतनी बुराई केवल एक ‘नॉर्मल’ अपराधी में नहीं हो सकती, इसके पीछे जरूर कोई शैतानी या तांत्रिक वजह रही होगी.

फिलहाल ‘बाल’ और एपस्टीन का सीधा संबंध साबित करने वाला कोई कानूनी सबूत नहीं है, लेकिन एपस्टीन की काली दुनिया और उस वायरल दस्तावेज ने लोगों के मन में एक गहरा शक पैदा कर दिया है कि सत्ता के गलियारों में कुछ बहुत ही अजीब और अपवित्र चल रहा था.

डिस्क्लेमर: यह लेख इंटरनेट पर मौजूद दावों, लीक हुई फाइलों और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. ‘बाल’ और एपस्टीन के बीच कथित संबंध की पुष्टि किसी आधिकारिक कानूनी एजेंसी ने नहीं की है. हमारा उद्देश्य केवल प्रचलित चर्चाओं और तथ्यों की जानकारी देना है, किसी भी धर्म या व्यक्ति की भावनाओं को ठेस पहुँचाना नहीं.

Shivani Singh

नमस्ते, मैं हूँ शिवानी सिंह. पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के सफर में हूं और वर्तमान में 'इंडिया न्यूज़' में सब-एडिटर के तौर पर अपनी भूमिका निभा रही हूं. मेरा मानना है कि हर खबर के पीछे एक कहानी होती है और उसे सही ढंग से कहना ही एक पत्रकार की असली जीत है. chakdecricket, Bihari News, 'InKhabar' जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में सब-एडिटर और एंकर की भूमिका निभाने के बाद, अब मैं अपनी लेखनी के जरिए आप तक पॉलिटिक्स, क्रिकेट और बॉलीवुड की बड़ी खबरों को डिकोड करती हूं. मेरा उद्देश्य जटिल से जटिल मुद्दे को भी सहज और सरल भाषा में आप तक पहुंचाना है.

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