गायकी की दुनिया में कई ऐसे सिंगर्स हैं, जिनके सुरीली आवाज के दर्शक दीवाने हैं. हम आपको एक ऐसे सिंगर के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे एक बीमारी के चलते छोड़ना पड़ा गायन.
अलका याग्निक
Alka Yagnik: हम बात कर रहे हैं बॉलीवुड की मशहूर गायिका अलका याग्निक की. बचपन के दिनों से ही वो अपनी सुरों की जादूगरी से लोगों को कायल करती रहीं. महज 6 वर्ष की उम्र से गायन करियर की शुरुआत करने के बाद वो बॉलीवुड में भी राज करने लगी. अलका याग्निक ने अभी तक करीब 22000 गाने रिकॉर्ड किए हैं. चंद महीने पहले सिंगर ने गाया था गाना, फिर अचानक एक बीमारी के उन्हें छोड़ना पड़ा गायन.
गायिका अलका याग्निका ने 17 जून 2024 को अपने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने बताया कि वो दुर्लभ बीमारी से जूझ रही हैं. इस कारण से उनकी सुनने की क्षमता पर असर पड़ रहा है. जब डॉक्टरों को सिंगर ने दिखाया तो उन्होंने बताया कि इस बीमारी को सेंसरी नर्व हियरिंग लॉस नाम से जानते हैं, जो वायरल अटैक है.
अपने इंस्टा पोस्ट में गायिका ने एक लंबा चौड़ा संदेश लिखा. उन्होंने कहा, ‘मेरे सभी प्रशंसकों, दोस्तों, फॉलोअर्स और शुभचिंतकों. कुछ सप्ताह पहले मैं फ्लाइट से उतरी तो अचानक महसूस हुआ जैसे कुछ सुनाई नहीं दे रहा. इस घटना को कुछ हफ्ते बीत चुके हैं. अब मैंने हिम्मत जुटाकर अपने सभी मित्रों और शुभचिंतकों के लिए चुप्पी तोड़ने का फैसला किया है. मुझसे लोग लगातार पूछ रहे थे कि मैं कहीं नजर क्यों नहीं आ रही हूं तो उन्हें इस बारे में बताना चाहती हूं. जांच में डॉक्टरों ने इस दुर्लभ बीमारी को सेंसरी न्यूरल नर्व हीयरिंग लॉस बताया है। यह एक वायरल अटैक के बाद हुआ. इस अचानक लगे बड़े झटके ने मुझे पूरी तरह से हैरान कर दिया है’.
अलका याग्निक ने इस बीमारी का खुलासा करने से चंद महीने पहले एक गाना गाय था. यह सॉन्ग दिलजीत दोसांझ और परिणीति चोपड़ा अभिनीत फिल्म ‘अमर सिंह चमकीला’ का ‘नरम कालजा’ था. इस गाने को अलका याग्निक ने आवाज दी थी. इसके बाद उन्होंने अप्रैल, 2024 में ‘संग तुम रहना’ सॉन्ग भी गाया था, जो अशोक ओझा के साथ था.
अलका याग्निक को ये बीमारी तेज संगीत और हेडफोन के ज्यादा उपयोग करने से हुई. इसीलिए उन्होंने सुझाव दिया कि बहुत तेज आवाज में संगीत न सुनें और हेडफोन के इस्तेमाल को लेकर भी सावधानी बरतें. आपको बता दें कि सेंसरी नर्व हियरिंग लॉस बीमारी कान के अंदर मौजूद हिस्सा (कोक्लिया) या सुनाई देने वाली नस (ऑडिटोरी नर्व) में समस्या के कारण होती है. इसे लेकर डॉक्टरों का कहना है कि जब कान से दिमाग पहुंचने वाली नसों में समस्या होती है, तो व्यक्ति धीरे-धीरे कम सुनने लगता है.
FIFA World Cup 2026: भारत इस टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं ले रहा है, लेकिन फैंस…
Udaipur: उद्योग जगत में अपनी दूरदर्शिता, अनुशासित जीवनशैली और प्रभावशाली नेतृत्व के लिए पहचाने जाने…
Dharavi Redevelopment Project: शाहूनगर में रहने वाले लगभग 900 BMC किरायेदारों को अस्थायी रूप से…
Adani Solar Ranking 2026: अडानी न्यू इंडस्ट्रीज लिमिटेड (ANIL) की सोलर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट, अडानी सोलर,…
shaniwar ke upay: शनिदेव का दिन शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए विशेष माना जाता…
Funny Jokes of the Day: आपकी हंसी थेरेपी का काम करती है. इसीलिए हम आपकी…