KGMU case: लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) से जुड़े पूर्व रेजिडेंट डॉक्टर रमीजुद्दीन नायक उर्फ रमीज मलिक पर लगे यौन शोषण, ब्लैकमेलिंग और जबरन धर्मांतरण के दबाव के आरोपों ने मामले को गंभीर बना दिया है. पुलिस जांच में सामने आई जानकारी के मुताबिक, आरोपी युवतियों को प्रभावित करने के लिए मुर्गे के खून से प्रेम पत्र लिखता था और दावा करता था कि उसने यह पत्र अपनी उंगली काटकर अपने खून से लिखा है. इतना ही नहीं, उस पर निजी तस्वीरों और वीडियो के जरिए युवतियों को ब्लैकमेल करने तथा उनके शादी के रिश्ते तुड़वाने के आरोप भी हैं. एक महिला ने पुलिस को दिए बयान में वर्ष 2012 से 2025 तक यौन और मानसिक शोषण किए जाने की बात कही है.
मुर्गे के खून से लिखा प्रेम पत्र
पुलिस पूछताछ से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपी डॉक्टर ने एक युवती को प्रभावित करने के लिए मुर्गे के खून से प्रेम पत्र लिखा था. उसने युवती को बताया कि यह खून उसका अपना है और उसने अपनी उंगली काटकर पत्र लिखा है. इस तरह वह युवती को भावनात्मक रूप से प्रभावित करने की कोशिश करता था. पुलिस के सामने आए बयानों में यह भी दावा किया गया है कि आरोपी युवतियों के साथ निजी पल रिकॉर्ड कर लेता था और बाद में इन तस्वीरों व वीडियो का इस्तेमाल दबाव बनाने के लिए करता था.
निजी वीडियो भेजकर तुड़वाए शादी के रिश्ते
पीड़िता का आरोप है कि जब उसके परिवार ने शादी के लिए रिश्ते तलाशने शुरू किए तो आरोपी ने उसकी निजी तस्वीरें और वीडियो संभावित मंगेतरों तक पहुंचा दिए. इससे उसके कई वैवाहिक रिश्ते टूट गए. पुलिस सूत्रों के हवाले से आई रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी युवतियों का रिश्ता तय होने पर उनके होने वाले पति या ससुराल पक्ष को निजी वीडियो भेजकर शादी रुकवाने की कोशिश करता था. आरोप है कि इस तरीके से वह युवतियों पर अपना दबाव बनाए रखना चाहता था.
शादी का झांसा देकर शोषण का आरोप
पीड़िता के पुलिस बयान के मुताबिक, उसकी मुलाकात आरोपी से वर्ष 2012 में आगरा में एमबीबीएस की पढ़ाई के दौरान हुई थी. आरोप है कि दिसंबर 2012 में आरोपी ने उसे डांस प्रैक्टिस के बहाने अपने फ्लैट पर बुलाया और नशीला पेय देकर उसके साथ जबरदस्ती की. इसके बाद शादी का वादा करके वर्ष 2025 तक अलग अलग जगहों पर उसका यौन शोषण करने का आरोप लगाया गया है. महिला ने वर्ष 2014 में दिल्ली एम्स के एक कॉलेज फेस्ट के दौरान भी नशीला पदार्थ देकर शोषण किए जाने का आरोप लगाया है. उसके मुताबिक, वर्ष 2016 में गर्भवती होने पर आरोपी ने शादी करने से इनकार कर दिया और गर्भपात कराने का दबाव बनाया. पीड़िता का दावा है कि आगरा के खंदारी इलाके के एक क्लीनिक से उसे गर्भपात की दवाएं दिलाई गईं.
लखनऊ बुलाकर घर का काम कराने और मारपीट का आरोप
पीड़िता के मुताबिक, वर्ष 2023 में उसे लखनऊ बुलाया गया. यहां आरोपी के परिवार के साथ रहने के दौरान उससे खाना बनवाने और घर के साथ साथ टॉयलेट की सफाई तक कराई जाती थी. विरोध करने पर मारपीट और मानसिक प्रताड़ना का आरोप भी लगाया गया है. महिला ने यह भी दावा किया कि आरोपी के साथ उसके संबंधों को लेकर सवाल उठाने पर उसे शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया और उसका सिर दीवार से टकराया गया.
निकाहनामे पर जबरन हस्ताक्षर कराने का आरोप
महिला ने आरोप लगाया कि वर्ष 2024 में आरोपी के माता पिता ने उस पर इस्लाम अपनाने का दबाव बनाना शुरू किया. उसे बताया गया कि धर्म परिवर्तन के बिना शादी स्वीकार नहीं की जाएगी. पीड़िता के मुताबिक, जनवरी 2025 में निजी वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उस पर निकाह और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया गया. फरवरी 2025 में काजी की मौजूदगी में उसे और उसके पिता को एक कमरे में बंद करके निकाहनामे पर हस्ताक्षर कराने का भी आरोप है. इसके बाद उस पर मुस्लिम पहचान अपनाने, बुर्का पहनने और खानपान बदलने का दबाव बनाए जाने की बात कही गई है.
पुलिस खंगाल रही डिजिटल सबूत और निकाहनामे की जानकारी
पुलिस इस मामले में पीड़िता के बयानों के साथ निजी वीडियो, मोबाइल फोन, डिजिटल साक्ष्य और निकाहनामे से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है. जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आरोपी ने अन्य युवतियों के साथ भी इसी तरह का व्यवहार किया था या नहीं. मामले में आरोपी के परिवार के सदस्यों की भूमिका को लेकर भी आरोप लगाए गए हैं. हालांकि, पीड़िता के बयान में लगाए गए सभी आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी.