नासिक के प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग त्र्यंबकेश्वर मंदिर में एक बार फिर सुरक्षा गार्डों की गुंडागर्दी सामने आई है. दर्शन कर रहे एक श्रद्धालु को मंदिर परिसर में ही सुरक्षा कर्मियों ने जमकर पीटा, जिससे उसके कपड़े तक फट गए.
बच्चों की परीक्षा खत्म होने और होली की वजह से स्कूल बंद हो गए हैं. छुट्टियों की वजह से दर्शनार्थियों की भीड़ बढ़ गयी है. भीड़ को नियंत्रित करने के नाम पर यह घटना हुई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
घटना का विवरण
मंदिर में दर्शन के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे, क्योंकि लगातार छुट्टियों का सिलसिला चल रहा है. दर्शन कर रहे एक श्रद्धालु को सुरक्षा कर्मियों ने अचानक निशाना बनाया और लात-घूंसों से पीटा. मंदिर परिसर में ही यह मारपीट हुई, जिसमें श्रद्धालु के कपड़े फटने तक की नौबत आ गई. वीडियो या प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह नजारा बेहद शर्मनाक था, जहां भगवान के दर्शन के इरादे से आए भक्त को ही “प्रसाद” के रूप में हिंसा झेलनी पड़ गयी.
पहले भी हुई हैं ऐसी घटनाएं
यह कोई पहला मामला नहीं है. त्र्यंबकेश्वर संस्थान के सुरक्षा कर्मियों द्वारा श्रद्धालुओं के साथ मारपीट की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं. मंदिर में भीड़ प्रबंधन के नाम पर लात-घूंसे चलाने का सिलसिला कई सालों से चल रहा है, जिससे श्रद्धालुओं में भय और आक्रोश व्याप्त है. मंदिर प्रशासन की ओर से इन मामलों पर कोई ठोस कार्रवाई न होने से सुरक्षा गार्ड बेलगाम हो गए हैं. श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन के लिए आते हैं, लेकिन कर्मियों का व्यवहार उन्हें अपमानित कर रहा है. गोदावरी नदी के तट पर स्थित यह ज्योतिर्लिंग देशभर से लाखों भक्तों को आकर्षित करता है, लेकिन बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने के नाम पर सुरक्षा गार्डों का यह क्रूर रवैया काफी चर्चा में है. श्रद्धालुओं का आरोप है कि कर्मी बिना वजह हिंसा पर उतर आते हैं, जो मंदिर की पवित्रता को ठेस पहुंचाता है.
संस्थान की जिम्मेदारी
त्र्यंबकेश्वर संस्थान के सुरक्षा कर्मियों द्वारा श्रद्धालुओं को लात-घूंसों का “प्रसाद” मिलने का आरोप लगातार उठ रहा है. सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने से ये मामला गरमा गया है. अब देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस मामले में त्र्यंबकेश्वर संस्थान क्या कार्रवाई करता है. मंदिर ट्रस्ट को न केवल इस घटना की निष्पक्ष जांच करनी चाहिए, बल्कि सुरक्षा कर्मियों को प्रशिक्षण देकर भीड़ प्रबंधन में सुधार लाना चाहिए.
श्रद्धालु अब सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि मंदिर भगवान का घर है, जहां हिंसा का कोई स्थान नहीं. प्रशासन को सीसीटीवी फुटेज जांचना चाहिए और पीड़ित को न्याय देना चाहिए.