अक्षय नवमी की पौराणिक कथा
कब है अक्षय नवमी 2025?
अक्षय नवमी के शुभ योग और मुहूर्त
इस बार अक्षय नवमी पर कई शुभ योगों का संयोग बन रहा है —
- वृद्धि योग – 31 अक्टूबर को सुबह 06:17 बजे से पूरे दिन रहेगा.
- रवि योग – पूरे दिन विद्यमान रहेगा, जो सूर्य देव की कृपा प्राप्ति के लिए अत्यंत शुभ माना गया है.
- शिववास योग – इस दिन शिव की कृपा भी बनी रहेगी, जिससे पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है.
इन शुभ योगों में पूजा, दान और स्नान से अक्षय फल की प्राप्ति होती है.
पूजा विधि इस प्रकार है:
सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें.
आंवले के वृक्ष के नीचे दीपक जलाएं और जल अर्पित करें.
भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और भगवान शिव का ध्यान करें.
वृक्ष पर रोली, अक्षत, फूल और जल चढ़ाएं.
वृक्ष के नीचे परिवार सहित भोजन करें या ब्राह्मण को भोजन करवाएं.