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Home > धर्म > Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया के दिन किया ये खास दान, तो पलट सकती है तकदीर! प्रेमानंद महाराज ने बताया उपाय

Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया के दिन किया ये खास दान, तो पलट सकती है तकदीर! प्रेमानंद महाराज ने बताया उपाय

Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया के दिन दान का विशेष महत्व होता है.इस दिन लोग अपने क्षमता के अनुसार तरह-तरह की चीजों का दान करते हैं,आइए जानते हैं कि प्रेमानंद महाराज ने अक्षय तृतीया के दान को लेकर क्या बताया है.

Written By: Shivashakti narayan singh
Last Updated: April 10, 2026 19:02:52 IST

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Akshaya Tritiya 2026: हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया को बेहद शुभ और दुर्लभ अवसर माना जाता है. ‘अक्षय’ का अर्थ होता है,जिसका कभी अंत न हो. मान्यता है कि इस दिन किए गए पुण्य कार्य, दान और साधना का फल हमेशा बना रहता है. यह तिथि अपने आप में इतनी पवित्र मानी जाती है कि किसी भी शुभ कार्य के लिए अलग से मुहूर्त देखने की आवश्यकता नहीं पड़ती.

साल 2026 में यह पावन पर्व 19 अप्रैल, सोमवार को मनाया जाएगा. आमतौर पर लोग इस दिन सोना-चांदी खरीदना शुभ मानते हैं, लेकिन वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज का दृष्टिकोण थोड़ा अलग है. उनका कहना है कि भौतिक वस्तुएं नश्वर होती हैं, जबकि इस दिन किया गया एक सही आध्यात्मिक कार्य इंसान के वर्तमान और भविष्य दोनों को संवार सकता है.

 सबसे श्रेष्ठ दान क्या है?

प्रेमानंद महाराज के अनुसार अक्षय तृतीया पर केवल धन या वस्तुओं का दान ही महत्वपूर्ण नहीं होता, बल्कि भगवान के नाम का जप सबसे बड़ा दान माना गया है. अगर कोई व्यक्ति श्रद्धा से ईश्वर का नाम लेता है और उसकी ध्वनि किसी दुखी व्यक्ति तक पहुंचती है, तो वह उसके मन को शांति और उम्मीद दे सकती है. यही सच्चे अर्थों में सबसे बड़ा पुण्य माना जाता है.

अक्षय तृतीया पर अपनाएं ये खास उपाय

 मौन रहकर बढ़ाएं आध्यात्मिक शक्ति
इस दिन अनावश्यक बातचीत और विवादों से दूरी बनाकर शांत रहना लाभकारी माना जाता है. मौन से मन की ऊर्जा बचती है और उसे भक्ति में लगाने का अवसर मिलता है.

 बाहर का खानें से बचें
इस दिन शुद्धता का विशेष ध्यान रखना चाहिए. कोशिश करें कि घर में ही भोजन बनाकर भगवान को अर्पित करें और उसी को प्रसाद के रूप में ग्रहण करें. इससे मन और बुद्धि दोनों पवित्र रहते हैं.

 नाम जप और भक्ति में लगाएं समय
अक्षय तृतीया के दिन मंत्र जाप और भगवान के नाम का स्मरण कई गुना फल देता है. जितना अधिक भक्ति में मन लगाया जाएगा, उतना ही सकारात्मक प्रभाव जीवन पर पड़ेगा.

  Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है. पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें. India News इसकी सत्यता का दावा नहीं करता है.

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Last Updated: April 10, 2026 19:02:52 IST

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Akshaya Tritiya 2026: हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया को बेहद शुभ और दुर्लभ अवसर माना जाता है. ‘अक्षय’ का अर्थ होता है,जिसका कभी अंत न हो. मान्यता है कि इस दिन किए गए पुण्य कार्य, दान और साधना का फल हमेशा बना रहता है. यह तिथि अपने आप में इतनी पवित्र मानी जाती है कि किसी भी शुभ कार्य के लिए अलग से मुहूर्त देखने की आवश्यकता नहीं पड़ती.

साल 2026 में यह पावन पर्व 19 अप्रैल, सोमवार को मनाया जाएगा. आमतौर पर लोग इस दिन सोना-चांदी खरीदना शुभ मानते हैं, लेकिन वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज का दृष्टिकोण थोड़ा अलग है. उनका कहना है कि भौतिक वस्तुएं नश्वर होती हैं, जबकि इस दिन किया गया एक सही आध्यात्मिक कार्य इंसान के वर्तमान और भविष्य दोनों को संवार सकता है.

 सबसे श्रेष्ठ दान क्या है?

प्रेमानंद महाराज के अनुसार अक्षय तृतीया पर केवल धन या वस्तुओं का दान ही महत्वपूर्ण नहीं होता, बल्कि भगवान के नाम का जप सबसे बड़ा दान माना गया है. अगर कोई व्यक्ति श्रद्धा से ईश्वर का नाम लेता है और उसकी ध्वनि किसी दुखी व्यक्ति तक पहुंचती है, तो वह उसके मन को शांति और उम्मीद दे सकती है. यही सच्चे अर्थों में सबसे बड़ा पुण्य माना जाता है.

अक्षय तृतीया पर अपनाएं ये खास उपाय

 मौन रहकर बढ़ाएं आध्यात्मिक शक्ति
इस दिन अनावश्यक बातचीत और विवादों से दूरी बनाकर शांत रहना लाभकारी माना जाता है. मौन से मन की ऊर्जा बचती है और उसे भक्ति में लगाने का अवसर मिलता है.

 बाहर का खानें से बचें
इस दिन शुद्धता का विशेष ध्यान रखना चाहिए. कोशिश करें कि घर में ही भोजन बनाकर भगवान को अर्पित करें और उसी को प्रसाद के रूप में ग्रहण करें. इससे मन और बुद्धि दोनों पवित्र रहते हैं.

 नाम जप और भक्ति में लगाएं समय
अक्षय तृतीया के दिन मंत्र जाप और भगवान के नाम का स्मरण कई गुना फल देता है. जितना अधिक भक्ति में मन लगाया जाएगा, उतना ही सकारात्मक प्रभाव जीवन पर पड़ेगा.

  Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है. पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें. India News इसकी सत्यता का दावा नहीं करता है.

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