अनंत चतुर्दशी का महत्व (Importance of Anant Chaturdashi)
अनंत सूत्र का प्रतीकात्मक महत्व
अनंत चतुर्दशी का शुभ मुहुर्त (Anant Chaturdashi Shubh muhurat)
- तिथि प्रारंभ: 6 सितंबर सुबह 3:12 बजे
- तिथि समापन: 7 सितंबर रात्रि 1:41 बजे
- पूजन मुहूर्त: 6 सितंबर शाम 6:02 बजे से 7 सितंबर रात्रि 1:41 बजे तक
गणेश विसर्जन के प्रमुख मुहूर्त (Ganesh Visarjan Shubh muhurat)
- प्रातः मुहूर्त (शुभ) – सुबह 7:36 से 9:10 बजे तक
- अपराह्न मुहूर्त (चर, लाभ, अमृत) – दोपहर 12:19 से शाम 5:02 बजे तक
- सायाह्न मुहूर्त (लाभ) – शाम 6:37 से रात 8:02 बजे तक
- रात्रि मुहूर्त (शुभ, अमृत, चर) – रात 9:28 से 7 सितंबर रात 1:45 बजे तक
- उषाकाल मुहूर्त (लाभ) – 7 सितंबर सुबह 4:36 से 6:02 बजे तक
अनंत चतुर्दशी की पूजन विधि (Anant Chaturdashi Pujan Vidhi)
1. प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
2. घर के पवित्र स्थान पर भगवान विष्णु की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
3. पूजा में रोली, चावल, फूल, फल, मिठाई और तांबे का पात्र उपयोग करें।
4. भगवान विष्णु का ध्यान कर अनंत सूत्र को पूजा के बाद हाथ में बांधें।
5. इसके बाद अनंत चतुर्दशी की कथा का श्रवण करें।
6. अंत में आरती कर प्रसाद वितरित करें और परिवार सहित भगवान का आशीर्वाद प्राप्त करें।