Basant Panchami 2026: माघ महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर बसंत पंचमी का त्योहार मनाया जाता हैं. इस दिन बुद्धि, विद्या और वाणी प्रदान करने वाली मां सरस्वती की पूजा की जाती है और बसंत पंचमी का त्योहार मां सरस्वती जी का जन्मोत्सव होता है. इस दिन कुछ बातों रखने की बेहद जरूरत होती हैं, क्योंकि जरा सी भी की गई गलती बड़े दोष में बदल सकती हैं. आइये जानते हैं यहां कि बसंत पंचमी के दिन भूलकर भी क्या गलतियां नहीं करनी चाहिए
कब हैं बसंत पंचमी? जानें सही तारीख और शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, माघ शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि 23 जनवरी, शुक्रवार के दिन देर रात 02 बजकर 28 मिनट से शुरू होगी, जो अगले दिन 24 जनवरी, शनिवार के दिन देर रात 01 बजकर 46 मिनट पर समाप्त होगी. ऐसे में उदया तिथि के अनुसार बसंत पंचमी 23 जनवरी के दिन मनाई जाएगी.
शुभ मुहूर्तः अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 50 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 40 मिनट तक
बसंत पंचमी पर भूलकर भी न करें ये गलतियां
बसंत पंचमी के दिन कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। बसंत पंचमी के दिन से ही बसंत ऋतु की शुरुआत होती है, इसलिए इस खास दिन पर कोई भी पेड़-पौधा को कांटना-छाटना नहीं चाहिए और उन्हें किसी भी तरह का कोई नुकसान नहीं पहुचाना चाहिए. इस दिन फसल काटने को बेहद ही अशुभ माना जाता है। इसके अलावा बसंत पंचमी के दिन लहसुन-प्याज हर तरह के तामसिक खाने से दूरी बनाई रखनी चाहिए, इसकी जगह सात्विक भोजन करना चाहिए. इसके अलावा बसंत पंचमी के दिन मुंह से कुछ भी खराब नहीं बोलना चाहिए और विध्या यानी किताबों को किसी भी तरह का नुकसान और अपमान नहीं करनी चाहिए.
बसंत पंचमी पर मां सरस्वती को क्या लगाएं भोग
बसंच पंचमी के दिन मां सरस्वती की पूजा के बाद उन्हें भोग लगाना चाहिए। इस खास दिन पर आप पीले रंग के पकवान मां सरस्वती को भोग लगा सकते हैं, इसके अलावा मिठे में आप केसर खीर और बेसन लड्डू का भी भओग लगा सकते हैं.
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