Categories: धर्म

Bhai Dooj 2025: भाइयों के लिए विशेष दिन और भगवान चित्रगुप्त की पूजा का रहस्य, जानें सब कुछ

Bhai Dooj 2025: कार्तिक शुक्ल द्वितीया को भाई दूज का त्योहार मनाया जाता है, लेकिन कम ही लोग जानते हैं कि इस दिन भगवान चित्रगुप्त की पूजा का भी प्रचलन है आइए जानते हैं पंडित शशिशेखर त्रिपाठी के अनुसार विस्तार से

Bhai Dooj 2025: कार्तिक शुक्ल द्वितीया तिथि के दिन भाई दूज का त्योहार मनाया जाता है, ये तो सभी लोग जानते हैं, लेकिन इनमें से बहुत कम ही ऐसे लोग है जिनको पता होगा कि इस दिन भगवान चित्रगुप्त की पूजन का भी प्रचलन है. वर्ष 2025 में भाई दूज और चित्रगुप्त का पूजन 23 नवंबर गुरुवार के दिन किया जाएगा. आइए जानते है कैसी शुरू हुई भैया दूज के पर्व को मनाने और इस दिन पर चित्रगुप्त के पूजन की शुरुआत.

ऐसे शुरू हुई, भैया दूज के पर्व की शुरुआत

भैया दूज भाई-बहन के प्यार और स्नेह के रिश्ते का प्रतीक है. शास्त्रों के अनुसार भाई दूज को शुरू करने का श्रेय यमुना जी को जाता है. यमुना जी यमराज की बहन है, यमुना के कई बार घर बुलाने पर जब यमराज अपनी बहन के घर पहुंचे तो वह दिन कार्तिक शुक्ल मास की द्वितीया तिथि थी. बहन ने उनका तिलक लगा कर स्वागत किया और प्रेम पूर्वक भोजन कराया. तभी से भैया दूज पर्व की शुरुआत हुई.

इस दिन यमुना स्नान से होती है, लंबी उम्र

इस दिन यमुना जी की पूजा और स्नान का बड़ा महत्व है. यमुना के स्वागत सत्कार से प्रसन्न होकर यमराज ने अपनी बहन को वरदान दिया कि जो भी भाई-बहन इस दिन यमुना में स्नान करेगा, वह अकाल-मृत्यु के भय से मुक्त हो होगा और उसके सभी दुखों का नाश भी होगा.

कर्मों का लेखा-जोखा रखने वाले, इस भगवान का भी होता है पूजन

जिस तरह भैया दूज के पर्व के दिन बहनों द्वारा भाइयों को टीका लगाने का प्रचलन है, ठीक उसी तरह इस दिन मृत्यु के देवता यमराज के एकांउटेंड कहे जाने वाले चित्रगुप्त भगवान का भी पूजन किया जाता है, जिस कारण इसे यम द्वितीया के नाम से भी जाना जाता है. मनुष्य के अच्छे बुरे सभी कर्मों का लेखा-जोखा चित्रगुप्त महाराज के पास होता है, जिस कारण उन्हें यमराज का सहयोगी भी कहा जाता है. मान्यता है कि दूज के दिन विधि विधान से भगवान चित्रगुप्त की पूजा करने वाले को मृत्यु के बाद नरक की प्रताड़ना नहीं भोगनी पड़ती हैं.

यमराज के निवेदन पर, ब्रह्मा ने की रचना

पौराणिक मान्यता के अनुसार एक बार यमराज ने ब्रह्मा जी से निवेदन किया कि उन्हें सहायता के लिए न्यायी, बुद्धिमान और जो वेद शास्त्रों का ज्ञाता हो, ऐसे व्यक्ति की जरूरत है. तब ब्रह्मा जी ने कठोर तपस्या की और इस तप से भगवान चित्रगुप्त की उत्पत्ति कर उन्हें आदेश दिया कि तुम यमराज के सखा बन कर मनुष्यों के कर्मों का लेखा जोखा रखोगे. भगवान चित्रगुप्त की उत्पत्ति कार्तिक शुक्ल मास की द्वितीया तिथि के दिन हुई थी, तभी से इस तिथि पर कायस्थ चित्रगुप्त और उनके प्रतीक कलम दवात का पूजन शुरू हो गया.

Pandit Shashishekhar Tripathi

Recent Posts

UPSC CSE Notification 2026 Date: यूपीएससी सीएसई नोटिफिकेशन पर ये है लेटेस्ट अपडेट्स, जानें कब शुरू होगा आवेदन

UPSC CSE 2026 Notification Date: यूपीएससी सिविल सर्विसेज भर्ती परीक्षा के नोटिफिकेशन को लेकर एक…

Last Updated: January 15, 2026 08:29:06 IST

Optical illusion: क्या आपको छिपा हुआ कुत्ता दिखा?, 90% लोग पहली बार में फेल!

Visual Puzzles:यह वायरल ऑप्टिकल इल्यूजन तस्वीर एक शांत मैदान दिखाती है, लेकिन इसमें कहीं एक…

Last Updated: January 15, 2026 08:18:42 IST

जब Porsche से निकले Satua Baba तो लोग रह गए दंग, माघ मेले में छाए लग्जरी गाड़ियों का कलेक्शन रखने वाले बाबा

Satua Baba: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में चल रहे माघ मेले में एक आध्यात्मिक गुरु…

Last Updated: January 15, 2026 08:09:48 IST

BMC Election 2026: इन पार्टियों का भविष्य तय करेगा मुंबई का मानुष, वोटिंग के लिए इन डॉक्यूमेंट्स को ले जा सकेंगे अपने साथ!

BMC Election 2026: लगभग तीन साल के इंतज़ार के बाद मुंबई एक नया नागरिक प्रशासन…

Last Updated: January 15, 2026 07:25:48 IST

US Iran News: क्या ईरान की धमकी से डर गए ट्रंप, मिडिल ईस्ट से वापस बुलाई अपनी सेना?

US Iran News: कई रिपोर्ट्स के मुताबिक, बुधवार को अमेरिका ने बढ़ते क्षेत्रीय तनाव और…

Last Updated: January 15, 2026 06:54:14 IST

Aaj Ka Panchang 15 January 2026: 15 जनवरी 2026, देखें आज का पंचांग! जानें दिन का शुभ मुहूर्त, क्या है राहुकाल का समय?

Today panchang 15 January 2026: आज 15 जनवरी 2026, बुधवार का दिन हिंदू पंचांग के…

Last Updated: January 14, 2026 21:15:53 IST