क्या है भाई दूज का धार्मिक महत्व?
भाई दूज 2025 का शुभ मुहूर्त
भाई दूज पूजन विधि (Bhai Dooj Pujan Vidhi)
- सबसे पहले स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें और पूजा स्थल को साफ करें.
- पूजा की थाली में रोली, अक्षत, दीपक, नारियल, पान, सुपारी और मिठाई रखें.
- भगवान गणेश की पूजा करने के बाद घर के उत्तर-पूर्व दिशा में चौक बनाएं.
- लकड़ी के पटरे पर भाई को बैठाकर तिलक करें, आरती उतारें और उन्हें मिठाई खिलाएं.
- अंत में, बहन अपने हाथों से बना भोजन भाई को कराए, यह अत्यंत शुभ माना जाता है.
भाई दूज की पौराणिक कथा
भाई दूज का महत्व
भाई दूज रक्षाबंधन की तरह ही भाई-बहन के प्रेम, स्नेह और विश्वास का प्रतीक है. कहा जाता है कि इस दिन विधिवत पूजा करने से भाइयों के जीवन से अकाल मृत्यु का भय दूर होता है और बहनों के जीवन में सुख-शांति आती है. भारत के विभिन्न राज्यों में इस पर्व को अलग-अलग नामों से मनाया जाता है —
- महाराष्ट्र में: भाऊ बीज
- पश्चिम बंगाल में: भाई फोटा
- नेपाल में: भाई तिहार
- उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश में: भाई दूज