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चैत्र माह में भूलकर भी न करें ये काम, जानें किन देवी-देवताओं की पूजा से मिलेगा आशीर्वाद

Chaitra month 2026: हिंदू धर्म में हर माह का अपना विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व होता है,आइए जानते हैं चैत्र माह में किन देवी-देवताओं की पूजा करनी चाहिए? जानें इस पवित्र महीने में क्या करें और किन बातों से बचें.

Written By: Shivashakti narayan singh
Last Updated: March 5, 2026 19:55:38 IST

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Chaitra month 2026: हिंदू धर्म में हर माह का अपना विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व होता है. इन्हीं में से एक है चैत्र माह, जिसे बेहद पवित्र और शुभ माना जाता है. हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र साल का पहला महीना होता है और इसी महीने के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से हिंदू नववर्ष की शुरुआत मानी जाती है. यही कारण है कि इस माह को नए आरंभ, सकारात्मक ऊर्जा और धार्मिक साधना का समय माना जाता है.

मान्यता है कि चैत्र माह में पूजा-पाठ, दान-पुण्य और व्रत करने से व्यक्ति के जीवन में सुख-समृद्धि आती है और भाग्य मजबूत होता है. इस दौरान कई महत्वपूर्ण पर्व जैसे चैत्र नवरात्रि, गुड़ी पड़वा और राम नवमी भी मनाए जाते हैं. इसके साथ ही इस समय मौसम भी बदलता है, इसलिए खान-पान और दिनचर्या में कुछ बदलाव करना भी जरूरी माना जाता है.

 चैत्र माह 2026 कब से शुरू हुआ?

वैदिक पंचांग के अनुसार हर साल फाल्गुन पूर्णिमा के अगले दिन से चैत्र मास का आरंभ हो जाता है. साल 2026 में चैत्र माह की शुरुआत 4 मार्च से हुई है और यह 2 अप्रैल तक रहेगा.इस पूरे महीने को धार्मिक साधना और देवी-देवताओं की आराधना के लिए बहुत शुभ माना जाता है. परंपरा के अनुसार इस महीने में सुबह जल्दी उठकर स्नान करना चाहिए और दिन की शुरुआत सूर्य पूजा से करनी चाहिए.

 चैत्र माह में किन देवी-देवताओं की पूजा करनी चाहिए?

 मां दुर्गा की पूजा

चैत्र मास में मां दुर्गा की आराधना का विशेष महत्व है. इसी महीने चैत्र नवरात्रि मनाई जाती है, जो नौ दिनों तक चलती है. इन नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है.मां दुर्गा शक्ति, साहस और ऊर्जा का प्रतीक हैं. मान्यता है कि नवरात्रि के दौरान सच्चे मन से मां दुर्गा की पूजा करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और मनोकामनाएं पूरी होती हैं. इस समय शीतला माता की पूजा भी कई स्थानों पर की जाती है.

 हनुमान जी की आराधना

चैत्र माह में हनुमान जी की पूजा करना विशेष रूप से शुभ माना जाता है, क्योंकि इसी महीने हनुमान जयंती मनाई जाती है. पौराणिक मान्यता के अनुसार बजरंगबली का जन्म चैत्र पूर्णिमा के दिन हुआ था.हनुमान जी के पिता वानरराज केसरी और माता अंजनी थीं. उन्हें  पवन पुत्र भी कहा जाता है, क्योंकि वायु देव को उनका आध्यात्मिक पिता माना जाता है. मंगलवार का दिन हनुमान जी को समर्पित माना जाता है, इसलिए इस दिन उनकी पूजा, हनुमान चालीसा का पाठ और सिंदूर चढ़ाना विशेष फलदायी माना जाता है.

 सूर्य देव की उपासना

चैत्र माह में मौसम में बदलाव होने लगता है और सूर्य की किरणें भी तेज होने लगती हैं. ऐसे में सूर्य देव की पूजा करना शुभ माना जाता है.धार्मिक मान्यता है कि सूर्य देव को प्रतिदिन जल अर्पित करने से व्यक्ति को मान-सम्मान, ऊर्जा और सकारात्मकता प्राप्त होती है. सुबह स्नान के बाद तांबे के लोटे से सूर्य को जल अर्पित करना शुभ माना जाता है.

 भगवान श्रीराम की पूजा

चैत्र माह में भगवान श्रीराम की पूजा का भी विशेष महत्व है, क्योंकि इसी महीने राम नवमी का पर्व मनाया जाता है. यह भगवान राम के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है.इस दिन भगवान राम के बाल रूप की पूजा की जाती है और रामायण का पाठ करना बेहद शुभ माना जाता है. कई लोग इस अवसर पर राम कथा सुनते हैं और मंदिरों में भजन-कीर्तन का आयोजन भी किया जाता है.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है. पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें. India News इसकी सत्यता का दावा नहीं करता है.

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Written By: Shivashakti narayan singh
Last Updated: March 5, 2026 19:55:38 IST

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Chaitra month 2026: हिंदू धर्म में हर माह का अपना विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व होता है. इन्हीं में से एक है चैत्र माह, जिसे बेहद पवित्र और शुभ माना जाता है. हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र साल का पहला महीना होता है और इसी महीने के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से हिंदू नववर्ष की शुरुआत मानी जाती है. यही कारण है कि इस माह को नए आरंभ, सकारात्मक ऊर्जा और धार्मिक साधना का समय माना जाता है.

मान्यता है कि चैत्र माह में पूजा-पाठ, दान-पुण्य और व्रत करने से व्यक्ति के जीवन में सुख-समृद्धि आती है और भाग्य मजबूत होता है. इस दौरान कई महत्वपूर्ण पर्व जैसे चैत्र नवरात्रि, गुड़ी पड़वा और राम नवमी भी मनाए जाते हैं. इसके साथ ही इस समय मौसम भी बदलता है, इसलिए खान-पान और दिनचर्या में कुछ बदलाव करना भी जरूरी माना जाता है.

 चैत्र माह 2026 कब से शुरू हुआ?

वैदिक पंचांग के अनुसार हर साल फाल्गुन पूर्णिमा के अगले दिन से चैत्र मास का आरंभ हो जाता है. साल 2026 में चैत्र माह की शुरुआत 4 मार्च से हुई है और यह 2 अप्रैल तक रहेगा.इस पूरे महीने को धार्मिक साधना और देवी-देवताओं की आराधना के लिए बहुत शुभ माना जाता है. परंपरा के अनुसार इस महीने में सुबह जल्दी उठकर स्नान करना चाहिए और दिन की शुरुआत सूर्य पूजा से करनी चाहिए.

 चैत्र माह में किन देवी-देवताओं की पूजा करनी चाहिए?

 मां दुर्गा की पूजा

चैत्र मास में मां दुर्गा की आराधना का विशेष महत्व है. इसी महीने चैत्र नवरात्रि मनाई जाती है, जो नौ दिनों तक चलती है. इन नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है.मां दुर्गा शक्ति, साहस और ऊर्जा का प्रतीक हैं. मान्यता है कि नवरात्रि के दौरान सच्चे मन से मां दुर्गा की पूजा करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और मनोकामनाएं पूरी होती हैं. इस समय शीतला माता की पूजा भी कई स्थानों पर की जाती है.

 हनुमान जी की आराधना

चैत्र माह में हनुमान जी की पूजा करना विशेष रूप से शुभ माना जाता है, क्योंकि इसी महीने हनुमान जयंती मनाई जाती है. पौराणिक मान्यता के अनुसार बजरंगबली का जन्म चैत्र पूर्णिमा के दिन हुआ था.हनुमान जी के पिता वानरराज केसरी और माता अंजनी थीं. उन्हें  पवन पुत्र भी कहा जाता है, क्योंकि वायु देव को उनका आध्यात्मिक पिता माना जाता है. मंगलवार का दिन हनुमान जी को समर्पित माना जाता है, इसलिए इस दिन उनकी पूजा, हनुमान चालीसा का पाठ और सिंदूर चढ़ाना विशेष फलदायी माना जाता है.

 सूर्य देव की उपासना

चैत्र माह में मौसम में बदलाव होने लगता है और सूर्य की किरणें भी तेज होने लगती हैं. ऐसे में सूर्य देव की पूजा करना शुभ माना जाता है.धार्मिक मान्यता है कि सूर्य देव को प्रतिदिन जल अर्पित करने से व्यक्ति को मान-सम्मान, ऊर्जा और सकारात्मकता प्राप्त होती है. सुबह स्नान के बाद तांबे के लोटे से सूर्य को जल अर्पित करना शुभ माना जाता है.

 भगवान श्रीराम की पूजा

चैत्र माह में भगवान श्रीराम की पूजा का भी विशेष महत्व है, क्योंकि इसी महीने राम नवमी का पर्व मनाया जाता है. यह भगवान राम के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है.इस दिन भगवान राम के बाल रूप की पूजा की जाती है और रामायण का पाठ करना बेहद शुभ माना जाता है. कई लोग इस अवसर पर राम कथा सुनते हैं और मंदिरों में भजन-कीर्तन का आयोजन भी किया जाता है.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है. पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें. India News इसकी सत्यता का दावा नहीं करता है.

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