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Chaitra Navratri 2026 Rule: नवरात्रि में अखंड ज्योत जलाने से पहले पढ़ लें ये खास नियम, तभी मिलेगी मां दुर्गा की कृपा

Chaitra Navratri 2026 Ke Niyam: चैत्र नवरात्र हिंदू धर्म का बेहद पवित्र पर्व माना जाता है, जिसमें मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है. इस दौरान अखंड ज्योत जलाने की परंपरा भी काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है. मान्यता है कि इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है और मां की कृपा बनी रहती है. अगर आप भी अखंड ज्योत जला रहे हैं तो जान लीजिए सही विधि और जरूरी नियम.

Written By: Shivashakti narayan singh
Edited By: Sujeet Kumar
Last Updated: 2026-03-19 13:23:49

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Chaitra Navratri 2026 Ke Niyam: चैत्र नवरात्र हिंदू धर्म का बेहद पवित्र पर्व माना जाता है, जिसमें भक्त पूरे श्रद्धा भाव से मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा करते हैं. इस दौरान व्रत, पूजा और साधना के साथ अखंड ज्योत जलाने की भी परंपरा है. मान्यता है कि नवरात्र में अखंड ज्योत जलाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और मां दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त होती है.

अखंड ज्योत का अर्थ है ऐसा दीपक जो पूरे नौ दिनों तक बिना बुझाए लगातार जलता रहे. इसे जलाने के लिए कुछ विशेष नियमों का पालन करना जरूरी माना जाता है, तभी पूजा का पूरा फल मिलता है.

 अखंड ज्योत जलाने की सही विधि

अखंड ज्योत जलाने से पहले सुबह स्नान कर पूजा स्थान की अच्छी तरह सफाई करें. इसके बाद चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर चावल या गेहूं से स्वास्तिक बनाएं. फिर उस पर दीपक रखें और उसमें घी डालकर बत्ती जलाएं. मां दुर्गा का ध्यान करते हुए ज्योत प्रज्वलित करें. ध्यान रखें कि दीपक को घर की दक्षिण-पूर्व दिशा में रखना शुभ माना जाता है.

 किन बातों का रखना चाहिए ध्यान

अखंड ज्योत को नौ दिनों तक लगातार जलाए रखना जरूरी होता है, इसलिए समय-समय पर उसमें घी डालते रहें. पूजा के दौरान घर का माहौल शांत और सकारात्मक रखें. झगड़ा, क्रोध और नकारात्मक सोच से दूर रहें. साथ ही इस दौरान सात्विक आहार अपनाएं और लहसुन, प्याज व मांसाहार से परहेज करें.

अगर ज्योत बुझ जाए तो क्या करें

अगर किसी कारणवश अखंड ज्योत बुझ जाए, तो घबराएं नहीं. तुरंत उसे दोबारा जलाएं और मां दुर्गा से क्षमा मांगें. नवरात्र के अंत में दीपक और पूजन सामग्री को किसी पवित्र जल में विसर्जित करना शुभ माना जाता है.इन सरल नियमों का पालन करके अखंड ज्योत जलाने से न केवल पूजा सफल मानी जाती है, बल्कि घर में सुख-शांति और समृद्धि भी बनी रहती है.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है. पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें. India News इसकी सत्यता का दावा नहीं करता है.

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Edited By: Sujeet Kumar
Last Updated: 2026-03-19 13:23:49

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Chaitra Navratri 2026 Ke Niyam: चैत्र नवरात्र हिंदू धर्म का बेहद पवित्र पर्व माना जाता है, जिसमें भक्त पूरे श्रद्धा भाव से मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा करते हैं. इस दौरान व्रत, पूजा और साधना के साथ अखंड ज्योत जलाने की भी परंपरा है. मान्यता है कि नवरात्र में अखंड ज्योत जलाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और मां दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त होती है.

अखंड ज्योत का अर्थ है ऐसा दीपक जो पूरे नौ दिनों तक बिना बुझाए लगातार जलता रहे. इसे जलाने के लिए कुछ विशेष नियमों का पालन करना जरूरी माना जाता है, तभी पूजा का पूरा फल मिलता है.

 अखंड ज्योत जलाने की सही विधि

अखंड ज्योत जलाने से पहले सुबह स्नान कर पूजा स्थान की अच्छी तरह सफाई करें. इसके बाद चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर चावल या गेहूं से स्वास्तिक बनाएं. फिर उस पर दीपक रखें और उसमें घी डालकर बत्ती जलाएं. मां दुर्गा का ध्यान करते हुए ज्योत प्रज्वलित करें. ध्यान रखें कि दीपक को घर की दक्षिण-पूर्व दिशा में रखना शुभ माना जाता है.

 किन बातों का रखना चाहिए ध्यान

अखंड ज्योत को नौ दिनों तक लगातार जलाए रखना जरूरी होता है, इसलिए समय-समय पर उसमें घी डालते रहें. पूजा के दौरान घर का माहौल शांत और सकारात्मक रखें. झगड़ा, क्रोध और नकारात्मक सोच से दूर रहें. साथ ही इस दौरान सात्विक आहार अपनाएं और लहसुन, प्याज व मांसाहार से परहेज करें.

अगर ज्योत बुझ जाए तो क्या करें

अगर किसी कारणवश अखंड ज्योत बुझ जाए, तो घबराएं नहीं. तुरंत उसे दोबारा जलाएं और मां दुर्गा से क्षमा मांगें. नवरात्र के अंत में दीपक और पूजन सामग्री को किसी पवित्र जल में विसर्जित करना शुभ माना जाता है.इन सरल नियमों का पालन करके अखंड ज्योत जलाने से न केवल पूजा सफल मानी जाती है, बल्कि घर में सुख-शांति और समृद्धि भी बनी रहती है.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है. पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें. India News इसकी सत्यता का दावा नहीं करता है.

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