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Chaitra Navratri 2026: कब से शुरू हो रही है चैत्र नवरात्रि? जानें कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त, अष्टमी-नवमी तिथि और पारण का सही समय

Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि 2026 इस बार मार्च के तीसरे हफ्ते में शुरू होने जा रही है. मां दुर्गा के नौ रूपों की आराधना के साथ भक्त कलश स्थापना कर पर्व की शुरुआत करेंगे. इस साल प्रतिपदा पर खास शुभ योग भी बन रहे हैं, जो पूजा को और भी फलदायी बना सकते हैं. आइए जानते हैं सही तिथि, सटीक मुहूर्त और राहु काल की पूरी जानकारी.

Written By: Shivashakti narayan singh
Last Updated: February 22, 2026 12:23:11 IST

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Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि हर साल चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू होती है. इसी दिन से मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा आरंभ होती है और घरों में कलश स्थापना की जाती है. चंद्र तिथि में बदलाव के कारण नवरात्रि कभी 8, 9 या 10 दिनों तक भी चल सकती है. अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार यह पर्व आमतौर पर मार्च या अप्रैल में पड़ता है.

चैत्र नवरात्रि के अलावा शारदीय नवरात्रि अधिक प्रसिद्ध है. साल में दो गुप्त नवरात्रि भी मनाई जाती हैं. चैत्र नवरात्रि के दौरान ही महा नवमी के दिन राम नवमी मनाई जाती है.

 कलश स्थापना का महत्व

कलश स्थापना को घटस्थापना भी कहा जाता है. यह मां दुर्गा के आगमन का प्रतीक माना जाता है. कलश को सृष्टि और देवी शक्ति का रूप माना जाता है. इस विधि से भक्त मां दुर्गा को अपने घर में आमंत्रित करते हैं और सुख-समृद्धि की कामना करते हैं. यह नवरात्रि की शुरुआत का मुख्य अनुष्ठान है और पहले दिन ही किया जाता है.

चैत्र नवरात्रि 2026 की तिथि

द्रिक पंचांग के अनुसार, चैत्र शुक्ल प्रतिपदा गुरुवार, 19 मार्च 2026 को शुरू होगी.

  •  प्रतिपदा तिथि शुरू: 19 मार्च 2026, सुबह 6:52 बजे
  •  प्रतिपदा तिथि समाप्त: 20 मार्च 2026, सुबह 4:52 बजे

इसी दिन पहला नवरात्रि व्रत रखा जाएगा और कलश स्थापना की जाएगी.

 कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त

इस वर्ष कलश स्थापना के दो शुभ समय हैं:

  •  पहला मुहूर्त: सुबह 6:52 बजे से 7:43 बजे तक
  •  दूसरा मुहूर्त: दोपहर 12:05 बजे से 12:53 बजे तक

यदि कोई सुबह पूजा नहीं कर पाता है, तो वह दोपहर के मुहूर्त में भी कलश स्थापना कर सकता है.

प्रतिपदा के दिन बनने वाले शुभ योग

चैत्र नवरात्रि के पहले दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बनेगा. इसके साथ शुक्ल योग और ब्रह्म योग भी रहेंगे.

  •  शुक्ल योग सुबह से रात 1:17 बजे तक रहेगा.
  •  इसके बाद ब्रह्म योग शुरू होगा.
  •  सर्वार्थ सिद्धि योग 20 मार्च को सुबह 4:05 बजे से 6:25 बजे तक रहेगा.

कलश स्थापना शुक्ल योग में की जाएगी.

चैत्र नवरात्रि हवन और पारण की तिथि

चैत्र नवरात्रि के दौरान हवन का विशेष महत्व होता है. आमतौर पर भक्त दुर्गा अष्टमी या महा नवमी के दिन हवन करते हैं. जो लोग अष्टमी पर हवन करते हैं, वे 26 मार्च को यह अनुष्ठान करेंगे, जबकि नवमी पर हवन करने वाले 27 मार्च को पूजा संपन्न करेंगे.नवरात्रि के पूरे नौ दिन व्रत रखने वाले श्रद्धालु पारण दशमी तिथि को करते हैं. इस वर्ष नौ दिन के व्रत का पारण 28 मार्च को सूर्योदय के बाद किया जाएगा. हालांकि, कुछ स्थानों पर परंपरा के अनुसार नवमी के दिन कन्या पूजन के बाद ही व्रत खोला जाता है.

पहले दिन का राहु काल

नवरात्रि के पहले दिन राहु काल दोपहर 2:00 बजे से 3:30 बजे तक रहेगा. इस समय में कोई भी शुभ या महत्वपूर्ण कार्य नहीं करना चाहिए.

Disclaimer : प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में सामान्य जानकारियों की मदद ली है. INDIA News इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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Written By: Shivashakti narayan singh
Last Updated: February 22, 2026 12:23:11 IST

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