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Chaitra Navratri 2026: 19 मार्च से चैत्र नवरात्रि शुरू, डोली पर होगा मां का आगमन, देखें पहले दिन का मुहूर्त

Chaitra Navratri 2026 Shubh Muhurat: मां दुर्गे के सबसे पवित्र दिन चैत्र नवरात्रि का पहला दिन 19 मार्च को है. इस बार की नवरा​त्रि 9 दिनों की है. इस बार मां दुर्गा का डोली पर आगमन होगा, जो भक्तों के लिए कल्याणकारी और शुभ फलदायी है. अब सवाल है कि, इस बार चैत्र नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना के साथ अन्य कौन से शुभ मुहूर्त हैं?

Written By: Lalit Kumar
Last Updated: March 18, 2026 20:21:33 IST

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Chaitra Navratri 2026 Shubh Muhurat: मां दुर्गे के सबसे पवित्र दिन चैत्र नवरात्रि का पहला दिन 19 मार्च को है. इस बार की नवरा​त्रि 9 दिनों की है. इस बार मां दुर्गा का डोली पर आगमन होगा, जो भक्तों के लिए कल्याणकारी और शुभ फलदायी है. सनातन धर्म में चैत्र नवरात्रि का हर दिन आस्था और शक्ति का प्रतीक है. यह नवरात्रि 19 मार्च से लेकर 27 मार्च तक है. इसलिए इन 9 दिनों महामायी की पूजा और गुणगान किया जाता है. नवरात्रि के प्रथम दिन सबसे पहले कलश स्थापना करते हैं, उसके बाद मां दुर्गा का आह्वान करते हैं और पूजन करते हैं. बता दें कि, नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा के पहले स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा करते हैं. अब सवाल है कि, इस बार चैत्र नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना के साथ अन्य कौन से शुभ मुहूर्त हैं?

चैत्र नवरात्रि 2026 तिथि मुहूर्त

  • चैत्र अमावस्या तिथि: प्रात:काल से लेकर सुबह 06:52 ए एम तक
  • चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि: सुबह 06:52 बजे से लेकर 20 मार्च को 04:52 ए एम तक, उसके बाद द्वितीया ति​थि

चैत्र नवरात्रि 2026 शुभ योग

  1. चैत्र नवरात्रि के पहले दिन शुक्ल योग: प्रात:काल से लेकर देर रात 01:17 ए एम तक
  2. ब्रह्म योग: देर रात 01:17 ए एम से लेकर 20 मार्च को रात 10:15 बजे तक
  3. सर्वार्थ सिद्धि योग: 20 मार्च को 04:05 ए एम से लेकर 06:25 ए एम तक

चैत्र नवरात्रि 2026 नक्षत्र

  • उत्तर भाद्रपद: प्रात:काल से लेकर 20 मार्च को 04:05 ए एम तक
  • रेवती: 20 मार्च को 04:05 ए एम से लेकर 21 मार्च को 2:21 एएम तक

चैत्र नवरात्रि 2026 कलश स्थापना मुहूर्त

  1. पहला मुहूर्त: सुबह 6 बजकर 52 मिनट से सुबह 7 बजकर 43 मिनट तक
  2. दूसरा मुहूर्त: दोपहर 12 बजकर 05 मिनट से 12 बजकर 53 मिनट तक

सुबह घटस्थापना न कर सकें तो क्या करें

ज्योतिष आचार्यों की मानें तो, सुबह में ही कलश स्थापना करना उत्तम माना जाता है, यदि किसी प्रकार से आप सुबह में घटस्थापना न कर सकें, तब दोपहर के अभिजीत मुहूर्त में करें. सुबह में कलश स्थापना के मुहूर्त में शुभ-उत्तम समय भी प्राप्त हो जाएगा, जो सुबह 06:26 बजे से लेकर सुबह 07:57 बजे तक है. दोपहर कलश स्थापना के समय में कुछ समय के लिए आपको लाभ-उन्नति मुहूर्त भी मिल जाएगा.

चैत्र नवरात्रि 2026 शुभ मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त: प्रात:काल 04:51 बजे से 05:39 बजे तक
  • प्रातः सन्ध्या मुहूर्त: प्रात:काल 05:15 बजे से 06:26 बजे तक
  • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:05 बजे से दोपहर 12:53 बजे तक
  • विजय मुहूर्त: दोपहर 02:30 बजे से दोपहर 03:18 बजे तक
  • गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:29 बजे से 06:53 बजे तक
  • सायाह्न सन्ध्या मुहूर्त: शाम 06:32 बजे से 07:43 बजे तक
  • अमृत काल: रात 11:32 बजे से देर रात 01:03 बजे तक
  • निशिता मुहूर्त: देर रात 12:05 बजे से 12:52 बजे तक
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Written By: Lalit Kumar
Last Updated: March 18, 2026 20:21:33 IST

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Chaitra Navratri 2026 Shubh Muhurat: मां दुर्गे के सबसे पवित्र दिन चैत्र नवरात्रि का पहला दिन 19 मार्च को है. इस बार की नवरा​त्रि 9 दिनों की है. इस बार मां दुर्गा का डोली पर आगमन होगा, जो भक्तों के लिए कल्याणकारी और शुभ फलदायी है. सनातन धर्म में चैत्र नवरात्रि का हर दिन आस्था और शक्ति का प्रतीक है. यह नवरात्रि 19 मार्च से लेकर 27 मार्च तक है. इसलिए इन 9 दिनों महामायी की पूजा और गुणगान किया जाता है. नवरात्रि के प्रथम दिन सबसे पहले कलश स्थापना करते हैं, उसके बाद मां दुर्गा का आह्वान करते हैं और पूजन करते हैं. बता दें कि, नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा के पहले स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा करते हैं. अब सवाल है कि, इस बार चैत्र नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना के साथ अन्य कौन से शुभ मुहूर्त हैं?

चैत्र नवरात्रि 2026 तिथि मुहूर्त

  • चैत्र अमावस्या तिथि: प्रात:काल से लेकर सुबह 06:52 ए एम तक
  • चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि: सुबह 06:52 बजे से लेकर 20 मार्च को 04:52 ए एम तक, उसके बाद द्वितीया ति​थि

चैत्र नवरात्रि 2026 शुभ योग

  1. चैत्र नवरात्रि के पहले दिन शुक्ल योग: प्रात:काल से लेकर देर रात 01:17 ए एम तक
  2. ब्रह्म योग: देर रात 01:17 ए एम से लेकर 20 मार्च को रात 10:15 बजे तक
  3. सर्वार्थ सिद्धि योग: 20 मार्च को 04:05 ए एम से लेकर 06:25 ए एम तक

चैत्र नवरात्रि 2026 नक्षत्र

  • उत्तर भाद्रपद: प्रात:काल से लेकर 20 मार्च को 04:05 ए एम तक
  • रेवती: 20 मार्च को 04:05 ए एम से लेकर 21 मार्च को 2:21 एएम तक

चैत्र नवरात्रि 2026 कलश स्थापना मुहूर्त

  1. पहला मुहूर्त: सुबह 6 बजकर 52 मिनट से सुबह 7 बजकर 43 मिनट तक
  2. दूसरा मुहूर्त: दोपहर 12 बजकर 05 मिनट से 12 बजकर 53 मिनट तक

सुबह घटस्थापना न कर सकें तो क्या करें

ज्योतिष आचार्यों की मानें तो, सुबह में ही कलश स्थापना करना उत्तम माना जाता है, यदि किसी प्रकार से आप सुबह में घटस्थापना न कर सकें, तब दोपहर के अभिजीत मुहूर्त में करें. सुबह में कलश स्थापना के मुहूर्त में शुभ-उत्तम समय भी प्राप्त हो जाएगा, जो सुबह 06:26 बजे से लेकर सुबह 07:57 बजे तक है. दोपहर कलश स्थापना के समय में कुछ समय के लिए आपको लाभ-उन्नति मुहूर्त भी मिल जाएगा.

चैत्र नवरात्रि 2026 शुभ मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त: प्रात:काल 04:51 बजे से 05:39 बजे तक
  • प्रातः सन्ध्या मुहूर्त: प्रात:काल 05:15 बजे से 06:26 बजे तक
  • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:05 बजे से दोपहर 12:53 बजे तक
  • विजय मुहूर्त: दोपहर 02:30 बजे से दोपहर 03:18 बजे तक
  • गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:29 बजे से 06:53 बजे तक
  • सायाह्न सन्ध्या मुहूर्त: शाम 06:32 बजे से 07:43 बजे तक
  • अमृत काल: रात 11:32 बजे से देर रात 01:03 बजे तक
  • निशिता मुहूर्त: देर रात 12:05 बजे से 12:52 बजे तक
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