Chandra Grahan 2026: खगोलीय घटनाओं में दिलचस्पी रखने वालों के लिए आज दिन बेहद खास है. क्योंकि, आज साल का पहला ‘ब्लड मून’ वाला चंद्र ग्रहण लग रहा है. यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखेगा. इसको लेकर लोगों में उत्सुकता देखी जा रही है. विज्ञान कहती है कि, चंद्र ग्रहण एक खगोलीय घटना है, जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है. इस दौरान चंद्रमा का रंग हल्का लाल या तांबे जैसा दिखाई दे सकता है इसलिए इस ग्रहण को ब्लड मून कहा जा रहा है. लेकिन, धार्मिक मान्यताएं इसके इतर हैं. क्योंकि, शास्त्रों में इसका विशेष महत्व बताया गया है. ध्यान देने वाली बात यह है कि, चंद्र ग्रहण के साथ आज कुछ जगहों पर होलिका दहन भी किया जाएगा, जिससे इस दिन का महत्व और भी बढ़ गया है. चंद्र ग्रहण और होलिका दहन का एक साथ होना 100 वर्षों बाद दुर्लभ संयोग बन रहा है. अब सवाल है कि आखिर चंद्र ग्रहण और सूतक काल का समय क्या है? सूतक काल में क्या करें? ब्लड मून क्या है? कहां कब दिखेगा चंद्र ग्रहण? आइए जानते हैं इस बारे में-
चंद्र ग्रहण का समय क्या है?
ज्योतिषाचार्य राकेश चतुर्वेदी के मुताबिक, साल का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च 2026 को दोपहर 3 बजकर 20 मिनट से शुरू होगा और शाम 6 बजकर 47 मिनट तक रहेगा. यह एक दुर्लभ घटना है, जो होलिका दहन के दिन पड़ रहा है. सूतक काल ग्रहण से नौ घंटे पहले शुरू होगा और ग्रहण समाप्त होने तक चलेगा. यह चंद्र ग्रहण दिल्ली, मुंबई, उत्तर प्रदेश और अन्य पूर्वोत्तर क्षेत्रों में केवल 25 से 35 मिनट तक ही दिखाई देगा.
सूतक काल में क्या करना चाहिए?
1. इस दौरान मंदिर बंद कर देने चाहिए.
2. सभी शुभ कार्यों से बचना चाहिए.
3. घर की मूर्तियों को ढक देना चाहिए.
4. खाने-पीने की सभी चीजों में तुलसी के पत्ते या कुशा घास डालनी चाहिए.
5. चंद्र ग्रहण के समय सोना नहीं चाहिए.
ब्लड मून क्या है?
आज साल का पहला चंद्र है, जिसे ब्लड मून कहा जाता है. बता दें कि, जब पूर्णिमा का चंद्रमा पृथ्वी की छाया में आ जाता है और केवल पृथ्वी के वायुमंडल से छनकर आने वाली रोशनी ही उस तक पहुंचती है. इस दौरान लाल रंग की लंबी तरंगें चंद्रमा की सतह पर पड़ती हैं, जबकि नीली तरंगें बिखर जाती हैं. इसी वजह से चंद्रमा का रंग गहरा लाल या तांबे जैसा हो जाता है, जिसे ब्लड मून कहा जाता है. यह केवल रंग में बदलाव है और इसे देखने से किसी को कोई नुकसान नहीं होता. चंद्र ग्रहण को बिना किसी विशेष सुरक्षा के आंखों से देखा जा सकता है, जबकि सूर्य ग्रहण के लिए सुरक्षा जरूरी होती है.
अंतिम चरण में दिखाई देगा चंद्र ग्रहण
भारत में केवल ग्रहण का अंतिम चरण ही दिखाई देगा क्योंकि चंद्रमा शाम को देर से उदय होता है. दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और चेन्नई जैसे शहरों में ग्रहण 6:20 से 6:30 बजे के बीच दिखाई देगा. असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय और पश्चिम बंगाल जैसे पूर्वोत्तर राज्यों में चंद्रमा जल्दी उदय होता है, इसलिए वहां के लोगों को बेहतर देखने को मिलेगा.
कहां कहां दिखाई देगा चंद्र ग्रहण?
3 मार्च को लगने वाला चंद्र ग्रहण पाकिस्तान, अफगानिस्तान, इराक, ईरान, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, अंटार्कटिका, उत्तर और दक्षिण अमेरिका, रूस और पूरे एशिया में दिखाई देगा.
भारत के शहरों में चंद्र ग्रहण 2026 का समय
- दिल्ली 06:21 बजे 07:53 बजे
- आंध्र प्रदेश 05:18 बजे 07:53 बजे
- असम 05:04 बजे 07:53 बजे
- बिहार 05:37 बजे 07:53 बजे
- चंडीगढ़ 06:22 बजे 07:53 बजे
- कर्नाटक 06:24 बजे 07:53 बजे
चंद्र ग्रहण 2026 के सूतक काल का समय?
सूतक काल चंद्र ग्रहण शुरू होने से नौ घंटे पहले शुरू हो जाता है और ग्रहण समाप्त होते ही खत्म हो जाता है. इस दौरान मूर्तियों को छूना, शुभ कार्य जैसे शादी, सगाई, रोका, गृह प्रवेश और अन्य धार्मिक कार्य करना वर्जित होता है. चंद्र ग्रहण का सूतक काल सुबह 6 बजकर 23 मिनट से शुरू हो चुका है.
चंद्र ग्रहण 2026 सिंह राशि में चंद्रमा
इस बार चंद्र ग्रहण सिंह राशि में पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र के अंतर्गत होगा, जो शुक्र का नक्षत्र है. यह समय आपके प्रोफेशनल और पर्सनल जीवन में कुछ बदलाव ला सकता है. जो लोग लंबे समय से सिंगल हैं, उन्हें अपना जीवनसाथी मिल सकता है, लेकिन इसके लिए उन्हें अपना बीता हुआ कल छोड़ना होगा और भावनात्मक बोझ के साथ आगे नहीं बढ़ना चाहिए. पुराने को छोड़कर नए जीवन की शुरुआत करें. इस चंद्र ग्रहण के बाद आपको अपने मन, शरीर और आत्मा को शुद्ध करना चाहिए.
3 मार्च को होलिका दहन मुहूर्त 2026
आज होलिका दहन शाम 06:22 बजे से लेकर रात 08:50 बजे (प्रदोष काल) के बीच है. हालांकि, ज्योतिषाचार्य कहते हैं कि, आज चंद्र ग्रहण की वजह से होली नहीं खेलनी चाहिए, इस दौरान होली खेलना शुभ नहीं माना जाता. कल यानी 4 मार्च को रंगों वाली होली खेली जाएगी.