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Home > धर्म > क्या गैस की रोटी खाने से मर्दों में आ रही है कमजोरी? देवकीनंदन ठाकुर के दावे से सब दंग

क्या गैस की रोटी खाने से मर्दों में आ रही है कमजोरी? देवकीनंदन ठाकुर के दावे से सब दंग

Devkinandan Thakur on LPG: देवकी नंदन ठाकुर ने कहा कि यह सच है कि चूल्हे पर पकी रोटी में कोई बुरे गुण नहीं होते, लेकिन गैस पर पकी रोटी में  दुर्गुण आ जाते हैं. तो, हमें लगता है कि कुदरत अपना खेल खेल रही है. जब गैस के भंडार में आग लगेगी, तो गैस कहां से लाओगे? फिर सरसों की लकड़ी के दाम बढ़ेंगे, और गोबर के उपलों के दाम भी बढ़ेंगे.

Written By: Divyanshi Singh
Last Updated: 2026-03-26 07:48:21

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Devkinandan Thakur:  मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच LPG सप्लाई को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं, लेकिन अब इस मुद्दे ने एक अलग मोड़ ले लिया है. मथुरा के मशहूर कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर का एक बयान सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है. गैस संकट पर बात करते हुए उन्होंने लोगों को पुराने ज़माने के मिट्टी के चूल्हों की याद दिलाई. उन्होंने न सिर्फ़ मिट्टी के चूल्हे पर रोटी पकाने के फ़ायदे बताए, बल्कि यह भी कहा कि अगर हालात ऐसे ही रहे, तो समाज “सतयुग” में वापस जा सकता है. उन्होने ये बी कहा कि गैस की रोटी खाने से पुरुष कमजोर हो रहे हैं.

सतयुग में लौट जाएंगे-देवकीनंदन ठाकुर

देवकीनंदन ठाकुर का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह अपने भक्तों को मिट्टी के चूल्हे पर खाना पकाने के फायदे गिनाते दिख रहे हैं. उन्होंने कहा, “गैस सिलेंडर की बहुत कमी है. मुझे लगता है कि अगर यह दो-तीन साल तक जारी रहा तो हम सतयुग में लौट जाएंगे, जहां चूल्हे पर सिर्फ रोटी बनेगी.”

पुरुषों में दम नहीं रहा-देवकीनंदन ठाकुर

उन्होंने कहा, “माताओं, यह मान लो कि चूल्हे की रोटी से ज़िंदगी बेहतर थी; बस धुआं ही दिक्कत थी. लेकिन गैस की रोटी से इतनी बीमारियां होती हैं; जाओ और डॉक्टर से अपना चेकअप करवाओ.” आज आपके घर के पुरुषों में दम नहीं रहा है ना, जैसे गैस की रोटी फूल जाती है वैसे ही ये फूल जा रहा है. 

‘गैस पर पकी रोटी में दुर्गुण आ जाते हैं’

देवकी नंदन ठाकुर ने कहा कि यह सच है कि चूल्हे पर पकी रोटी में कोई बुरे गुण नहीं होते, लेकिन गैस पर पकी रोटी में  दुर्गुण आ जाते हैं. तो, हमें लगता है कि कुदरत अपना खेल खेल रही है. जब गैस के भंडार में आग लगेगी, तो गैस कहां से लाओगे? फिर सरसों की लकड़ी के दाम बढ़ेंगे, और गोबर के उपलों के दाम भी बढ़ेंगे.

देवकीनंदन ठाकुर ने आगे कहा, “हे प्रभु, अपना काम करो, अपना काम करो. सब कुछ धीरे-धीरे हो सकता है. आज हम अपनी गाय माता को घर से निकालते हैं, और फिर उससे कहते हैं कि गोबर से उपले बनाओ. अभी क्यों? क्योंकि गैस नहीं है, तो गोबर के उपले आने दो.”

देवकी नंदन ठाकुर का बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान-इज़राइल युद्ध के बीच देश में गैस की कमी का खतरा मंडरा रहा है. हालांकि सरकार लगातार पर्याप्त भंडार होने का दावा कर रही है, लेकिन मिडिल ईस्ट में जो हालात दिख रहे हैं, उन्हें देखते हुए भविष्य को लेकर अनिश्चितता से इनकार नहीं किया जा सकता.

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Devkinandan Thakur:  मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच LPG सप्लाई को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं, लेकिन अब इस मुद्दे ने एक अलग मोड़ ले लिया है. मथुरा के मशहूर कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर का एक बयान सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है. गैस संकट पर बात करते हुए उन्होंने लोगों को पुराने ज़माने के मिट्टी के चूल्हों की याद दिलाई. उन्होंने न सिर्फ़ मिट्टी के चूल्हे पर रोटी पकाने के फ़ायदे बताए, बल्कि यह भी कहा कि अगर हालात ऐसे ही रहे, तो समाज “सतयुग” में वापस जा सकता है. उन्होने ये बी कहा कि गैस की रोटी खाने से पुरुष कमजोर हो रहे हैं.

सतयुग में लौट जाएंगे-देवकीनंदन ठाकुर

देवकीनंदन ठाकुर का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह अपने भक्तों को मिट्टी के चूल्हे पर खाना पकाने के फायदे गिनाते दिख रहे हैं. उन्होंने कहा, “गैस सिलेंडर की बहुत कमी है. मुझे लगता है कि अगर यह दो-तीन साल तक जारी रहा तो हम सतयुग में लौट जाएंगे, जहां चूल्हे पर सिर्फ रोटी बनेगी.”

पुरुषों में दम नहीं रहा-देवकीनंदन ठाकुर

उन्होंने कहा, “माताओं, यह मान लो कि चूल्हे की रोटी से ज़िंदगी बेहतर थी; बस धुआं ही दिक्कत थी. लेकिन गैस की रोटी से इतनी बीमारियां होती हैं; जाओ और डॉक्टर से अपना चेकअप करवाओ.” आज आपके घर के पुरुषों में दम नहीं रहा है ना, जैसे गैस की रोटी फूल जाती है वैसे ही ये फूल जा रहा है. 

‘गैस पर पकी रोटी में दुर्गुण आ जाते हैं’

देवकी नंदन ठाकुर ने कहा कि यह सच है कि चूल्हे पर पकी रोटी में कोई बुरे गुण नहीं होते, लेकिन गैस पर पकी रोटी में  दुर्गुण आ जाते हैं. तो, हमें लगता है कि कुदरत अपना खेल खेल रही है. जब गैस के भंडार में आग लगेगी, तो गैस कहां से लाओगे? फिर सरसों की लकड़ी के दाम बढ़ेंगे, और गोबर के उपलों के दाम भी बढ़ेंगे.

देवकीनंदन ठाकुर ने आगे कहा, “हे प्रभु, अपना काम करो, अपना काम करो. सब कुछ धीरे-धीरे हो सकता है. आज हम अपनी गाय माता को घर से निकालते हैं, और फिर उससे कहते हैं कि गोबर से उपले बनाओ. अभी क्यों? क्योंकि गैस नहीं है, तो गोबर के उपले आने दो.”

देवकी नंदन ठाकुर का बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान-इज़राइल युद्ध के बीच देश में गैस की कमी का खतरा मंडरा रहा है. हालांकि सरकार लगातार पर्याप्त भंडार होने का दावा कर रही है, लेकिन मिडिल ईस्ट में जो हालात दिख रहे हैं, उन्हें देखते हुए भविष्य को लेकर अनिश्चितता से इनकार नहीं किया जा सकता.

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