Eid Kab Hai | Eid 2026 Date: रमजान या रमदान इस्लामिक कैलेंडर का नवां महीना है. दरअसल, रमज़ान की तारीख़ें हर साल बदलती हैं, क्योंकि इस्लाम में चंद्र कैलेंडर या हिजरी चलता है. मुसलमान इस पूरे महीने रोज़ा रखते हैं और अपना ज्यादा से ज्यादा समय अल्लाह की इबादत में बिताते हैं. रमजान खत्म होते ही ईद उल फितर मनाई जाती है. ईद इस कम्युनिटी का सबसे बड़ा त्योहार होता है, जोकि भाईचारे और एकता का संदेश देता है. इस दिन लोग सुबह ईद की नमाज अदा करके एक-दूसरे से गले मिलते हैं और ईद की बधाई देते हैं. ईद के खास मौके पर घरों में खास पकवान जैसे सेवइयां और मिठाइयां बनती हैं. हर बार की तरह इस बार भी ईद की तारीख को लेकर लोगों में कन्फ्यूजन बना हुआ है. हालांकि, ईद का त्योहार शव्वाल का चांद दिखने पर निर्भर करता है. कुछ लोगों का मानना है कि, इस बार 19 मार्च को चांद दिखने की संभावना है. ऐसे में सवाल है कि आखिर ईद उल-फितर कब है? ईद उल-फित्र का महत्व क्या है? आइए जानते हैं इस बारे में-
साल 2026 में ईद कब है?
इस्लामिक धर्म के अनुसार, ईद की तारीख हर साल शव्वाल का चांद देखने के बाद ही तय की जाती है. इसलिए पहले से कुछ कह पाना शायद संभव नहीं होगा. अगर चांद 19 तारीख को दिखा तो ईद उल फितर 20 मार्च को मनाई जाएगी. चांद इस तारीख को न दिखने पर अगले दिन यानी 21 मार्च को ईद मनाई जाएगी. बता दें कि ईद वाला महीना शव्वाल का होता है. इस्लामिक कैलेंडर में शव्वाल दसवां महीना होती है और इसकी शुरुआत ईद उल फितर के साथ ही मानी जाती है. इस्लामी कैलेंडर के प्रत्येक दिन की तरह, अगला दिन उसी दिन की मगरिब की नमाज़ (सूर्यास्त के ठीक बाद) के बाद शुरू होता है. ईद का चांद दिखने के बाद शुरू होती है. इसलिए, रोज़े का आखिरी दिन मगरिब की नमाज़ पर समाप्त होता है.
ईद उल-फ़ितर क्या है?
islamic-relief.org.uk की रिपोर्ट के मुताबिक, ईद अल-फितर मुसलमानों के लिए एक विशेष अवसर है और परिवार और प्रियजनों के साथ जश्न मनाने का समय है. ईद अल-फितर रमज़ान के महीने के अंत का प्रतीक है, जो दुनिया भर के मुसलमानों के लिए एक महीने का उपवास का समय होता है. बता दें कि, शव्वाल की शुरुआत का प्रतीक है , जो इस्लामी (हिजरी) कैलेंडर का दसवां महीना है. इस्लामी (हिजरी) पंचांग में वर्ष में दो दिन ईद नामक उत्सव के लिए समर्पित हैं. ईद उल-फितर प्रत्येक वर्ष रमज़ान महीने के अंत में आती है और ईद अल-अधा इस्लामी वर्ष के अंतिम महीने धुल हिज्जा की 10वीं, 11वीं और 12वीं तारीख को पड़ती है.
ईद अल फितर का क्या महत्व है?
ईद-उल-फितर रमज़ान के महीने के पूरा होने का जश्न परिवार और दोस्तों के साथ मनाने का अवसर है. यह अल्लाह के प्रति खुशी और कृतज्ञता व्यक्त करने का भी एक ज़रिया है, जिन्होंने हमें रमज़ान का महीना उनकी इबादत में बिताने का अवसर दिया. ईद-उल-फितर परिवार के सदस्यों के साथ-साथ पूरे समुदाय के बीच अच्छे संबंध मजबूत करने का भी एक साधन है। ईद के दौरान लोग अपनों से मिलने जाते हैं, उपहार और भोजन साझा करते हैं और सामूहिक रूप से ईद की नमाज अदा करते हैं.
रमजान के महीने में क्या-क्या होता है?
- रमजान माह में लोग सूर्योदय से पहले सेहरी खाकर पूरे दिन रोजा रखते हैं. फिर सूर्यास्त होते ही इफ्तार के साथ रोजा खोला जाता है.
- रमजान के दौरान मुस्लिम कम्युनिटी के लोग 5 वक्त की नमाज जरूर पढ़ते हैं. इसके साथ ही तरावीह की नमाज भी पढ़ी जाती है.
- रमजान के महीने में इस्लाम कम्युनिटी के लोगों के लिए कुरान शरीफ को पढ़ना काफी अच्छा माना जाता है.
- इस दौरान जरूरतमंदों की मदद की जाती है.
- सबसे महत्वपूर्ण बात की रमजान के दिनों में हर एक नेगेटिव चीज से दूर रहा जाता है.