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Falgun Amavasya 2026: फाल्गुन अमावस्या पर क्या करें और क्या ना करें?, पंडित से जानें घर में सुख-शांति के लिए उपाय

Falgun Amavasya 2026: हिंदू धर्म में अमावस्या को बहुत खास दिन माना जाता है. यह दिन पूरी तरह से पूर्वजों या पुरखों के सम्मान के लिए होता है. हर महीने यह तिथि पड़ती है. इसे भौमावती अमावस्या भी कहते हैं.

Written By: Pushpendra Trivedi
Last Updated: 2026-02-17 10:23:16

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Falgun Amavasya 2026: हिंदू धर्म में अमावस्या को बहुत खास दिन माना जाता है. यह दिन पूरी तरह से पूर्वजों या पुरखों के सम्मान के लिए होता है. हर महीने यह तिथि पड़ती है. अमावस्या के दिन कोई भी शुभ काम करने से लोग बचते हैं जैसे गृह प्रवेश, मुंडन, शादी और सगाई. फाल्गुन अमावस्या बेहद खास महत्व रखती है. इस दिन पवित्र गंगा में स्नान, हवन, ब्राह्मणों को भोजन कराना, दान-पुण्य करना और पितृ तर्पण, पितृ पूजा और पिंडदान जैसे धार्मिक काम करने के लिए अच्छे माने जाते हैं. 

मौनी अमावस्या, सोमवती अमावस्या, शनिचरी अमावस्या, कार्तिक अमावस्या, महालय अमावस्या या सर्व पितृ अमावस्या, हरियाली अमावस्या और वट अमावस्या हिंदू धर्म में सबसे पॉपुलर अमावस्या त्योहारों में से कुछ हैं. तो चलिए पंडित रामकुमार द्विवेदी से जानते हैं आज के इस दिन के खास महत्व के बारे में. 

आज का है खास महत्व

पंडित रामकुमार द्विवेदी बताते हैं कि मंगलवार को पड़ने के कारण इसे भौमवती अमावस्या भी कहा जाता है. इस दिन भगवान विष्णु का पूजन करना बहुत ही शुभ माना जाता है. साथ ही पीपल और तुलसी की पूजा भी इस दिन की जाती है. साथ ही शालिग्राम की पूजा करना भी इस दिन होती है. योग और ध्यान के लिए यह दिन बहुत ही खास होता है. इस दिन मंदिरों में खास पूजा-अर्चना की जाती है. पंडित जी बताते है कि यह दिन सिर्फ कर्मकांड तक ही सीमित नहीं रहता बल्कि अपने अंदर झांकने के लिए भी बहुत मायने रखता है. 

कब है फाल्गुन अमावस्या?

पंडित रामकुमार द्विवेदी बताते हैं कि फाल्गुन मास की अमावस्या तिथि 16 फरवरी से शाम 05 बजकर 34 पर आरंभ हो गई है और यह 17 फरवरी को शाम 05 बजकर 31 मिनट तक रहेगी. ऐसे में उदयातिथि के अनुसार, फाल्गुन मास की अमावस्या इस साल 17 फरवरी को मनाई जाएगी. इस दिन दान और पितृ तर्पण करना अच्छा माना जाता है. ऐसी मान्यता है कि इस दिन तर्पण करने से पितृ प्रसन्न होते हैं. परिवार में सुख-शांति बनी रहती है. ग्रामीण इलाकों में आज भी कई लोग नदी या तालाब पर जाकर जल अर्पण करते हैं.

क्या करने से बचें?

पंडित रामकुमार द्विवेदी के अनुसार, आज के दिन कुछ चीजों से लोगों को बचना चाहिए. बाल, नाखून नहीं काटने चाहिए. तामसिक भोजन जैसे मांस, शराब आदि का सेवन नहीं करना चाहिए. तुलसी, बेलपत्र तोड़ने से बचना चाहिए और घर में विवाद से बचना चाहिए. बड़ों का अनादर नहीं करना चाहिए और दिन में सोने से बचना चाहिए. भगवान का नाम लेते रहने से सारे कष्ट दूर होते हैं.

नोट- यह लेख सिर्फ धार्मिक मान्याताओं और विभिन्न स्त्रोतों पर आधारित है. हमारा मकसद सिर्फ जानकारी देना है. इंडिया न्यूज किसी तरह के अंधविश्वास को बढ़ावा नहीं देता है. हम तथ्यों की पुष्टि नहीं करते हैं.

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Written By: Pushpendra Trivedi
Last Updated: 2026-02-17 10:23:16

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