Jwalamukhi Yog 2026 Date: सनातन धर्म में व्रत-त्योहारों की तरह ही योग-संयोगों का भी विशेष महत्व होते हैं. इनका जिक्र भी ज्योतिष शास्त्र में प्रमुखता से होता है. हालांकि, कुछ योग शुभ और फलदायी होते हैं, तो वहीं कुछ योग अशुभ और गलत परिणाम देने वाले होते हैं. इसी महीने एक योग बन रहा है, जिसका प्रभाव अशुभ माना गया है. इसका नाम है ज्वालामुखी योग. यह नाम की तरह ही जीवन में उथल-पुथल कर सकता है. इसलिए इस योग के दौरान कुछ कार्य करने की मनाई होती है. अगर कोई इसकी अनदेखी करता है तो इसके अशुभ परिणाम मिल सकते हैं. अब सवाल है कि आखिर, ज्वालामुखी योग क्यों बनता है? साल 2026 का पहला ज्वालामुखी योग कब बन रहा है?
ज्वालामुखी योग क्यों बनता है?
ज्योतिष गणना के अनुसार, ज्वालामुखी योग का निर्माण कुल 5 तिथियों पर विशेष नक्षत्रों की उपस्थिति पर होता है. जब प्रतिपदा तिथि पर मूल नक्षत्र, पंचमी तिथि पर भरणी नक्षत्र, अष्टमी तिथि पर कृतिका नक्षत्र, नवमी तिथि पर रोहिणी नक्षत्र या फिर दशमी तिथि पर अश्लेषा नक्षत्र हो. इस साल 2026 का पहला ज्वालामुखी योग फरवरी में बनने जा रहा है, जो सुबह से लेकर दोपहर तक रहेगा.
साल 2026 का पहला ज्वालामुखी योग
पंचांग के अनुसार, 24 फरवरी मंगलवार के दिन अष्टमी तिथि सुबह 07:01 ए एम से प्रारंभ हो रही है, वहीं कृत्तिका नक्षत्र प्रात:काल से लेकर दोपहर 03:07 पी एम तक है. ऐसे में साल का पहला ज्वालामुखी योग 24 फरवरी को बन रहा है. यह ज्वालामुखी योग सुबह में 7 बजकर 1 मिनट से दोपहर 3 बजकर 7 मिनट तक है.
साल का दूसरा ज्वालामुखी योग
साल के दूसरे ज्वालामुखी योग की बात करें तो, 25 फरवरी को सुबह में 04:51 ए एम से बन रहा है और दोपहर में 01:38 पी एम तक है. इस दिन नवमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र के संयोग से ज्वालामुखी योग बना है. ज्योतिषविद् कहते हैं इस दौरान कोई शुभ कार्य करने से बचना चाहिए.
ज्वालामुखी योग में क्या करने से बचें?
- जब ज्वालामुखी योग होता है तो उस समय में गृह प्रवेश, विवाह, सगाई, उपनयन संस्कार आदि नहीं करते हैं. यह अशुभ फलदायी होता है.
ज्वालामुखी योग में नए काम या बिजनेस की शुरुआत न करें. - ज्वालामुखी योग के समय मकान, दुकान, वाहन या अन्य प्रॉपर्टी की खरीदारी करने से बचना चाहिए.
- इस अशुभ योग में नए मकान के निर्माण का शुभारंभ भी नहीं करना चाहिए.
- जन्म और मृत्यु किसी के हाथ में नहीं है. लेकिन ज्वालामुखी योग में जिनका जन्म होता है, उनको सेहत से जुड़ी समस्याएं सामान्य लोगों की तुलना में अधिक हो सकती हैं.